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भूमि विवाद में परिवार पर धारदार हथियार से हमला, एक की मौत
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14 : अमेठी : थौरा गांव में हुई पिटाई के बाद सीएचसी में चल रहा घायलों का उपचार। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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अमेठी। कोतवाली क्षेत्र के थौरा गांव में शुक्रवार सुबह रंजिश एवं जमीनी विवाद को लेकर एक पक्ष ने दूसरे पक्ष पर हमला बोल दिया। इस दौरान लाठी-डंडे व धारदार हथियार से हुई पिटाई में तीन महिलाओं समेत नौ लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में एक की इलाज के लिए ले जाते समय जगदीशपुर में मौत हो गई। घायलों में चार की हालत नाजुक देखते हुए उन्हें ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। अन्य चार घायलों को जिला अस्प्ताल में भर्ती कराने के बाद पुलिस मामले की छानबीन में जुटी है।
कोतवाली क्षेत्र के थौरा गांव निवासी वंश बहादुर सिंह और पड़ोसी दिलीप सिंह के बीच रंजिश है। जमीनी विवाद से उपजी इसी रंजिश को लेकर शुक्रवार सुबह दिलीप सिंह के परिवारीजन लाठी-डंडे व धारदार हथियार लेकर वंश बहादुर पक्ष पर टूट पड़े। हमलावरों ने वंश बहादुर पक्ष का जो व्यक्ति जहां मिला उसे वहीं गिराकर जमकर पीटा और मृत समझकर ही छोड़ा।
इस हमले में वंश बहादुर सिंह पक्ष से उनके पुत्र राजीव कुमार सिंह (42), तरुण सिंह (38), अरुण सिंह (33), सुभाष सिंह (31) व राहुल सिंह उर्फ विपिन (28) के अलावा सबसे बड़े पुत्र नागेंद्र सिंह की पत्नी मीरा सिंह (46), नागेंद्र सिंह का पुत्र आकाश (26), अरुण की पत्नी गुड़िया (30), व सुभाष की पत्नी रेखा सिंह (28) गंभीर रूप से घायल हो गए।
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सबको मरा समझकर हमलावर भाग खड़े हुए। हमलावरों के भाग जाने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को देते हुए गंभीर रूप से घायल लोगों को सीएचसी पहुंचाया। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद राजीव कुमार सिंह, राहुल सिंह, आकाश सिंह, सुभाष सिंह और मीरा सिंह की हालत नाजुक देख ट्रामा सेंटर लखनऊ तो तरुण सिंह, गुड़िया, रेखा और अरुण सिंह को संयुक्त जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। रेफर होने के बाद लखनऊ ले जाते समय घायलों में शामिल राहुल की जगदीशपुर में मौत हो गई जबकि अन्य चारों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। ट्रामा सेंटर में भर्ती चारों घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अफरा-तफरी का माहौल
जिस समय इस घटना में घायल नौ लोगों को सीएचसी में एक-एक कर एंबुलेंस से उतारा गया तो हर कोई इस क्रूरता पर सहम गया। एक साथ नौ घायलों के पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा। करीब दो घंटे तक चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी घायलों के इलाज में व्यस्त रहे। इस दौरान सीएचसी के बाहर भारी भीड़ जुट गई।
घटना को लेकर गांव में तनाव
बहुत पुरानी रंजिश को लेकर शुक्रवार सुबह हुई इस घटना से गांव में तनाव है। इसे लेकर ग्रामीणों में एक तरफ जहां आक्रोश रहा वहीं खौफ भी नजर आया। दिनभर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबकी जुबान पर घटना की ही बात रही।
दूसरे पक्ष के कुछ चोटिल
हमलावरों की ओर से की जा रही पिटाई के दौरान प्रतिरोध की स्थिति में दूसरे पक्ष के भी कुछ लोगों के चोटिल होने की बात सामने आ रही है। बताते हैं कि दिलीप पक्ष के लोग अपने परिवार के घायलों को साथ लेकर भाग निकले हैं। पुलिस व सीएचसी में दूसरे पक्ष के घायलों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
अविवाहित था राहुल
वंश बहादुर के छह पुत्रों में सबसे छोटा राहुल अभी अविवाहित था। हमलावरों ने घर पर मौजूद परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं छोड़ा। वंश बहादुर व नागेंद्र के बाहर होनेे व कुछ महिलाओं के भाग निकलने की वजह से वे बच गए। राहुल की मौत व एक ही परिवार के आठ लोगों के घायल होने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
छावनी में तब्दील हुआ गांव
हमले की इस बड़ी वारदात के बाद पूरे गांव में खासा तनाव है। वारदात के बाद दिलीप पक्ष के लोग भाग निकले हैं तो वंश बहादुर पक्ष के लोग उपचार व अन्य व्यवस्था में लगे हैं। तनाव को देखते हुए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अमेठी थाने के अलावा रामगंज, पीपरपुर, संग्रामपुर व मुंशीगंज थाने की पुलिस व अफसर गांव में डेरा डाले हैं।
