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Amethi News: भक्तों की रक्षा के लिए अवतार लेते हैं भगवान
Mon, 03 Feb 2025 12:44 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 03 Feb 2025 12:44 AM IST
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अमेठी। धर्म की स्थापना, भक्तों की रक्षा व पापियों के संहार के लिए परमात्मा अवतार लेते हैं। ये बातें अमेठी के बहोरापुर गांव में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन प्रवाचक श्रीमहाराज ने कृष्ण जन्मोत्सव प्रसंग का वर्णन करते हुए कहीं।
प्रवाचक ने चंद्रवंशी राजाओं की कथा का वर्णन करते हुए वसुदेव-देवकी का विवाह, कंस को आकाशवाणी की चेतावनी, कंस का अपने पिता राजा उग्रसेन एवं देवकी-वसुदेव को कारागार में डालने का प्रसंग सुनाया। बताया कि कंस ने कारागार में देवकी और वसुदेव के पुत्रों की हत्या कर दी। कारागार में आठवें पुत्र के रूप में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ तो तत्काल वसुदेव-देवकी की बेड़ी व जेल के ताले खुल गए और कारागार के पहरेदार सो गए।
वसुदेव भगवान कृष्ण को लेकर आधी रात को उफनाती यमुना को पारकर नंद बाबा के घर गए। जहां उसी दिन जन्मी कन्या को लेकर कारागार आ गए। कारागार पहुंचते ही स्वत: ताले लग गए और पहरेदार जग गए। सूचना पाते ही कंस कारागार पहुंचा और कन्या को जैसे ही मारना चाहा, कन्या छूट कर आकाश मार्ग में चली गई। आकाशवाणी के बाद कंस परेशान हो गया। प्रवाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की सुंदर झांकी का वर्णन किया।
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नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की हाथी-घोड़ा पालकी... आदि भजनों के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही कथा में पूतना उद्धार सहित अन्य प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान राम कृपाल सिंह, डाॅ. अभिनव प्रताप सिंह, अजीत सिंह, दिनेश सिंह, जगदीश सिंह, अमर नाथ सिंह, कृष्ण भगवान यादव आदि मौजूद रहे।
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प्रवाचक ने चंद्रवंशी राजाओं की कथा का वर्णन करते हुए वसुदेव-देवकी का विवाह, कंस को आकाशवाणी की चेतावनी, कंस का अपने पिता राजा उग्रसेन एवं देवकी-वसुदेव को कारागार में डालने का प्रसंग सुनाया। बताया कि कंस ने कारागार में देवकी और वसुदेव के पुत्रों की हत्या कर दी। कारागार में आठवें पुत्र के रूप में जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण का प्राकट्य हुआ तो तत्काल वसुदेव-देवकी की बेड़ी व जेल के ताले खुल गए और कारागार के पहरेदार सो गए।
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वसुदेव भगवान कृष्ण को लेकर आधी रात को उफनाती यमुना को पारकर नंद बाबा के घर गए। जहां उसी दिन जन्मी कन्या को लेकर कारागार आ गए। कारागार पहुंचते ही स्वत: ताले लग गए और पहरेदार जग गए। सूचना पाते ही कंस कारागार पहुंचा और कन्या को जैसे ही मारना चाहा, कन्या छूट कर आकाश मार्ग में चली गई। आकाशवाणी के बाद कंस परेशान हो गया। प्रवाचक ने भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव की सुंदर झांकी का वर्णन किया।
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नंद घर आनंद भयो जय कन्हैया लाल की हाथी-घोड़ा पालकी... आदि भजनों के माध्यम से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके साथ ही कथा में पूतना उद्धार सहित अन्य प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया। इस दौरान राम कृपाल सिंह, डाॅ. अभिनव प्रताप सिंह, अजीत सिंह, दिनेश सिंह, जगदीश सिंह, अमर नाथ सिंह, कृष्ण भगवान यादव आदि मौजूद रहे।