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24 गांव के किसानों को मिलेगा फसल क्षतिपूर्ति का लाभ
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02 : गौरीगंज : पूरे इब्बादुल्ला की सीवान में जलमग्न होकर खराब हो रही फसल को सुरक्षित करने में जुटा कि
- फोटो : AMETHI
गौरीगंज (अमेठी)। अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों की फसल की प्रतिपूर्ति कृषकों को दिलाने की कवायद जिले में तेज हो गई है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से आच्छादित किसानों को लाभान्वित किया जा सके इसके लिए नुकसान का आकलन किया जा रहा है। डीएम के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय टीम ने जिले की 24 ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत से अधिक फसल क्षति का आकलन कर रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद कृषि विभाग ने बीमा कंपनी को पत्र भेजकर प्रभावित किसानों को प्रतिपूर्ति वितरित कर रिपोर्ट देने को कहा है।
किसानों की आर्थिक परेशानी दूर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना व फसल बीमा योजना समेत कई योजनाएं संचालित हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आपदा स्थिति में बोआई न कर पाने, स्थानीय आपदा में फसलों की क्षति होने व फसल प्रारंभिक अवस्था से फसल कटाई के 15 दिन पूर्व तक प्रतिकूल मौसमीय स्थिति के कारण फसल की संभावित उपज में 50 प्रतिशत कमी होने पर तात्कालिक सहायता दी जाती है।
खरीफ सीजन में सितंबर व अक्तूबर माह में हुई अतिवृष्टि से किसानों की फसल नष्ट हो गई। फसल नष्ट होने के बाद किसानों के सामने उत्पन्न परेशानी को दूर करने के लिए निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा ने कृषि विभाग व डीएम को पत्र भेजकर नुकसान का आकलन कर बीमा कंपनी से प्रतिपूर्ति दिलाने का निर्देश दिया है। निदेशक का पत्र मिलने के बाद डीएम अरुण कुमार ने कृषि विभाग, राजस्व व नामित बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम गठित कर नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया था।
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डीएम के निर्देश पर गठित टीम ने जिले की 24 ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत से अधिक क्षति होने की रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद कृषि विभाग ने नामित बीमा कंपनी को फसल बीमा योजना से आच्छादित किसानों को नियमानुसार त्वरित 25 प्रतिशत तथा क्रॉप कटिंग रिपोर्ट मिलने के बाद शेष 75 प्रतिशत की राशि का भुगतान कर रिपोर्ट देने को कहा है। कृषि विभाग ने किसानों को क्षतिपूर्ति भुगतान में अनियमितता बरतने या भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सर्वे के अनुसार इन गांवों में हुआ नुकसान
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से आच्छादित किसानों को लाभ दिलाने के लिए संयुक्त टीम ने सर्वे किया है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार नुकसान होने वाले इलाकों में गौरीगंज तहसील के चिलबिली, पूरे इब्बादुल्ला, सेवई हेेमगढ़, चंदौकी, कुशबैरा, किटियावां, जूठीपुर, गरथोलिया, टंड़वा, जुड़ियापुर, घोसियान, नीमी, मयास, बरौलिया, रामपुर नौरंगाबाद, बस्तीदेई, बेनीपुर बल्देव, गुलालपुर, हरखपुर राजगढ़, नरौली, गढ़ामाफी, गुवावां, सुजानपुर व रोहसीखुर्द शामिल है।
पांच वर्षों में 36,046 किसानों को मिला लाभ
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार खरीफ सीजन 2016 में 48,932 बीमित किसानों में 11,704 को प्रतिपूर्ति दी गई तो रबी सीजन में 48,037 बीमित किसानों में से 2907 किसानों को। खरीफ सीजन 2017 में 48,036 बीमित किसानों में से 3439 किसान लाभान्वित हुए तो रबी सीजन में 56,981 में से 714 किसानों को प्रतिपूर्ति दी गई। खरीफ 2018 में 52,766 बीमित किसानों में 2987 किसानों तो रबी सीजन में 53,715 बीमित किसानों में मात्र पांच किसानों को लाभान्वित किया गया है। खरीफ 2019 में 36,285 बीमित किसानों में 195 तो रबी सीजन में 34,114 में 8279 किसानों को प्रतिपूर्ति भुगतान किया गया है।
