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Amethi News: रामकथा सुनने से शुद्ध होता है मन
Fri, 07 Nov 2025 01:06 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 07 Nov 2025 01:06 AM IST
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गौरीगंज के नेमधर पंडित गांव में श्रीराम कथा सुनतीं महिलाएं। संवाद
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अमेठी। गौरीगंज के पूरे नेमधर पंडित गांव में आयोजित श्रीराम कथा के छठे दिन बृहस्पतिवार को उज्जैन के महामृत्युंजय महाकाल लोक पीठाधीश्वर स्वामी प्रणवपुरी महाराज ने कहा कि रामकथा सुनने से मन शुद्ध होता है। अहंकार मिटता है और जीवन में शांति व मुक्ति की प्राप्ति होती है। जब ज्ञान का प्रकाश अंतःकरण में प्रवेश करता है, तब भ्रम और संशय स्वतः दूर हो जाते हैं।
प्रवाचक ने कहा कि भगवान श्रीराम के चरित्र से जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है। जो व्यक्ति श्रद्धा से रामकथा सुनता है, उसके जीवन के संकट समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर भक्त को नित्य राम नाम का जप करना चाहिए। हनुमानजी की भक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके हृदय में केवल श्रीराम और सीता का ही वास था।
प्रवचन के दौरान उन्होंने बताया कि राजा दशरथ के निधन पर गुरू वशिष्ठ ने भरत को उपदेश दिया था। हानि-लाभ, जीवन-मरण, यश-अपयश विधि हाथ। मनुष्य को हर परिस्थिति में धैर्य बनाए रखना चाहिए। प्रवाचक ने कहा कि भरत ने सती प्रथा को समाप्त कर समाज को मानवता का नया संदेश दिया। इस मौके पर जितेंद्र विजय, मुन्ना सिंह, रामप्रसाद मिश्र, केशव सिंह, देव कुमार, डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी, डॉ. प्रदीप तिवारी, यज्ञ नारायण उपाध्याय, पूर्व विधायक राधेश्याम कनौजिया, लाल मोहम्मद राईन और डॉ. त्रिवेणी सिंह आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने कहा कि भगवान श्रीराम के चरित्र से जीवन की कठिनाइयों का सामना करने की प्रेरणा मिलती है। जो व्यक्ति श्रद्धा से रामकथा सुनता है, उसके जीवन के संकट समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि हर भक्त को नित्य राम नाम का जप करना चाहिए। हनुमानजी की भक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके हृदय में केवल श्रीराम और सीता का ही वास था।
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प्रवचन के दौरान उन्होंने बताया कि राजा दशरथ के निधन पर गुरू वशिष्ठ ने भरत को उपदेश दिया था। हानि-लाभ, जीवन-मरण, यश-अपयश विधि हाथ। मनुष्य को हर परिस्थिति में धैर्य बनाए रखना चाहिए। प्रवाचक ने कहा कि भरत ने सती प्रथा को समाप्त कर समाज को मानवता का नया संदेश दिया। इस मौके पर जितेंद्र विजय, मुन्ना सिंह, रामप्रसाद मिश्र, केशव सिंह, देव कुमार, डॉ. धर्मेंद्र त्रिपाठी, डॉ. प्रदीप तिवारी, यज्ञ नारायण उपाध्याय, पूर्व विधायक राधेश्याम कनौजिया, लाल मोहम्मद राईन और डॉ. त्रिवेणी सिंह आदि मौजूद रहे।
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