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पारेषण लाइन निर्माण कार्य का किसानों ने किया विरोध
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अमेठी। खड़ी फसल के बीच से बिना मुआवजा दिए पावर कारपोरेशन की ओर से बनाई जा रही विद्युत लाइन किसानों के विरोध के चलते रुकी पड़ी है। किसान लगातार मुआवजे की मांग कर रहे हैं। विभागीय अफसर हैं कि बिना किसानों को संतुष्ट किए जबरन लाइन खींचना चाहते हैं।
गुंगवाछ गांव में स्थित 220 केवी विद्युत उपकेंद्र के लिए करीब 35 करोड़ की लागत से सलोन के सिरसिरा स्थित 400 केवी विद्युत उपकेंद्र से गुंगवाछ विद्युत उपकेंद्र के लिए लाइन बनाई जा रही है।
कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा पारेषण लाइन के लिए कुल 147 विद्युत टावर बनाए जाने हैं जिसके सापेक्ष 140 विद्युत टावर तैयार कर लिए गए हैं। सात विद्युत टावर खड़ा करने का कार्य शेष है, जो किसानों के विरोध के चलते रुका हुआ है।
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रविवार को कार्यदाई संस्था की ओर से विद्युत टावर तैयार करने को लेकर जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद मनिकापुर मजरे मड़ौली गांव निवासी किसान पारस नाथ, जगई, रामगुलाम और मनोज कुमार मौके पर पहुंचकर विरोध जताना शुरू कर दिया।
विरोध कर रहे किसानों का कहना है कि फसल खड़ी है और बगैर मुआवजा दिए ठेकेदार उक्त कार्य जबरन करा रहे हैं। किसानों ने लिखित रूप से मुआवजे की धनराशि देने की मांग उठाई है। इस संबंध में अवर अभियंता पवन यादव ने बताया कि पारेषण लाइन तैयार की जा रही है।
कहा कि कुछ किसान विरोध कर रहे हैं। बताया कि इसमें भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाता है जहां विद्युत टावर लगाया जाता है उसका मुआवजा सर्किल रेट के हिसाब से दिया जा रहा है। कहा कि जगई यादव और राम गुलाम से बातचीत हुई है वह सहमत हैं अन्य किसानों से भी बात की जा रही है।
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गुंगवाछ गांव में स्थित 220 केवी विद्युत उपकेंद्र के लिए करीब 35 करोड़ की लागत से सलोन के सिरसिरा स्थित 400 केवी विद्युत उपकेंद्र से गुंगवाछ विद्युत उपकेंद्र के लिए लाइन बनाई जा रही है।
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कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन लिमिटेड द्वारा पारेषण लाइन के लिए कुल 147 विद्युत टावर बनाए जाने हैं जिसके सापेक्ष 140 विद्युत टावर तैयार कर लिए गए हैं। सात विद्युत टावर खड़ा करने का कार्य शेष है, जो किसानों के विरोध के चलते रुका हुआ है।
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रविवार को कार्यदाई संस्था की ओर से विद्युत टावर तैयार करने को लेकर जेसीबी से खुदाई की जा रही थी। सूचना मिलने के बाद मनिकापुर मजरे मड़ौली गांव निवासी किसान पारस नाथ, जगई, रामगुलाम और मनोज कुमार मौके पर पहुंचकर विरोध जताना शुरू कर दिया।
विरोध कर रहे किसानों का कहना है कि फसल खड़ी है और बगैर मुआवजा दिए ठेकेदार उक्त कार्य जबरन करा रहे हैं। किसानों ने लिखित रूप से मुआवजे की धनराशि देने की मांग उठाई है। इस संबंध में अवर अभियंता पवन यादव ने बताया कि पारेषण लाइन तैयार की जा रही है।
कहा कि कुछ किसान विरोध कर रहे हैं। बताया कि इसमें भूमि का अधिग्रहण नहीं किया जाता है जहां विद्युत टावर लगाया जाता है उसका मुआवजा सर्किल रेट के हिसाब से दिया जा रहा है। कहा कि जगई यादव और राम गुलाम से बातचीत हुई है वह सहमत हैं अन्य किसानों से भी बात की जा रही है।