खरीफ सीजन में 34,608 बीमित किसानों में 5816 तो रबी सीजन में 33,560 किसानों में 855 किसानों को प्रतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। पांच वर्ष में 27 करोड़ 75 लाख 31 हजार रुपये कृषक अंश, 13 करोड़ 33 लाख सात हजार रुपये केंद्रांश तथा 13 करोड़ 33 लाख सात हजार रुपये राज्यांश समेत कुल 54 करोड़ 42 लाख 71 हजार रुपये का कुल प्रीमियम बीमा कंपनी के पास जमा हुआ। पांच वर्ष में 36,046 किसानों को 17 करोड़ 78 लाख 31 हजार रुपये की प्रतिपूर्ति का भुगतान बीमा कंपनी की ओर से किया गया है।
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किसानों की आर्थिक परेशानी दूर करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना व फसल बीमा योजना समेत कई योजनाएं संचालित हैं। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में आपदा स्थिति में बोआई न कर पाने, स्थानीय आपदा में फसलों की क्षति होने व फसल प्रारंभिक अवस्था से फसल कटाई के 15 दिन पूर्व तक प्रतिकूल मौसमीय स्थिति के कारण फसल की संभावित उपज में 50 प्रतिशत कमी होने पर तात्कालिक सहायता दी जाती है।
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खरीफ सीजन में सितंबर व अक्तूबर माह में हुई अतिवृष्टि से किसानों की फसल नष्ट हो गई। फसल नष्ट होने के बाद किसानों के सामने उत्पन्न परेशानी को दूर करने के लिए निदेशक कृषि सांख्यिकी एवं फसल बीमा ने कृषि विभाग व डीएम को पत्र भेजकर नुकसान का आकलन कर बीमा कंपनी से प्रतिपूर्ति दिलाने का निर्देश दिया है। निदेशक का पत्र मिलने के बाद डीएम अरुण कुमार ने कृषि विभाग, राजस्व व नामित बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों की संयुक्त टीम गठित कर नुकसान का आकलन करने का निर्देश दिया था।
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डीएम के निर्देश पर गठित टीम ने जिले की 24 ग्राम पंचायतों में 50 प्रतिशत से अधिक क्षति होने की रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट मिलने के बाद कृषि विभाग ने नामित बीमा कंपनी को फसल बीमा योजना से आच्छादित किसानों को नियमानुसार त्वरित 25 प्रतिशत तथा क्रॉप कटिंग रिपोर्ट मिलने के बाद शेष 75 प्रतिशत की राशि का भुगतान कर रिपोर्ट देने को कहा है। कृषि विभाग ने किसानों को क्षतिपूर्ति भुगतान में अनियमितता बरतने या भुगतान नहीं करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सर्वे के अनुसार इन गांवों में हुआ नुकसान
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से आच्छादित किसानों को लाभ दिलाने के लिए संयुक्त टीम ने सर्वे किया है। सर्वे रिपोर्ट के अनुसार नुकसान होने वाले इलाकों में गौरीगंज तहसील के चिलबिली, पूरे इब्बादुल्ला, सेवई हेेमगढ़, चंदौकी, कुशबैरा, किटियावां, जूठीपुर, गरथोलिया, टंड़वा, जुड़ियापुर, घोसियान, नीमी, मयास, बरौलिया, रामपुर नौरंगाबाद, बस्तीदेई, बेनीपुर बल्देव, गुलालपुर, हरखपुर राजगढ़, नरौली, गढ़ामाफी, गुवावां, सुजानपुर व रोहसीखुर्द शामिल है।
पांच वर्षों में 36,046 किसानों को मिला लाभ
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार खरीफ सीजन 2016 में 48,932 बीमित किसानों में 11,704 को प्रतिपूर्ति दी गई तो रबी सीजन में 48,037 बीमित किसानों में से 2907 किसानों को। खरीफ सीजन 2017 में 48,036 बीमित किसानों में से 3439 किसान लाभान्वित हुए तो रबी सीजन में 56,981 में से 714 किसानों को प्रतिपूर्ति दी गई। खरीफ 2018 में 52,766 बीमित किसानों में 2987 किसानों तो रबी सीजन में 53,715 बीमित किसानों में मात्र पांच किसानों को लाभान्वित किया गया है। खरीफ 2019 में 36,285 बीमित किसानों में 195 तो रबी सीजन में 34,114 में 8279 किसानों को प्रतिपूर्ति भुगतान किया गया है।
खरीफ सीजन में 34,608 बीमित किसानों में 5816 तो रबी सीजन में 33,560 किसानों में 855 किसानों को प्रतिपूर्ति का भुगतान किया गया है। पांच वर्ष में 27 करोड़ 75 लाख 31 हजार रुपये कृषक अंश, 13 करोड़ 33 लाख सात हजार रुपये केंद्रांश तथा 13 करोड़ 33 लाख सात हजार रुपये राज्यांश समेत कुल 54 करोड़ 42 लाख 71 हजार रुपये का कुल प्रीमियम बीमा कंपनी के पास जमा हुआ। पांच वर्ष में 36,046 किसानों को 17 करोड़ 78 लाख 31 हजार रुपये की प्रतिपूर्ति का भुगतान बीमा कंपनी की ओर से किया गया है।