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मॉकड्रिल में परखी उपचार व्यवस्था की हकीकत
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02 : गौरीगंज : जिला अस्पताल में मॉक ड्रिल के दौरान संक्रमित की जांच करते चिकित्सक।
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। कोविड संक्रमण की संभावित तीसरी लहर में उपचार व्यवस्था की हकीकत को शुक्रवार को मॉकड्रिल में परखा गया। विभाग के संयुक्त निदेशक की मौजूदगी में जिला अस्पताल समेत पांच सीएचसी में मॉकड्रिल के दौरान एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचे संक्रमित को भर्ती कर आक्सीजन व जांच का प्रदर्शन हुआ।
कोविड संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन व बेड की कमी से प्रभावित हुुई उपचार व्यवस्था को संभावित तीसरी लहर के पहले बेहतर बनाने की कोशिशें चल रही हैं। जिला अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर व रेफरल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के साथ पांच सीएचसी पर आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी की गई है।
संभावित तीसरी लहर के पहले शासन के निर्देश पर शुक्रवार को उपचार व बचाव व्यवस्था की हकीकत देखने के लिए मॉकड्रिल किया गया। असैदापुर स्थित जिला अस्पताल में नामित नोडल अफसर संयुक्त निदेशक जावेद अहमद की मौजूदगी में एंबुलेंस से प्रतीक के रूप में एक संक्रमित बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में मौजूद पीपी किट से लैस स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे स्ट्रेचर के माध्यम से वार्ड में शिफ्ट कर ऑक्सीजन मास्क लगाया।
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बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. लईकुज्जमा ने संक्रमित का ऑक्सीजन लेवल, बीपी समेत अन्य जांच करते कोविड सैंपल लेने के साथ उसे उपचार दिया। संयुक्त निदेशक ने सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे, सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद, एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद व डॉ. अभय गोयल तथा स्वास्थ्य कर्मियों को उपचार के दौरान बरती जानी वाली सावधानियों के साथ संक्रमित के बेहतर उपचार के टिप्स दिए।
संयुक्त निदेशक ने तीसरी लहर में संक्रमितों के उपचार के लिए अतिरिक्त बेड आरक्षित करने के साथ ही आइसोलेशन, वेंटिलेटर, एनआईसीयू व पीआईसीयू की व्यवस्था के साथ चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थित सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला अस्पताल के साथ शुक्रवार को ही सीएचसी संग्रामपुर, जगदीशपुर, फुरसतगंज, अमेठी व रेफरल अस्पताल में भी मॉक ड्रिल कर संक्रमितों के उपचार प्रबंध की हकीकत देखी गई।
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कोविड संक्रमण की दूसरी लहर में ऑक्सीजन व बेड की कमी से प्रभावित हुुई उपचार व्यवस्था को संभावित तीसरी लहर के पहले बेहतर बनाने की कोशिशें चल रही हैं। जिला अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर व रेफरल अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लगाने के साथ पांच सीएचसी पर आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयारी की गई है।
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संभावित तीसरी लहर के पहले शासन के निर्देश पर शुक्रवार को उपचार व बचाव व्यवस्था की हकीकत देखने के लिए मॉकड्रिल किया गया। असैदापुर स्थित जिला अस्पताल में नामित नोडल अफसर संयुक्त निदेशक जावेद अहमद की मौजूदगी में एंबुलेंस से प्रतीक के रूप में एक संक्रमित बच्चे को अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में मौजूद पीपी किट से लैस स्वास्थ्य कर्मियों ने उसे स्ट्रेचर के माध्यम से वार्ड में शिफ्ट कर ऑक्सीजन मास्क लगाया।
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बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक डॉ. लईकुज्जमा ने संक्रमित का ऑक्सीजन लेवल, बीपी समेत अन्य जांच करते कोविड सैंपल लेने के साथ उसे उपचार दिया। संयुक्त निदेशक ने सीएमओ डॉ. आशुतोष दुबे, सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद, एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद व डॉ. अभय गोयल तथा स्वास्थ्य कर्मियों को उपचार के दौरान बरती जानी वाली सावधानियों के साथ संक्रमित के बेहतर उपचार के टिप्स दिए।
संयुक्त निदेशक ने तीसरी लहर में संक्रमितों के उपचार के लिए अतिरिक्त बेड आरक्षित करने के साथ ही आइसोलेशन, वेंटिलेटर, एनआईसीयू व पीआईसीयू की व्यवस्था के साथ चिकित्सक व स्वास्थ्य कर्मियों की उपस्थित सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जिला अस्पताल के साथ शुक्रवार को ही सीएचसी संग्रामपुर, जगदीशपुर, फुरसतगंज, अमेठी व रेफरल अस्पताल में भी मॉक ड्रिल कर संक्रमितों के उपचार प्रबंध की हकीकत देखी गई।