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बेटियों को शिक्षा व कॅरिअर के लिए मिलेगा समय

Tue, 21 Dec 2021 11:21 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 21 Dec 2021 11:21 PM IST
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Girls will get time for education and career
संग्रामपुर (अमेठी)। केंद्र सरकार के बेटियों की शादियों की उम्र बढ़ाए जाने के फैसले से युवतियों में खुशी है। उनका मानना है कि शादी की उम्र 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष करने पर उन्हें शिक्षित होने तथा रोजगार परक होने का समय मिलेगा। यह कानून आने पर उन पर शादी का दबाव नहीं बनाया जा सकेगा।
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लड़कियों की शादी के लिए कानूनी उम्र 21 साल होने की चर्चा तेज हो गई है।
केंद्र सरकार बाल विवाह निषेध कानून 2006 में इस आशय का संशोधन करने के लिए संसद के इसी सत्र में विधेयक ला सकती है। केंद्र सरकार ने बेटियों के शादी की उम्र 18 से बढ़ाकर 21 वर्ष करने का निर्णय किया है। इससे बेटियों पर शादी के लिए दबाव कम होगा। जिससे उन्हें शिक्षा से लेकर रोजगार तक के क्षेत्र में आगे बढ़ने का पर्याप्त मौका मिलेगा।
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बताते चलें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पिछले वर्ष 15 अगस्त को लाल किले पर अपने संबोधन में इसका उल्लेख किया था। कहा था कि बेटियों को कुपोषण से बचाने के लिए आवश्यक है कि उनके विवाह की न्यूनतम उम्र 21 होनी चाहिए जो इस समय 18 वर्ष है। अब सरकार इसे मूर्त रूप देने के लिए बाल विवाह निषेध कानून में संशोधन लाएगी। शादी की उम्र 21 वर्ष किए जाने की केंद्र सरकार की पहल पर युवतियों ने खुशी जताई है।
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बेटियों के पक्ष में फैसला
छात्रा प्रतीक्षा पांडेय के अनुसार शादी की उम्र बढ़ाए जाने का फैसला अच्छा है। इससे उनको उच्च शिक्षा हासिल करने में मदद मिलेगी। 18 वर्ष की उम्र में शादी होने का दबाव घर से बनने लगता है और लड़कियां ससुराल चली जाती हैं। शादी होने के बाद उनकी पढ़ाई बाधित हो जाती है।
पूरा होगा सपना
छात्रा नैंसी पांडेय कहती हैं कि 21 वर्ष में शादी होने का केंद्र सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है। अब युवतियों को घर से जल्दी शादी का दबाव नहीं रहेगा। ऐेसे में वह अच्छे से पढ़ाई कर अपने लक्ष्य और सपनों को पूरा कर सकेंगी।
रूढ़िवादी सोच पर प्रहार
डॉ. प्रेम कुमारी मिश्रा ने कहा कि शादी की उम्र 21 वर्ष करने के सरकार के निर्णय का पूरा सम्मान करती हूं। यह रूढ़िवादी सोच पर कड़ा प्रहार है। इससे बेटियों को उच्च शिक्षा ग्रहण करने में मदद मिलेगी। 18 वर्ष की आयु होते ही परिवार का शादी के लिए दबाव नहीं रहेगा।

आत्मनिर्भर बनने में मिलेगी मदद
क्षेत्र के ब्राइट पर्ल पब्लिक स्कूल की प्रधानाध्यापक कृष्णा मिश्रा कहती हैं कि केंद्र सरकार का यह निर्णय लड़कियों को आत्मनिर्भर बनाने में मदद करेगा। पूर्णत: परिपक्व होने के बाद ही लड़कियां गृहस्थी की जिम्मेदारी संभाल सकती हैं। जल्दी शादी होने से लड़कियां शिक्षा और कॅरिअर पर फोकस नहीं कर पाती हैं।
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