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Amethi News: समिति बंद होने से भड़के किसान, किया प्रदर्शन
Sat, 14 Feb 2026 12:41 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 14 Feb 2026 12:41 AM IST
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सिंहपुर। कुकहा रामपुर में पिछले 15 साल से बंद पड़ी साधन सहकारी समिति को संचालित कराए जाने को लेकर शुक्रवार को ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि उच्चाधिकारियों की लापरवाही के चलते यह समिति फाइलों में सिमट कर रह गई है, जिससे किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
किसान राकेश गिरि, सहदेव सिंह, गंगे प्रजापति, मदन लाल, रोहित सिंह, राम नारायण, राघव सिंह, घिसियावन, ननकऊ आदि ने बताया कि वह समिति के सदस्य हैं। सहकारिता विभाग ने लगभग तीन माह पूर्व समिति के संचालन के लिए कवायद तेज की थी और किसानों को सदस्य बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस प्रक्रिया के तहत आसपास के गांवों के करीब 200 किसानों ने सदस्यता भी ली, लेकिन इसके बाद भी उन्हें समिति पर आज तक खाद उपलब्ध नहीं हो सकी।
समिति के बंद होने से किसानों को उर्वरक और फसल ऋण के लिए भटकना पड़ता है। पांच दशक पूर्व स्थापित इन समितियों का संचालन तीन दशक पहले वित्तीय गबन के कारण बंद कर दिया गया था। कहा कि यहां के किसानों को खाद-बीज के लिए दूसरी समितियों व निजी दुकानों का चक्कर काटना पड़ता है। विभागीय अफसर इस मामले को लेकर उदासीन बने हुए हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समिति का संचालन शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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किसान राकेश गिरि, सहदेव सिंह, गंगे प्रजापति, मदन लाल, रोहित सिंह, राम नारायण, राघव सिंह, घिसियावन, ननकऊ आदि ने बताया कि वह समिति के सदस्य हैं। सहकारिता विभाग ने लगभग तीन माह पूर्व समिति के संचालन के लिए कवायद तेज की थी और किसानों को सदस्य बनाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इस प्रक्रिया के तहत आसपास के गांवों के करीब 200 किसानों ने सदस्यता भी ली, लेकिन इसके बाद भी उन्हें समिति पर आज तक खाद उपलब्ध नहीं हो सकी।
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समिति के बंद होने से किसानों को उर्वरक और फसल ऋण के लिए भटकना पड़ता है। पांच दशक पूर्व स्थापित इन समितियों का संचालन तीन दशक पहले वित्तीय गबन के कारण बंद कर दिया गया था। कहा कि यहां के किसानों को खाद-बीज के लिए दूसरी समितियों व निजी दुकानों का चक्कर काटना पड़ता है। विभागीय अफसर इस मामले को लेकर उदासीन बने हुए हैं। किसानों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही समिति का संचालन शुरू नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
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