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भारी बारिश में चार मकान ढहे, एक की मौत
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41 : इन्हौना : जीआईसी संपर्क मार्ग पर जमा बरसात का पानी। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। रविवार रात हुई भीषण बरसात ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी। बीती रात अलग-अलग गांवों में बारिश में चार मकान ढह गए। मकान के मलबे में दबकर जहां एक युवक की मौत हो गई वहीं एक अन्य युवती घायल हो गई। बरसात ने खरीफ की फसलों को खासा नुकसान पहुंचाया है। रबी की बोआई भी प्रभावित हुई है।
सितंबर के बाद अक्तूबर माह में पिछले पांच दिनों से शुरू हुई बेमौसम बरसात किसानों की परेशानी का सबब बन चुकी है। सितंबर माह में हुई बरसात के जमे पानी को किसानों ने किसी तरह निकालकर फसल सुरक्षित करने की कोशिश की पर विजय दशमी के एक दिन पहले से शुरू हुई बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही।
रविवार रात भी पूरे जिले में कई घंटे झमाझम बरसात हुई। इससे खेतों में तकरीबन तैयार हो चुकी धान की फसल गिर गई। जलभराव होने से फसल नष्ट होने का अंदेशा है। जमा पानी बार-बार निकालना किसानों के लिए परेशानी का सबब बना है। किसानों के अनुसार कई खेतों में गिर फसल में पानी भर जाने से अंकुरण शुरू हो गया है। इससे नुकसान होना तय है।
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गिरी धान की फसल पानी में डूबी होने से दाने काले पड़ रहे हैं। हरी फसलों में फफूंदी लगने से उत्पादन प्रभावित होगा। इसके साथ ही खरीफ सीजन की फसल तिल, उरद, मूंग व अरहर के नष्ट होने की संभावना से किसान परेशान हैं। इतना ही नहीं आलू, मटर व सरसों की अगेती खेती करने वालों की फसल भी बरसात के बाद जमे पानी की भेंट चढ़ रही है। जो किसान इन फसलों की बोआई करने की तैयारी में थे उन्हें अब लंबा इंतजार करना होगा।
सब्जी की फसल को भारी नुकसान
मौसम वैज्ञानिक अमरनाथ मिश्र का कहना है कि उत्तर भारत में मानसून सीजन सामान्य से अधिक लंबी अवधि तक बना रहा है। इसका खामियाजा सबसे ज्यादा रबी की फसल में विभिन्न प्रकार की साग-भाजी करने वाले किसानों पर पड़ेगा। किसान रामहेत मौर्य बताते हैं कि मेथी, सोया, बथुवा, मटर, टमाटर, गोभी, पत्ता गोभी, मूली, गाजर व चुकंदर की बोआई बरसात और खेतों में जलभराव के चलते अगले 25 दिनों तक संभव नहीं है।
तीन मकान धराशायी, युवक की मौत
जामो/बाजार शुकुल (अमेठी)। स्थानीय थानाक्षेत्र के पूरे चमारन मजरे मवई के रामसजीवन (36) रविवार रात अपने कच्चे मकान में सो रहे थे। रात में बारिश के बीच कच्चा मकान ढह गया। मकान के मलबेे में दबकर रामसजीवन की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे चौकी इंचार्ज गोरियाबाद पारसनाथ यादव ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए सूचना जिला प्रशासन को दी। ग्रामीणों ने बताया कि रामसजीवन के पिता विश्वनाथ के साथ मां कौशल्या एवं पत्नी राजपति की मौत ही पहले हो चुकी है। बाजार शुकुल थानाक्षेत्र के मखदूमपुर गावं में रविवार रात से हो रही बारिश के बीच सोमनाथ निषाद व रामगुलाम का मकान धराशायी हो गया। मकान के मलबे में दोनों परिवार की गृहस्थी नष्ट हो गई। (संवाद)
दीवार गिरने से किशोरी घायल
फुरसतगंज (अमेठी)। मोहैया केसरिया ग्राम पंचायत के पूरे सूबेदार गांव में सोमवार सुबह गिरी दीवार के मलबे में दबकर अमीषा (18) घायल हो गई। घायल अमीषा को परिजनों ने उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया है। सूचना पर गांव पहुंचे स्थानीय लेखपाल विश्वजीत ने नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी है। (संवाद)
जल निकासी न होने से संपर्क मार्ग बदहाल
इन्हौना (अमेठी)। दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही लगातार बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। क्षेत्र की अधिकतर ग्राम पंचायतें जलभराव की परेशानी से जूझ रहीं हैं। नालियां चोक होने से गंदा पानी संपर्क मार्गों से बह रहा है। इन्हौना कस्बे में जीआईसी को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग से जुड़ा तालाब उफान पर होने से तालाब का पानी मार्ग के ऊपर से बह रहा है। जल निकासी की व्यवस्था न होने से लोग गंदे पानी के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं। चिलौली को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पर भी जलभराव बना हुआ है। मार्ग से लगे प्राथमिक विद्यालय चिलौली प्रथम का परिसर पानी में डूब गया है। (संवाद)
