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पोल्ट्री इकाईयों की स्थापना पर मिलेगी आर्थिक सहायता
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अमेठी। प्रदेश सरकार ने पोल्ट्री फार्मिंग एवं बत्तख फार्मिंग को प्रोत्साहित करने के लिए आर्थिक सहायता देने का निर्णय लिया है। जिले के पशु पालन विभाग की ओर से ऐसे इच्छुक व्यवसाइयों से आवेदन मांगा गया है। चयनित लाभार्थियों को 50 लाख व उससे ज्यादा राशि का ऋण मुहैया कराया जाएगा।
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्र पाठक ने बताया कि निगम की ओर से सहकारी क्षेत्र की संस्थाओं को व्यवसाय करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा कृषि सहकारिता के केंद्रीय क्षेत्र की एकीकृत योजना के तहत समितियों को उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, विपणन आदि से संबंधित पोल्ट्री इकाईयों की स्थापना, इनक्यूवेटर, हैचर्स एवं सहायक उपकरण, पोल्ट्री उत्पाद विपणन हेतु सहायता एवं पोल्ट्री ड्रेसिंग यूनिट आदि कार्य-कलापों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
निगम द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली उक्त सहायता राशि पर भारत सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश राज्य को अल्प विकसित राज्य की श्रेणी में वर्गीकृत किये जाने के बाद 20 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य किया गया है।
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निगम की ओर से सीधे वित्त पोषण योजना में वार्षिक ब्याज दर 50 लाख रुपये तक 9.85 प्रतिशत तथा 50 लाख से अधिक परियोजना लागत पर ब्याज दर 10.20 प्रतिशत है।
राज्य सरकार के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली आर्थिक सहायता पर ब्याज दर 9.55 प्रतिशत है। 20 प्रतिशत अनुदान प्राप्त होने पर प्रभावी ब्याज दर लगभग तीन से चार प्रतिशत आती हैै। इसके अलावा निगम द्वारा सहकारी क्षेत्र की संस्थाओं को व्यवसाय करने के लिए कार्यशील पूंजी की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है।
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मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्र पाठक ने बताया कि निगम की ओर से सहकारी क्षेत्र की संस्थाओं को व्यवसाय करने के लिए प्रस्ताव मांगा गया है। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा कृषि सहकारिता के केंद्रीय क्षेत्र की एकीकृत योजना के तहत समितियों को उत्पादन, प्रसंस्करण, भंडारण, विपणन आदि से संबंधित पोल्ट्री इकाईयों की स्थापना, इनक्यूवेटर, हैचर्स एवं सहायक उपकरण, पोल्ट्री उत्पाद विपणन हेतु सहायता एवं पोल्ट्री ड्रेसिंग यूनिट आदि कार्य-कलापों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है।
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निगम द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली उक्त सहायता राशि पर भारत सरकार की ओर से उत्तर प्रदेश राज्य को अल्प विकसित राज्य की श्रेणी में वर्गीकृत किये जाने के बाद 20 प्रतिशत अनुदान अनुमन्य किया गया है।
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निगम की ओर से सीधे वित्त पोषण योजना में वार्षिक ब्याज दर 50 लाख रुपये तक 9.85 प्रतिशत तथा 50 लाख से अधिक परियोजना लागत पर ब्याज दर 10.20 प्रतिशत है।
राज्य सरकार के माध्यम से उपलब्ध कराई जाने वाली आर्थिक सहायता पर ब्याज दर 9.55 प्रतिशत है। 20 प्रतिशत अनुदान प्राप्त होने पर प्रभावी ब्याज दर लगभग तीन से चार प्रतिशत आती हैै। इसके अलावा निगम द्वारा सहकारी क्षेत्र की संस्थाओं को व्यवसाय करने के लिए कार्यशील पूंजी की वित्तीय सहायता उपलब्ध करायी जाती है।