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Amethi News: 20 बार दिया प्रार्थना पत्र, मगर समाधान नहीं
Tue, 19 Aug 2025 12:38 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 19 Aug 2025 12:38 AM IST
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गौरीगंज तहसील में शिकायत करने पहुंचे फरियादी।-संवाद
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अमेठी सिटी। कृष्ण जन्माष्टमी पर शनिवार को अवकाश होने के चलते सोमवार को गौरीगंज तहसील मुख्यालय पर संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। डीएम संजय चौहान और एसपी अपर्णा रजत कौशिक की अगुवाई में अफसरों ने लोगों की समस्याएं सुनीं। सबसे अधिक प्रकरण राजस्व के आए। बार-बार चक्कर लगाने के बावजूद शिकायतों का निस्तारण न होने से फरियादी परेशान दिखे।
जिले की चार तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस में 61 शिकायतें आईं। इसमें से केवल 11 शिकायतों का ही निस्तारण अधिकारियों की ओर से किया गया। गौरीगंज में 18 शिकायतों में केवल चार का निस्तारण हुआ। तिलोई में 31 शिकायतों में तीन, मुसाफिरखाना में 17 में दो व अमेठी में 25 शिकायतों में केवल दो का ही निराकरण हो सका।
गौरीगंज के सुभावतपुर गांव के तेजभान ने बताया कि उनकी जमीन पूरे चितई गौरा में है। खतौनी में उनके पिता का नाम गलत दर्ज है। इसको सही कराने के लिए वह 10 वर्ष से लगातार अधिकारियों के पास दौड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक नाम सही नहीं हो पाया है। तेजभान बेहद हताश और परेशान दिखे। गौरीगंज के अमिया के रहने वाले सुद्धू ने बताया कि दो वर्ष पहले उनकी जमीन की पैमाइश हुई थी, लेकिन पत्थर नहीं लगे थे। पत्थरनसब के लिए के लगातार दो साल से दौड़ रहे हैं। अब तक 20 बार प्रार्थना पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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गौरीगंज के कटरा लालगंज के रामदेव मिश्र ने बताया कि उनकी जमीन असैदापुर गांव में है। जमीन का कुछ विवाद था, जिसमें लेखपाल की गलत रिपोर्ट के कारण समस्या हो रही है। इसे सही कराने के लिए तीन बार शिकायती पत्र दिया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बार भी आश्वासन ही मिला है। गौरीगंज के नेवादा किशुनगढ़ के रहने वाले रामपाल ने बताया कि गांव में पाइपलाइन डाली गई थी। इसके लिए गांव के खड़ंजे को खोद दिया गया था। काम खत्म हुए दो महीने से हो गए हैं, लेकिन खड़ंजा दुरुस्त नहीं कराया गया है। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है।
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जिले की चार तहसीलों में आयोजित समाधान दिवस में 61 शिकायतें आईं। इसमें से केवल 11 शिकायतों का ही निस्तारण अधिकारियों की ओर से किया गया। गौरीगंज में 18 शिकायतों में केवल चार का निस्तारण हुआ। तिलोई में 31 शिकायतों में तीन, मुसाफिरखाना में 17 में दो व अमेठी में 25 शिकायतों में केवल दो का ही निराकरण हो सका।
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गौरीगंज के सुभावतपुर गांव के तेजभान ने बताया कि उनकी जमीन पूरे चितई गौरा में है। खतौनी में उनके पिता का नाम गलत दर्ज है। इसको सही कराने के लिए वह 10 वर्ष से लगातार अधिकारियों के पास दौड़ रहे हैं, लेकिन अभी तक नाम सही नहीं हो पाया है। तेजभान बेहद हताश और परेशान दिखे। गौरीगंज के अमिया के रहने वाले सुद्धू ने बताया कि दो वर्ष पहले उनकी जमीन की पैमाइश हुई थी, लेकिन पत्थर नहीं लगे थे। पत्थरनसब के लिए के लगातार दो साल से दौड़ रहे हैं। अब तक 20 बार प्रार्थना पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
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गौरीगंज के कटरा लालगंज के रामदेव मिश्र ने बताया कि उनकी जमीन असैदापुर गांव में है। जमीन का कुछ विवाद था, जिसमें लेखपाल की गलत रिपोर्ट के कारण समस्या हो रही है। इसे सही कराने के लिए तीन बार शिकायती पत्र दिया है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस बार भी आश्वासन ही मिला है। गौरीगंज के नेवादा किशुनगढ़ के रहने वाले रामपाल ने बताया कि गांव में पाइपलाइन डाली गई थी। इसके लिए गांव के खड़ंजे को खोद दिया गया था। काम खत्म हुए दो महीने से हो गए हैं, लेकिन खड़ंजा दुरुस्त नहीं कराया गया है। इससे आवागमन में परेशानी हो रही है।