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Amethi News: 27.8 हेक्टेयर भूमि पर 176 करोड़ से बनेगी जिला जेल
Sun, 02 Apr 2023 11:47 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 02 Apr 2023 11:47 PM IST
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गौरीगंज (अमेठी)। अमेठी में जिला कारागार की स्थापना को शासन की मंजूरी मिल गई है। अमेठी में 27.8 हेक्टेयर भूमि पर बनने वाले 990 कैदी की क्षमता वाले कारागार निर्माण के लिए शासन से 176 करोड़ का बजट स्वीकृत हो गया है। इसके बाद 25 करोड़ रुपए की पहली किस्त जारी करते हुए लोक निर्माण विभाग अयोध्या को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। कारागार की स्थापना होने के बाद लोगों को सुल्तानपुर व रायबरेली की दौड़ नहीं लगानी होगी। अमेठी जिले का गठन एक जुलाई 2010 को हुआ था। जिले में रायबरेली की तिलोई व सलोन तो सुल्तानपुर की अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना तहसीलों को शामिल किया गया था। 2012 में आई सपा सरकार ने सलोन को पुन: रायबरेली में शामिल करते हुए जिले का नाम भी छत्रपति शाहू जी महाराज नगर के बजाय अमेठी कर दिया था। जिला स्थायी होने के बाद यहां जिला कारागार बनाने की कवायद शुरू हुई। कवायद के तहत सैंठा रोड स्थित सकरांवा गांव में भूमि चिन्हित की गई। 25.688 हेक्टेयर भूमि का चिन्हांकन कार्य पूरा होने के बाद करीब पांच-छह वर्ष पूर्व भूमि क्रय की जा चुकी है।
जेल प्रशासन को 2.12 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज व तालाब की भी दी गई है। भूमि चिन्हांकन व क्रय किए जाने के बाद से जिला कारागार की स्थापना को स्थानीय दर पर अनुमानित लागत का आकलन तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन की ओर से अक्तूबर 2022 में कैबिनेट की मंजूरी भी दी जा चुकी है। मंजूरी के बाद शासन ने जिले में कारागार निर्माण के लिए एक अरब 70 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
स्वीकृति के साथ निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपए की पहली किस्त अवमुक्त करते हुए लोक निर्माण विभाग अयोध्या को कार्यदायी संस्था नामित किया है। धनराशि अवमुक्त होने तथा कार्यदायी संस्था नामित होने के बाद जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। निर्माण कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी जेल अधीक्षक सुल्तानपुर को सौंपी गई है।
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बंदियों के परिजनों नहीं लगानी पड़ेगी दौड़
13 वर्ष पूर्व जिले का गठन होने के बावजूद अभी सुल्तानपुर से अलग कर अमेठी में शामिल तीन तहसीलों के रहने वाले कैदी सुल्तानपुर जिला जेल तो रायबरेली से कटकर आई तिलोई तहसील के कैदी रायबरेली जिला जेल में रखे जाते हैं। इतना ही नहीं इन तहसीलों के थानों से होने वाले सभी चालान पुराने जिलों के न्यायालयों में भेजे होते हैं। अमेठी में जेल बनने के बाद कैदियों/बंदियों के परिवारीजनों को उनसे मिलने के लिए दूसरे जिलों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
वर्जन
जारी हुए 25 करोड़ रुपये
गौरीगंज-अठेहा मार्ग पर सकरांवा गांव में जिला कारागार निर्माण के लिए भूमि चिन्हित है। चिन्हित भूमि पर कारागार निर्माण के लिए शासन से 25 करोड़ रुपए अवमुक्त किए जा चुके है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग अयोध्या को देते हुए जेल अधीक्षक सुल्तानपुर को नोडल नामित किया गया है। मानक के अनुसार समय से निर्माण पूरा हो सके इसके लिए निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।
राकेश कुमार मिश्र-डीएम
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जेल प्रशासन को 2.12 हेक्टेयर भूमि ग्राम समाज व तालाब की भी दी गई है। भूमि चिन्हांकन व क्रय किए जाने के बाद से जिला कारागार की स्थापना को स्थानीय दर पर अनुमानित लागत का आकलन तैयार कर शासन को प्रस्ताव भेजा गया था। शासन की ओर से अक्तूबर 2022 में कैबिनेट की मंजूरी भी दी जा चुकी है। मंजूरी के बाद शासन ने जिले में कारागार निर्माण के लिए एक अरब 70 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति प्रदान की है।
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स्वीकृति के साथ निर्माण के लिए 25 करोड़ रुपए की पहली किस्त अवमुक्त करते हुए लोक निर्माण विभाग अयोध्या को कार्यदायी संस्था नामित किया है। धनराशि अवमुक्त होने तथा कार्यदायी संस्था नामित होने के बाद जल्द निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। निर्माण कार्य की निगरानी की जिम्मेदारी जेल अधीक्षक सुल्तानपुर को सौंपी गई है।
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बंदियों के परिजनों नहीं लगानी पड़ेगी दौड़
13 वर्ष पूर्व जिले का गठन होने के बावजूद अभी सुल्तानपुर से अलग कर अमेठी में शामिल तीन तहसीलों के रहने वाले कैदी सुल्तानपुर जिला जेल तो रायबरेली से कटकर आई तिलोई तहसील के कैदी रायबरेली जिला जेल में रखे जाते हैं। इतना ही नहीं इन तहसीलों के थानों से होने वाले सभी चालान पुराने जिलों के न्यायालयों में भेजे होते हैं। अमेठी में जेल बनने के बाद कैदियों/बंदियों के परिवारीजनों को उनसे मिलने के लिए दूसरे जिलों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।
वर्जन
जारी हुए 25 करोड़ रुपये
गौरीगंज-अठेहा मार्ग पर सकरांवा गांव में जिला कारागार निर्माण के लिए भूमि चिन्हित है। चिन्हित भूमि पर कारागार निर्माण के लिए शासन से 25 करोड़ रुपए अवमुक्त किए जा चुके है। निर्माण कार्य की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग अयोध्या को देते हुए जेल अधीक्षक सुल्तानपुर को नोडल नामित किया गया है। मानक के अनुसार समय से निर्माण पूरा हो सके इसके लिए निगरानी की व्यवस्था की जाएगी।
राकेश कुमार मिश्र-डीएम