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Amethi News: परिजन बोले, लंबी लड़ाई के बाद मिला न्याय
Wed, 29 Jan 2025 12:36 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Wed, 29 Jan 2025 12:36 AM IST
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अमेठी सिटी। जिला मुख्यालय गौरीगंज के चौक बाजार स्थित बताशा मंडी में नौ जनवरी 2021 को हुए खूनी संघर्ष में जान गंवाने वाले युवक के परिजनों को आखिरकार पांच साल बाद न्याय मिल गया। इसके लिए परिजनों ने लंबी लड़ाई लड़ी। मंगलवार को कोर्ट का फैसला आया तो परिजनों की यादें ताजा हो गईं। नम आंखों से परिवार ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया।
शहर के वार्ड संख्या 19 स्थित पूरे तेजी मिश्रौली के निवासी विजय कुमार पांडेय पर नौ जनवरी को चौक बाजार में चाकू से हमला किया गया था। विवाद में रौजा गांव निवासी तीन सगे भाई अक्षय तिवारी व अंकित संग एक बाल अपचारी ने गांव के ही खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर संग हमला बोल दिया था। हमले में घायल विजय की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद परिवार की खुशियां छिन गई थीं।
बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने की तमन्ना दिल में पाले पिता ने कोर्ट में पैरवी शुरू की। पैरवी करने के लिए अधिवक्ता को जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद हर तारीख पर कोर्ट पहुंच कर रवींद्र पांडेय मामले की पैरवी करते रहे। कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद मंगलवार को हत्या में शामिल दो सगे भाई अंकित तिवारी व अक्षय तिवारी और खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर को सजा सुनाई गई।
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कोर्ट का फैसला आया तो फिर बेटे की याद परिवार में ताजा हो गई। पिता रवींद्र पांडेय ने कहा कि पांच साल तक संघर्ष करने के बाद कोर्ट के फैसले से बेटे का आज न्याय मिला। मां मीरा पांडेय की आंखें फिर बेटे की याद में नम हो गईं तो भाई अजय पांडेय उर्फ रवि ने कोर्ट के फैसले को सराहा। पिता ने बताया कि बेटे की हत्या में शामिल एक बाल अपचारी होने से उसका वाद किशोर न्यायालय में चल रहा है। जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। मृतक के बाबा सेवानिवृत्त सचिवालय कर्मी बलदेव प्रसाद पांडेय ने कहा कि देर से ही न्यायालय से न्याय मिला।
चाऊमीन खाने के दौरान विवाद में हुई हत्या
सात जनवरी को गौरीगंज स्थित वी-मार्ट के सामने चाऊमीन खाने के दौरान विजय से रौजा गांव निवासी बाल अपचारी से कहासुनी हो गई थी। इसी बात से नाराज बाल अपचारी ने नौ जनवरी को अपने दो सगे भाइयों अक्षय तिवारी, अंकित और खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर ने चौक बाजार में विजय को अकेला देख हमला बोल दिया। तलाश में पहुंचे मृतक के भाई अजय व चाचा देव प्रकाश को देखने के बाद सभी लोग धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर को मामा कहकर बुलाता था विजय
रौजा गांव के खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर को विजय मामा कहकर बुलाता था, लेकिन उसे तनिक भी अंदेशा नहीं था कि जिसे वह मामा पुकारता है वह ही उसकी उसकी हत्या करेगा। खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर ने पद में भतीजे लगने वाले गांव के तीनों भाइयों की मदद करने के लिए विजय को बुलाया था। मामा पर भरोसा कर वह चौक बाजार गया और वहां उसकी हत्या कर दी गई।
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शहर के वार्ड संख्या 19 स्थित पूरे तेजी मिश्रौली के निवासी विजय कुमार पांडेय पर नौ जनवरी को चौक बाजार में चाकू से हमला किया गया था। विवाद में रौजा गांव निवासी तीन सगे भाई अक्षय तिवारी व अंकित संग एक बाल अपचारी ने गांव के ही खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर संग हमला बोल दिया था। हमले में घायल विजय की उपचार के दौरान जिला अस्पताल में मौत हो गई थी। बेटे की मौत के बाद परिवार की खुशियां छिन गई थीं।
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बेटे के हत्यारों को सजा दिलाने की तमन्ना दिल में पाले पिता ने कोर्ट में पैरवी शुरू की। पैरवी करने के लिए अधिवक्ता को जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद हर तारीख पर कोर्ट पहुंच कर रवींद्र पांडेय मामले की पैरवी करते रहे। कोर्ट में मामले की सुनवाई के बाद मंगलवार को हत्या में शामिल दो सगे भाई अंकित तिवारी व अक्षय तिवारी और खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर को सजा सुनाई गई।
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कोर्ट का फैसला आया तो फिर बेटे की याद परिवार में ताजा हो गई। पिता रवींद्र पांडेय ने कहा कि पांच साल तक संघर्ष करने के बाद कोर्ट के फैसले से बेटे का आज न्याय मिला। मां मीरा पांडेय की आंखें फिर बेटे की याद में नम हो गईं तो भाई अजय पांडेय उर्फ रवि ने कोर्ट के फैसले को सराहा। पिता ने बताया कि बेटे की हत्या में शामिल एक बाल अपचारी होने से उसका वाद किशोर न्यायालय में चल रहा है। जल्द ही फैसला आने की उम्मीद है। मृतक के बाबा सेवानिवृत्त सचिवालय कर्मी बलदेव प्रसाद पांडेय ने कहा कि देर से ही न्यायालय से न्याय मिला।
चाऊमीन खाने के दौरान विवाद में हुई हत्या
सात जनवरी को गौरीगंज स्थित वी-मार्ट के सामने चाऊमीन खाने के दौरान विजय से रौजा गांव निवासी बाल अपचारी से कहासुनी हो गई थी। इसी बात से नाराज बाल अपचारी ने नौ जनवरी को अपने दो सगे भाइयों अक्षय तिवारी, अंकित और खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर ने चौक बाजार में विजय को अकेला देख हमला बोल दिया। तलाश में पहुंचे मृतक के भाई अजय व चाचा देव प्रकाश को देखने के बाद सभी लोग धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर को मामा कहकर बुलाता था विजय
रौजा गांव के खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर को विजय मामा कहकर बुलाता था, लेकिन उसे तनिक भी अंदेशा नहीं था कि जिसे वह मामा पुकारता है वह ही उसकी उसकी हत्या करेगा। खेमचंद्र तिवारी उर्फ गब्बर ने पद में भतीजे लगने वाले गांव के तीनों भाइयों की मदद करने के लिए विजय को बुलाया था। मामा पर भरोसा कर वह चौक बाजार गया और वहां उसकी हत्या कर दी गई।