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Amethi News: स्टेमी केयर से दिल के मरीजों को अब मिलेगा तुरंत उपचार
Sun, 20 Jul 2025 12:57 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 20 Jul 2025 12:57 AM IST
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जिला अस्पताल में यूपी स्टेमी केयर सुविधा के शुभारंभ पर मरीज की ईसीजी करते चिकित्सक व कर्मी। सं
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अमेठी सिटी। दिल के मरीजों के लिए मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल सहित दो सीएचसी पर यूपी स्टेमी केयर सुविधा शनिवार से शुरू हो गई। इन अस्पतालों में एसजीपीजीआई लखनऊ के विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में हृदय रोगियों का प्राथमिक उपचार होगा। अस्पतालों में बने स्टेमी केयर कक्ष में एक घंटे की देखरेख के बाद जरूरत पड़ने पर मरीज को बेहतर इलाज के लिए एसजीपीजीआई रेफर किया जाएगा। ऐसे मरीजों को यहां बेड के लिए भी परेशान नहीं होना पड़ेगा।
मेडिकल कॉलेज तिलोई और जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग नहीं है। ऐसे में हृदय रोगियों को इलाज के लिए निजी अस्पताल या फिर हायर सेंटर जाना पड़ता है। अब यूपी स्टेमी केयर की सुविधा ऐसे पीड़ित मरीजों को मिलेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह सुविधा मेडिकल कॉलेज तिलोई, जिला अस्पताल, सीएचसी जगदीशपुर और फुरसतगंज में शुरू हुई है। इसके लिए चारों अस्पतालों में तैनात एक-एक चिकित्सक को पूर्व में ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि स्टेमी हार्ट अटैक के दौरान हृदय की मांसपेशियों को रक्त पहुंचाने वाली मुख्य धमनियों में से एक पूरी तरह से बंद हो जाती है। इसकी वजह से हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति नहीं मिल पाती है। इससे हृदय की मांसपेशियों को काफी नुकसान पहुंचता है। यह एक आपातकालीन स्थिति होती है, जिसमें लिए तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है।
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मेडिकल कॉलेज तिलोई और जिला अस्पताल में कार्डियोलॉजी विभाग नहीं है। ऐसे में हृदय रोगियों को इलाज के लिए निजी अस्पताल या फिर हायर सेंटर जाना पड़ता है। अब यूपी स्टेमी केयर की सुविधा ऐसे पीड़ित मरीजों को मिलेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह सुविधा मेडिकल कॉलेज तिलोई, जिला अस्पताल, सीएचसी जगदीशपुर और फुरसतगंज में शुरू हुई है। इसके लिए चारों अस्पतालों में तैनात एक-एक चिकित्सक को पूर्व में ही प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने बताया कि स्टेमी हार्ट अटैक के दौरान हृदय की मांसपेशियों को रक्त पहुंचाने वाली मुख्य धमनियों में से एक पूरी तरह से बंद हो जाती है। इसकी वजह से हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन और पोषक तत्वों की आपूर्ति नहीं मिल पाती है। इससे हृदय की मांसपेशियों को काफी नुकसान पहुंचता है। यह एक आपातकालीन स्थिति होती है, जिसमें लिए तुरंत उपचार की आवश्यकता होती है।
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