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सितंबर के बाद अक्तूबर माह में पिछले पांच दिनों से शुरू हुई बेमौसम बरसात किसानों की परेशानी का सबब बन चुकी है। सितंबर माह में हुई बरसात के जमे पानी को किसानों ने किसी तरह निकालकर फसल सुरक्षित करने की कोशिश की पर विजय दशमी के एक दिन पहले से शुरू हुई बारिश रुकने का नाम नहीं ले रही।
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रविवार रात भी पूरे जिले में कई घंटे झमाझम बरसात हुई। इससे खेतों में तकरीबन तैयार हो चुकी धान की फसल गिर गई। जलभराव होने से फसल नष्ट होने का अंदेशा है। जमा पानी बार-बार निकालना किसानों के लिए परेशानी का सबब बना है। किसानों के अनुसार कई खेतों में गिर फसल में पानी भर जाने से अंकुरण शुरू हो गया है। इससे नुकसान होना तय है।
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गिरी धान की फसल पानी में डूबी होने से दाने काले पड़ रहे हैं। हरी फसलों में फफूंदी लगने से उत्पादन प्रभावित होगा। इसके साथ ही खरीफ सीजन की फसल तिल, उरद, मूंग व अरहर के नष्ट होने की संभावना से किसान परेशान हैं। इतना ही नहीं आलू, मटर व सरसों की अगेती खेती करने वालों की फसल भी बरसात के बाद जमे पानी की भेंट चढ़ रही है। जो किसान इन फसलों की बोआई करने की तैयारी में थे उन्हें अब लंबा इंतजार करना होगा।
सब्जी की फसल को भारी नुकसान
मौसम वैज्ञानिक अमरनाथ मिश्र का कहना है कि उत्तर भारत में मानसून सीजन सामान्य से अधिक लंबी अवधि तक बना रहा है। इसका खामियाजा सबसे ज्यादा रबी की फसल में विभिन्न प्रकार की साग-भाजी करने वाले किसानों पर पड़ेगा। किसान रामहेत मौर्य बताते हैं कि मेथी, सोया, बथुवा, मटर, टमाटर, गोभी, पत्ता गोभी, मूली, गाजर व चुकंदर की बोआई बरसात और खेतों में जलभराव के चलते अगले 25 दिनों तक संभव नहीं है।
तीन मकान धराशायी, युवक की मौत
जामो/बाजार शुकुल (अमेठी)। स्थानीय थानाक्षेत्र के पूरे चमारन मजरे मवई के रामसजीवन (36) रविवार रात अपने कच्चे मकान में सो रहे थे। रात में बारिश के बीच कच्चा मकान ढह गया। मकान के मलबेे में दबकर रामसजीवन की मौत हो गई। सूचना पर पहुंचे चौकी इंचार्ज गोरियाबाद पारसनाथ यादव ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए सूचना जिला प्रशासन को दी। ग्रामीणों ने बताया कि रामसजीवन के पिता विश्वनाथ के साथ मां कौशल्या एवं पत्नी राजपति की मौत ही पहले हो चुकी है। बाजार शुकुल थानाक्षेत्र के मखदूमपुर गावं में रविवार रात से हो रही बारिश के बीच सोमनाथ निषाद व रामगुलाम का मकान धराशायी हो गया। मकान के मलबे में दोनों परिवार की गृहस्थी नष्ट हो गई। (संवाद)
दीवार गिरने से किशोरी घायल
फुरसतगंज (अमेठी)। मोहैया केसरिया ग्राम पंचायत के पूरे सूबेदार गांव में सोमवार सुबह गिरी दीवार के मलबे में दबकर अमीषा (18) घायल हो गई। घायल अमीषा को परिजनों ने उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया है। सूचना पर गांव पहुंचे स्थानीय लेखपाल विश्वजीत ने नुकसान का जायजा लेकर रिपोर्ट तहसील प्रशासन को भेजी है। (संवाद)
जल निकासी न होने से संपर्क मार्ग बदहाल
इन्हौना (अमेठी)। दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही लगातार बारिश से जगह-जगह जलभराव हो गया। क्षेत्र की अधिकतर ग्राम पंचायतें जलभराव की परेशानी से जूझ रहीं हैं। नालियां चोक होने से गंदा पानी संपर्क मार्गों से बह रहा है। इन्हौना कस्बे में जीआईसी को जोड़ने वाले संपर्क मार्ग से जुड़ा तालाब उफान पर होने से तालाब का पानी मार्ग के ऊपर से बह रहा है। जल निकासी की व्यवस्था न होने से लोग गंदे पानी के बीच आवागमन करने को मजबूर हैं। चिलौली को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग पर भी जलभराव बना हुआ है। मार्ग से लगे प्राथमिक विद्यालय चिलौली प्रथम का परिसर पानी में डूब गया है। (संवाद)

33 : गौरीगंज : सीवान में धान की फसल में जमा बरसात का पानी। -संवाद- फोटो : AMETHI