{"_id":"66ac028cdbe7de79e101cce4","slug":"kidney-and-liver-tests-stalled-in-the-district-hospital-amethi-news-c-96-1-ame1002-123072-2024-08-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amethi News: जिला अस्पताल में किडनी और लिवर की जांच ठप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amethi News: जिला अस्पताल में किडनी और लिवर की जांच ठप
Fri, 02 Aug 2024 03:17 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Fri, 02 Aug 2024 03:17 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमेठी सिटी। जिला अस्पताल में खून की जांच करने वाली बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन बृहस्पतिवार को अचानक खराब हो गई है। इससे अस्पताल में किडनी और लिवर की जांच बंद हो गई है। करीब 60 से 80 मरीजों को मायूस होकर लौटना पड़ा।
किडनी, लीवर से जुड़ी जांचें नहीं होने से मरीजों को निजी पौथोलॉजी का सहारा लेना पड़ा। वहीं, सेमी ऑटो एनालाइजर मशीन से सीबीसी सहित अन्य जांचें कर मरीजों को आंशिक राहत दी गई है।
जिला अस्पताल में रोचाना 100 से अधिक मरीज खून की जांच कराने के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि मशीन की क्षमता केवल 50 तक है। नमूने अधिक आने के कारण आए दिन मशीन में तकनीकी खराबी हो रही है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की लैब में लगी ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन में एक बार फिर तकनीकी खराबी आ गई।
विज्ञापन
मशीन खराब होने से औसतन रोज होने वाली करीब 60-80 मरीजों की जांचें भी नहीं हो सकीं। इस मशीन से एलएफटी (लिवर संबंधी कई जांचें), आरएफटी (किडनी), टोटल लिपिड प्रोफाइल (कॉलेस्ट्रोल), सीआरपी (बच्चों के इंफेक्शन की जांच), फास्टिंग व पीपी- (डायबिटीज की जांच) सहित कई तरह की जांचें होती हैं। मशीन की खराबी से मरीजों को बिना जांच के लौटना पड़ा। कई मरीजों को निजी अस्पतालों में बनी लैब में किडनी और लीवर की जांचों में 13-13 सौ रुपये खर्च करने पड़े।
एक और मशीन की मांग की गई
मशीन खराब हो गई है, जिसका उपकरण लखनऊ से इंजीनियर अपने साथ लेकर आएंगे। मशीन ठीक कराकर शुक्रवार से जांच शुरू करा दी जाएगी। जांच प्रभावित न हो इसके लिए शासन से एक ओर मशीन की मांग भी की गई है।
- डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल, सीएमएस
विज्ञापन
किडनी, लीवर से जुड़ी जांचें नहीं होने से मरीजों को निजी पौथोलॉजी का सहारा लेना पड़ा। वहीं, सेमी ऑटो एनालाइजर मशीन से सीबीसी सहित अन्य जांचें कर मरीजों को आंशिक राहत दी गई है।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में रोचाना 100 से अधिक मरीज खून की जांच कराने के लिए पहुंच रहे हैं, जबकि मशीन की क्षमता केवल 50 तक है। नमूने अधिक आने के कारण आए दिन मशीन में तकनीकी खराबी हो रही है। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल की लैब में लगी ऑटोमेटिक बायोकेमिस्ट्री एनालाइजर मशीन में एक बार फिर तकनीकी खराबी आ गई।
विज्ञापन
मशीन खराब होने से औसतन रोज होने वाली करीब 60-80 मरीजों की जांचें भी नहीं हो सकीं। इस मशीन से एलएफटी (लिवर संबंधी कई जांचें), आरएफटी (किडनी), टोटल लिपिड प्रोफाइल (कॉलेस्ट्रोल), सीआरपी (बच्चों के इंफेक्शन की जांच), फास्टिंग व पीपी- (डायबिटीज की जांच) सहित कई तरह की जांचें होती हैं। मशीन की खराबी से मरीजों को बिना जांच के लौटना पड़ा। कई मरीजों को निजी अस्पतालों में बनी लैब में किडनी और लीवर की जांचों में 13-13 सौ रुपये खर्च करने पड़े।
एक और मशीन की मांग की गई
मशीन खराब हो गई है, जिसका उपकरण लखनऊ से इंजीनियर अपने साथ लेकर आएंगे। मशीन ठीक कराकर शुक्रवार से जांच शुरू करा दी जाएगी। जांच प्रभावित न हो इसके लिए शासन से एक ओर मशीन की मांग भी की गई है।
- डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल, सीएमएस