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Amethi News: कोटे की दुकान में कम मिला राशन, टीम से अभद्रता
Sun, 29 Jun 2025 12:45 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 29 Jun 2025 12:45 AM IST
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अमेठी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत आवंटित राशन में अनियमितता और कालाबाजारी की शिकायत पर शनिवार को शिवगढ़ ब्लॉक के जलालपुर गांव स्थित उचित दर दुकान पर रसद विभाग की टीम ने छापा मारा। जांच में दुकान पर निर्धारित मात्रा से करीब 100 क्विंटल कम चावल और गेहूं मिला। संचालक से जब सवाल पूछे गए तो उसने जांच टीम के साथ अभद्रता की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस बल मौके पर बुलाया गया।
दुकान का संचालन स्वामी परमहंस स्वयं सहायता समूह कर रहा है। शिकायत थी कि अंत्योदय कार्डधारकों को मिलने वाले 35 किलो और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो राशन सही मात्रा में नहीं मिल रहा है। उपभोक्ताओं को आधा या उससे कम राशन दिया जाता रहा। शनिवार को जब जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत, पूर्ति निरीक्षक शुभम सिंह व सुषमा सिंह और नायब तहसीलदार अमेठी के साथ जांच टीम गांव पहुंची तो स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजिका और अन्य दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई। जांच में चावल और गेहूं की बोरियों की संख्या कम पाई गई।
मौके पर मौजूद लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें अक्सर तय मात्रा से कम राशन मिलता है और कई बार दुकान समय से नहीं खुलती। टीम के अधिकारियों ने जब संचालक से स्टॉक की गड़बड़ी को लेकर जवाब मांगा तो वह नाराज हो गया और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा। स्थिति बिगड़ते देख शिवगढ़ थानाध्यक्ष रवि कुमार सिंह को फोर्स के साथ मौके पर बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
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जांच में यह भी सामने आया कि डोर स्टेप डिलीवरी के जरिए आने वाला राशन कोटेदार कुछ मात्रा में गायब कर देता था और उपभोक्ताओं को कम मात्रा में देता था। मौके पर जो भी राशन बचा था, उसे पास के भीमी गांव के उचित दर दुकान संचालक को सुपुर्द कर दिया गया, जिससे वितरण में कोई बाधा न आए।
ग्रामीणों की मांग, हो सख्त कार्रवाई
ग्रामीणों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि लंबे समय से राशन वितरण में लापरवाही हो रही थी। कभी दुकान नहीं खुलती थी तो कभी कम राशन दिया जाता था। कई बार शिकायतें करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार को हुई छापेमारी से उन्हें थोड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कोटेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उसकी दुकान की पात्रता समाप्त की जाए, ताकि भविष्य में कोई और लाभार्थियों के साथ इस तरह का खिलवाड़ न कर सके।
डीएम को सौंपी रिपोर्ट
डीएसओ शशिकांत ने बताया कि संचालक की अभद्रता और स्टॉक में गड़बड़ी को लेकर पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी संजय चौहान को सौंप दी गई है। डीएम से अनुमोदन मिलते ही संबंधित कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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दुकान का संचालन स्वामी परमहंस स्वयं सहायता समूह कर रहा है। शिकायत थी कि अंत्योदय कार्डधारकों को मिलने वाले 35 किलो और पात्र गृहस्थी कार्डधारकों को प्रति यूनिट पांच किलो राशन सही मात्रा में नहीं मिल रहा है। उपभोक्ताओं को आधा या उससे कम राशन दिया जाता रहा। शनिवार को जब जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत, पूर्ति निरीक्षक शुभम सिंह व सुषमा सिंह और नायब तहसीलदार अमेठी के साथ जांच टीम गांव पहुंची तो स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजिका और अन्य दस्तावेजों की गहनता से जांच की गई। जांच में चावल और गेहूं की बोरियों की संख्या कम पाई गई।
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मौके पर मौजूद लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें अक्सर तय मात्रा से कम राशन मिलता है और कई बार दुकान समय से नहीं खुलती। टीम के अधिकारियों ने जब संचालक से स्टॉक की गड़बड़ी को लेकर जवाब मांगा तो वह नाराज हो गया और अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगा। स्थिति बिगड़ते देख शिवगढ़ थानाध्यक्ष रवि कुमार सिंह को फोर्स के साथ मौके पर बुलाया गया। पुलिस की मौजूदगी में स्थिति पर नियंत्रण पाया गया।
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जांच में यह भी सामने आया कि डोर स्टेप डिलीवरी के जरिए आने वाला राशन कोटेदार कुछ मात्रा में गायब कर देता था और उपभोक्ताओं को कम मात्रा में देता था। मौके पर जो भी राशन बचा था, उसे पास के भीमी गांव के उचित दर दुकान संचालक को सुपुर्द कर दिया गया, जिससे वितरण में कोई बाधा न आए।
ग्रामीणों की मांग, हो सख्त कार्रवाई
ग्रामीणों ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि लंबे समय से राशन वितरण में लापरवाही हो रही थी। कभी दुकान नहीं खुलती थी तो कभी कम राशन दिया जाता था। कई बार शिकायतें करने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। शनिवार को हुई छापेमारी से उन्हें थोड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि कोटेदार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर उसकी दुकान की पात्रता समाप्त की जाए, ताकि भविष्य में कोई और लाभार्थियों के साथ इस तरह का खिलवाड़ न कर सके।
डीएम को सौंपी रिपोर्ट
डीएसओ शशिकांत ने बताया कि संचालक की अभद्रता और स्टॉक में गड़बड़ी को लेकर पूरी रिपोर्ट जिलाधिकारी संजय चौहान को सौंप दी गई है। डीएम से अनुमोदन मिलते ही संबंधित कोटेदार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।