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Amethi News: नाम बदलकर चलता रहा अवैध नर्सिंग होम

Mon, 26 Jan 2026 12:22 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Mon, 26 Jan 2026 12:22 AM IST
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Illegal nursing home continues to operate under different names
अमेठी। बिना लाइसेंस के नर्सिंग होम संचालन का मामला गंभीर होता जा रहा है। आशीर्वाद नर्सिंग होम का इतिहास बताता है कि कार्रवाई के बावजूद किस तरह नाम, स्थान और संचालक बदलकर यह अस्पताल वर्षों से संचालित होता रहा।
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स्थानीय लोगों के अनुसार वर्ष 2017 में साकेत पाॅली क्लीनिक दुर्गापुर मार्ग पर संचालित था। उसी दौरान प्रसव के समय एक महिला की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम को सील कर दिया। इसके बाद संचालन शहर के बाईपास पर शुरू किया गया, लेकिन वहां भी कार्रवाई होने पर नर्सिंग होम को अंतू रोड पर शिफ्ट कर दिया गया। यहीं पर इसे आशीर्वाद नर्सिंग होम के नाम से चलाया जाने लगा।
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स्वास्थ्य विभाग ने फरवरी 2021 को विद्याभूषण ओझा के नाम लाइसेंस जारी किया था, लेकिन अनियमितताओं के चलते जून 2024 में यह लाइसेंस निरस्त कर दिया गया। इसके बावजूद दो अगस्त 2024 को एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद की तहरीर पर विद्याभूषण ओझा के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज होने के बाद भी संचालन पूरी तरह बंद नहीं हुआ।
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सूत्रों का दावा है कि महज 27 दिन बाद 29 अगस्त 2024 को उसी स्थान पर श्री आशीर्वाद नर्सिंग होम के नाम से दोबारा लाइसेंस जारी कर दिया गया। जबकि नियमों के अनुसार जिस परिसर में किसी नर्सिंग होम का लाइसेंस निरस्त किया जाता है, वहां पुनः लाइसेंस जारी नहीं किया जा सकता।


बताया जाता है कि पहले आशीर्वाद नर्सिंग होम का लाइसेंस विद्याभूषण ओझा के नाम पर था, जबकि बाद में श्री आशीर्वाद नर्सिंग होम का लाइसेंस उनके पिता जगदंबा ओझा के नाम पर जारी किया गया। अंततः स्वास्थ्य विभाग ने 10 जनवरी 2025 को इस लाइसेंस को भी निरस्त कर दिया। इसके बावजूद हैरानी की बात यह है कि एक साल बीत जाने के बाद भी नर्सिंग होम का संचालन खुलेआम जारी है। सूत्रों का कहना है कि यहां हर महीने बड़ी संख्या में सिजेरियन प्रसव कराए जा रहे हैं और कई मामलों में बिना मान्यता प्राप्त डिग्रीधारी चिकित्सकों से ऑपरेशन कराए जाते हैं।


हालिया नवजात की मौत का मामला इसी लापरवाही की ओर इशारा करता है। मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सीएमओ डॉ. अंशुमान सिंह ने बताया कि लाइसेंस पोर्टल के माध्यम से आवेदन पर कागजातों की जांच के बाद जारी किया जाता है।




जानकारी होने पर उन्होंने लाइसेंस निरस्त किया था। वर्तमान में मजिस्ट्रेट टीम जांच कर रही है। नर्सिंग होम का संचालन गलत तरीके से किया जा रहा है और जांच रिपोर्ट के आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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