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Amethi News: ऋण योजनाओं से स्वरोजगार में मिलेगी मदद
Mon, 02 Feb 2026 12:25 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 02 Feb 2026 12:25 AM IST
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गौरीगंज के कटरालागंज में बजट पर चर्चा करतीं महिलाएं। संवाद
अमेठी सिटी। केंद्र सरकार की ओर से रविवार को पेश आम बजट को लेकर गौरीगंज के कटरालालगंज वार्ड में विभिन्न वर्गों की महिलाओं के बीच चर्चा में शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार, महंगाई और महिला सशक्तीकरण को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आईं। महिलाओं ने बजट को लेकर अपनी उम्मीदों के साथ कुछ सवाल भी उठाए।
कवियत्री डॉ. अर्चना शुक्ल ओजस्वी ने कहा कि बजट में शिक्षा, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की भावना झलकती है। योजनाओं का सही क्रियान्वयन हुआ तो समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। गृहणी सरोज सिंह का कहना है कि बजट में महिलाओं के स्वरोजगार पर ध्यान देना सराहनीय है, लेकिन रसोई से जुड़ी महंगाई पर और ठोस कदम उठाए जाने चाहिए थे। व्यवसायी बबिता सिंह ने बजट को छोटे कारोबारियों के लिए अवसर देने वाला बताया। उनका कहना है कि एमएसएमई और ऋण योजनाओं से महिलाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी।
शिक्षिका मिथिलेश पांडेय ने शिक्षा और कौशल विकास पर जोर को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। व्यापारी सीता सिंह का कहना है कि बजट से बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन टैक्स प्रक्रिया को और सरल किया जाना चाहिए। शिक्षिका प्रिया शुक्ला ने कहा कि महिलाओं और युवतियों के लिए शिक्षा व प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाएं भविष्य के लिए उपयोगी साबित होंगी। गृहणी अमिता सिंह ने बजट को मध्यम वर्ग के लिए संतुलित बताया, जबकि आंचल सिंह का कहना है कि रोजगार और स्वरोजगार पर फोकस से गांव और शहर दोनों जगह लाभ मिलेगा। महिलाओं और अन्य वर्गों ने बजट को उम्मीदों से भरा बताया, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सबसे अहम बताया।
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कवियत्री डॉ. अर्चना शुक्ल ओजस्वी ने कहा कि बजट में शिक्षा, संस्कृति और आत्मनिर्भर भारत की भावना झलकती है। योजनाओं का सही क्रियान्वयन हुआ तो समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। गृहणी सरोज सिंह का कहना है कि बजट में महिलाओं के स्वरोजगार पर ध्यान देना सराहनीय है, लेकिन रसोई से जुड़ी महंगाई पर और ठोस कदम उठाए जाने चाहिए थे। व्यवसायी बबिता सिंह ने बजट को छोटे कारोबारियों के लिए अवसर देने वाला बताया। उनका कहना है कि एमएसएमई और ऋण योजनाओं से महिलाओं को खुद का व्यवसाय शुरू करने में मदद मिलेगी।
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शिक्षिका मिथिलेश पांडेय ने शिक्षा और कौशल विकास पर जोर को सकारात्मक बताते हुए कहा कि इससे युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे। व्यापारी सीता सिंह का कहना है कि बजट से बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन टैक्स प्रक्रिया को और सरल किया जाना चाहिए। शिक्षिका प्रिया शुक्ला ने कहा कि महिलाओं और युवतियों के लिए शिक्षा व प्रशिक्षण से जुड़ी योजनाएं भविष्य के लिए उपयोगी साबित होंगी। गृहणी अमिता सिंह ने बजट को मध्यम वर्ग के लिए संतुलित बताया, जबकि आंचल सिंह का कहना है कि रोजगार और स्वरोजगार पर फोकस से गांव और शहर दोनों जगह लाभ मिलेगा। महिलाओं और अन्य वर्गों ने बजट को उम्मीदों से भरा बताया, लेकिन इसके प्रभावी क्रियान्वयन को सबसे अहम बताया।
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