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Amethi News: बिना सत्यापन 100 क्विंटल तक गेहूं बेच सकेंगे किसान
Tue, 27 Feb 2024 01:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 27 Feb 2024 01:02 AM IST
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अमेठी सिटी। गेहूं खरीद नीति शासन की ओर से जारी कर दी गई है। नई नीति में 100 क्विंटल तक गेहूं बेचने के लिए किसानों को सत्यापन कराने की जरूरत नहीं होगी। इसके अलावा बटाईदार किसानों को भी अपना उत्पाद सरकारी केंद्रों पर बेचने का मौका दिया गया है।
15 मार्च से छह एजेंसी के 85 क्रय केंद्रों पर फसल समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद होगी। विभाग ने किसानों से अपना पंजीकरण कराते हुए फसल बिक्री कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।
जिले में गेहूं की खरीद 15 मार्च से शुरू होगी। इसके लिए छह एजेंसी के 85 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। अभी तक 100 क्विंटल से अधिक का उत्पाद बेचने पर किसानों को तहसील से सत्यापन कराना होता है। यह किसानों के लिए सबसे परेशानी वाला आदेश था।
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सत्यापन के नाम पर किसानाें का शोषण होता था। सरकारी खरीद को गति नहीं मिल पाती थी और इसके लिए क्रय केंद्रों पर तैनात प्रभारियों को दिक्कतें होती थी। इस बार की नीति में किसानों को सत्यापन प्रक्रिया से दूर कर दिया गया है। बटाइदारों को भी सरकारी केंद्रों पर उपज बेचने का मौका दिया गया है।
डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि गेहूं बेचने के लिए अब तक तिलोई तहसील में सर्वाधिक 1206, मुसाफिरखाना में 512, गौरीगंज में 583 तथा अमेठी में 174 किसानों ने पंजीकरण करवाया है। शासन ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपये निर्धारित किया है। नई क्रय नीति से किसानों को और भी कई फायदे होंगे। सभी प्रभारियों को किसानों तक शासन की बात पहुंचाने और क्रय केंद्रों पर उपज बेचने के लिए जागरूक करते हुए पंजीकरण कराने और टोकन सिस्टम से नियमानुसार खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं।
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15 मार्च से छह एजेंसी के 85 क्रय केंद्रों पर फसल समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीद होगी। विभाग ने किसानों से अपना पंजीकरण कराते हुए फसल बिक्री कर योजना का लाभ लेने की अपील की है।
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जिले में गेहूं की खरीद 15 मार्च से शुरू होगी। इसके लिए छह एजेंसी के 85 गेहूं खरीद केंद्र बनाए गए हैं। अभी तक 100 क्विंटल से अधिक का उत्पाद बेचने पर किसानों को तहसील से सत्यापन कराना होता है। यह किसानों के लिए सबसे परेशानी वाला आदेश था।
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सत्यापन के नाम पर किसानाें का शोषण होता था। सरकारी खरीद को गति नहीं मिल पाती थी और इसके लिए क्रय केंद्रों पर तैनात प्रभारियों को दिक्कतें होती थी। इस बार की नीति में किसानों को सत्यापन प्रक्रिया से दूर कर दिया गया है। बटाइदारों को भी सरकारी केंद्रों पर उपज बेचने का मौका दिया गया है।
डिप्टी आरएमओ संतोष कुमार द्विवेदी ने बताया कि गेहूं बेचने के लिए अब तक तिलोई तहसील में सर्वाधिक 1206, मुसाफिरखाना में 512, गौरीगंज में 583 तथा अमेठी में 174 किसानों ने पंजीकरण करवाया है। शासन ने इस बार गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपये निर्धारित किया है। नई क्रय नीति से किसानों को और भी कई फायदे होंगे। सभी प्रभारियों को किसानों तक शासन की बात पहुंचाने और क्रय केंद्रों पर उपज बेचने के लिए जागरूक करते हुए पंजीकरण कराने और टोकन सिस्टम से नियमानुसार खरीद करने के निर्देश दिए गए हैं।