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Amethi News: सेफ्टी बेल्ट व हेलमेट होता तो शायद बच जाती ठेकेदार की जान

Sat, 09 Mar 2024 01:56 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sat, 09 Mar 2024 01:56 AM IST
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Had he had a safety belt and helmet, the contractor's life might have been saved.
जायस (अमेठी)। जायस कस्बा स्थित राजीव गांधी पेट्रोलियम संस्थान में बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन गर्ल्स हाॅस्टल की पांचवीं मंजिल से गिरकर शटरिंग ठेकेदार मौत के मामले में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करने का मामला सामने आ रहा है। पोस्टमॉर्टम के लिए शव लेकर परिजन पैतृक गांव रवाना हो गए। परिजनों ने कोई तहरीर नहीं दी है। फिलहाल परिजनों का मौखिक आरोप है कि यदि सुरक्षा नियमों का पालन हुआ होता तो शायद जान बच जाती। जौनपुर जिले के नदियापार गांव निवासी अरुण कुमार यादव (40) की जायस स्थित राजीव गांधी पेट्रोलियम संस्थान में निर्माणाधीन गर्ल्स हॉस्टल भवन के पाचवें मंजिले की शटरिंग का निरीक्षण करने के दौरान गिरने बृहस्पतिवार को मौत हो गई। मौत की सूचना पर रात में पहुंचे परिजनों ने नामित कार्यदाई संस्था पर लापरवाही बरतने व कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों व प्रबंधों की व्यवस्था नहीं करने का आरोप लगाया।
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परिजन व कार्यदाई संस्था के जिम्मेदारों के बीच रात से लेकर सुबह तक कई दौर की वार्ता हुई। हालांकि दोनों पक्षों में हुई बातचीत सार्वजनिक नहीं हो सकी है। मृतक के पिता राजेंद्र व भाई अजय यादव ने कहा कि आरजीआईपीटी में करीब डेढ़ वर्ष से कार्य कर रहा था। बताया कि कार्यदाई संस्था की ओर से निर्माण साइड पर सुरक्षा से जुड़े उपकरणों की व्यवस्था नहीं की गई।
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अजय यादव ने कहा कि लापरवाही से उसके भाई की जान गई। अगर बिल्डिंग में सेफ्टी के इंतजाम होते तो यह घटना न होती। साइड पर सेफ्टी व हेलमेट होता और मृतक भाई ने लगाया होता आज उसकी मौत नहीं होती। बतायाकि कंपनी के एमडी ललित गुप्ता से बात हुई है। अंतिम संस्कार के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन शव लेकर गांव रवाना हो गए। एसएचओ रवि कुमार सिंह ने बताया की मृतक के परिजनों की तरफ से अभी तक कोई तहरीर नही मिली है। यदि कोई तहरीर मिलती है तो विधिक कार्यवाही की जाएगी।
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अनाथ हो गए चार बच्चे
बच्चों को अच्छी शिक्षा व परिवार को हर खुशी देने की चाहत में अरुण कुमार बनारस से काम छोड़ कर डेढ़ साल से जायस स्थित आरजीआईपीटी संस्थान में भवन निर्माण की जिम्मेदारी संस्था के शटरिंग का ठेका लेने वाली कंपनी में काम कर रहा था। परिजनों को इस बात का अंदेशा भी नहीं था जायस में काम करने के बाद अरुण अब घर नहीं आएगा। मृतक अरुण की चार संतान है। बेटा अभिषेक (17) व अमित (7) बेटी अंजलि (15) व खुशी (12) का पिता के मौत की सूचना के बाद से रो-रो कर बुरा हाल है। पत्नी उर्मिला पति के गम में बेसुध हो गई है। मृतक के भाई वरुण यादव ने बताया की भाई की मौत से परिवार बिखर गया।


यह होने चाहिए थे सेफ्टी के इंतजाम
साइड इंचार्ज साबरीन अंसारी ने बताया कि नौ मंजिल की महिला छात्रावास का निर्माण होना है। पांचवीं मंजिल पर निर्माण कार्य देखने मृतक अरुण गया था, पैर फिसलने की वजह से हादसा हो गया। सेफ्टी के लिए मजदूरों को सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट व जूता कंपनी की ओर से दिए जाते हैं। चूंकि मृतक ठेकेदार था इसलिए वह इसे नहीं लगाया था। परिजनों से वार्तालाप की जा रही है जो भी मदद होगी, उसे पूरा करेंगे । फिलहाल संस्थान के जिम्मेदार ने तो किसी से मिल रहे है और न ही फोन रिसीव कर रहे है। ऐसे में संस्थान से जुड़ा कोई पक्ष नहीं मिल पा रहा है।
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