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Amethi News: एससी सूची में शामिल किया जाए
Tue, 01 Sep 2026 01:08 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 01 Sep 2026 01:08 AM IST
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. अमेठी तहसील में प्रदर्शन करते निषाद समाज के लोग। संवाद
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अमेठी। निषाद वंश की विभिन्न उपजातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने सहित चार सूत्री मांगों को लेकर सोमवार को निषाद समाज के लोगों ने अमेठी तहसील में प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय सचिव केश कुमारी के नेतृत्व में प्रदर्शन के बाद प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने मांगों को केंद्र सरकार और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक पहुंचाने की मांग की।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निषाद वंश से जुड़ी उपजातियों को अलग-अलग राज्यों में अलग आरक्षण व्यवस्था का लाभ मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में इन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग में रखा गया है। इससे समाज को आरक्षण के मामले में विसंगति का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में जातिगत जनगणना के दौरान केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, मंझवार, कश्यप, पुरैहा, माझी और रैकवार जैसी पर्यायवाची जातियों को मंझवार के कॉलम में दर्ज कर कोष्ठक में डीटी अंकित करने की मांग की गई।
निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की मांग भी रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से ज्ञापन को केंद्र सरकार और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक भेजने की मांग की।
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प्रदर्शनकारियों ने कहा कि निषाद वंश से जुड़ी उपजातियों को अलग-अलग राज्यों में अलग आरक्षण व्यवस्था का लाभ मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में इन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग में रखा गया है। इससे समाज को आरक्षण के मामले में विसंगति का सामना करना पड़ रहा है। ज्ञापन में जातिगत जनगणना के दौरान केवट, मल्लाह, निषाद, बिंद, मंझवार, कश्यप, पुरैहा, माझी और रैकवार जैसी पर्यायवाची जातियों को मंझवार के कॉलम में दर्ज कर कोष्ठक में डीटी अंकित करने की मांग की गई।
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निषाद वंश की सभी पर्यायवाची जातियों को अनुसूचित जाति की सूची में शामिल करने की मांग भी रखी गई। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से ज्ञापन को केंद्र सरकार और राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग तक भेजने की मांग की।
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