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Amethi News: गर्मी ने बढ़ाई बीमारी, केएमसी और एसएनसीयू वार्ड फुल
Tue, 10 Jun 2025 12:15 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 10 Jun 2025 12:15 AM IST
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जिला अस्पताल के एनआरसी वार्ड में भर्ती बच्चों के साथ उनके तीमारदार। संवाद।
अमेठी सिटी। तपिश के साथ पड़ रही उमस भरी गर्मी बच्चों में बीमारी बढ़ा रही है। जिला अस्पताल की ओपीडी में हर दिन औसतन 100 बच्चे उल्टी-दस्त, पेट दर्द व बुखार की शिकायत के साथ इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। इससे एसएनसीयू और केएमसी वार्ड फुल हो गए हैं। बेड खाली न होने से बच्चों को कुपोषित पुनर्वास केंद्र तक में भर्ती करना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में सोमवार को 130 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। इनमें ज्यादातर एक माह से लेकर पांच वर्ष तक की आयु के थे। एनआरसी वार्ड में सभी नौ बेड पर पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे भर्ती मिले। एसएनसीयू में सभी 12 वार्मर बेडों पर नवजात बच्चों का इलाज हो रहा है। इसके अलावा केएमसी के दो वार्डों के 15 बेड भी बीमार बच्चों के कारण फुल मिले।
बोतल के बजाय कटाेरी चम्मच से पिलाएं दूध : बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक-उज-जमा ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण 10 वर्ष तक के बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं। उनमें तेज बुखार, पेट में दर्द और उल्टी-दस्त की तकलीफ बढ़ी है।
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गंभीर बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बताया कि बीमारी से बचाने के लिए छोटे बच्चों को दूध बोतल के बजाय कटोरी चम्मच से पिलाएं। साथ ही उन्हें ताजा भोजन के साथ पानी की ज्यादा मात्रा वाले फलों का सेवन भी कराएं। अपील की कि धूप में सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर चार बजे तक बच्चों को घर से बाहर न निकलने देें।
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जिला अस्पताल के बाल रोग विभाग की ओपीडी में सोमवार को 130 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। इनमें ज्यादातर एक माह से लेकर पांच वर्ष तक की आयु के थे। एनआरसी वार्ड में सभी नौ बेड पर पांच वर्ष से कम आयु के बच्चे भर्ती मिले। एसएनसीयू में सभी 12 वार्मर बेडों पर नवजात बच्चों का इलाज हो रहा है। इसके अलावा केएमसी के दो वार्डों के 15 बेड भी बीमार बच्चों के कारण फुल मिले।
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बोतल के बजाय कटाेरी चम्मच से पिलाएं दूध : बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. लईक-उज-जमा ने बताया कि मौसम में बदलाव के कारण 10 वर्ष तक के बच्चे ज्यादा बीमार हो रहे हैं। उनमें तेज बुखार, पेट में दर्द और उल्टी-दस्त की तकलीफ बढ़ी है।
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गंभीर बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है। बताया कि बीमारी से बचाने के लिए छोटे बच्चों को दूध बोतल के बजाय कटोरी चम्मच से पिलाएं। साथ ही उन्हें ताजा भोजन के साथ पानी की ज्यादा मात्रा वाले फलों का सेवन भी कराएं। अपील की कि धूप में सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर चार बजे तक बच्चों को घर से बाहर न निकलने देें।