नहीं मिली तहरीर : एसएचओ
प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर ने बताया कि अब तक तहरीर नहीं मिली है। वंश बहादुर सिंह और दिलीप सिंह के परिवार के बीच जमीनी विवाद व पुरानी रंजिश है। जानकारी में आया है कि दोनों परिवारों के बीच आए दिन घटनाएं होती रहती हैं। बताया कि गांव में हलका सिपाही को लगाया गया है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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कोतवाली क्षेत्र के थौरा गांव निवासी वंश बहादुर सिंह और पड़ोसी दिलीप सिंह के बीच रंजिश है। जमीनी विवाद से उपजी इसी रंजिश को लेकर शुक्रवार सुबह दिलीप सिंह के परिवारीजन लाठी-डंडे व धारदार हथियार लेकर वंश बहादुर पक्ष पर टूट पड़े। हमलावरों ने वंश बहादुर पक्ष का जो व्यक्ति जहां मिला उसे वहीं गिराकर जमकर पीटा और मृत समझकर ही छोड़ा।
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इस हमले में वंश बहादुर सिंह पक्ष से उनके पुत्र राजीव कुमार सिंह (42), तरुण सिंह (38), अरुण सिंह (33), सुभाष सिंह (31) व राहुल सिंह उर्फ विपिन (28) के अलावा सबसे बड़े पुत्र नागेंद्र सिंह की पत्नी मीरा सिंह (46), नागेंद्र सिंह का पुत्र आकाश (26), अरुण की पत्नी गुड़िया (30), व सुभाष की पत्नी रेखा सिंह (28) गंभीर रूप से घायल हो गए।
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सबको मरा समझकर हमलावर भाग खड़े हुए। हमलावरों के भाग जाने के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को देते हुए गंभीर रूप से घायल लोगों को सीएचसी पहुंचाया। सीएचसी में प्राथमिक उपचार के बाद राजीव कुमार सिंह, राहुल सिंह, आकाश सिंह, सुभाष सिंह और मीरा सिंह की हालत नाजुक देख ट्रामा सेंटर लखनऊ तो तरुण सिंह, गुड़िया, रेखा और अरुण सिंह को संयुक्त जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। रेफर होने के बाद लखनऊ ले जाते समय घायलों में शामिल राहुल की जगदीशपुर में मौत हो गई जबकि अन्य चारों को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। ट्रामा सेंटर में भर्ती चारों घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अफरा-तफरी का माहौल
जिस समय इस घटना में घायल नौ लोगों को सीएचसी में एक-एक कर एंबुलेंस से उतारा गया तो हर कोई इस क्रूरता पर सहम गया। एक साथ नौ घायलों के पहुंचने से अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल रहा। करीब दो घंटे तक चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मी घायलों के इलाज में व्यस्त रहे। इस दौरान सीएचसी के बाहर भारी भीड़ जुट गई।
घटना को लेकर गांव में तनाव
बहुत पुरानी रंजिश को लेकर शुक्रवार सुबह हुई इस घटना से गांव में तनाव है। इसे लेकर ग्रामीणों में एक तरफ जहां आक्रोश रहा वहीं खौफ भी नजर आया। दिनभर गांव में सन्नाटा पसरा रहा। वहीं बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सबकी जुबान पर घटना की ही बात रही।
दूसरे पक्ष के कुछ चोटिल
हमलावरों की ओर से की जा रही पिटाई के दौरान प्रतिरोध की स्थिति में दूसरे पक्ष के भी कुछ लोगों के चोटिल होने की बात सामने आ रही है। बताते हैं कि दिलीप पक्ष के लोग अपने परिवार के घायलों को साथ लेकर भाग निकले हैं। पुलिस व सीएचसी में दूसरे पक्ष के घायलों के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
अविवाहित था राहुल
वंश बहादुर के छह पुत्रों में सबसे छोटा राहुल अभी अविवाहित था। हमलावरों ने घर पर मौजूद परिवार के किसी भी सदस्य को नहीं छोड़ा। वंश बहादुर व नागेंद्र के बाहर होनेे व कुछ महिलाओं के भाग निकलने की वजह से वे बच गए। राहुल की मौत व एक ही परिवार के आठ लोगों के घायल होने से पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है।
छावनी में तब्दील हुआ गांव
हमले की इस बड़ी वारदात के बाद पूरे गांव में खासा तनाव है। वारदात के बाद दिलीप पक्ष के लोग भाग निकले हैं तो वंश बहादुर पक्ष के लोग उपचार व अन्य व्यवस्था में लगे हैं। तनाव को देखते हुए गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अमेठी थाने के अलावा रामगंज, पीपरपुर, संग्रामपुर व मुंशीगंज थाने की पुलिस व अफसर गांव में डेरा डाले हैं।
नहीं मिली तहरीर : एसएचओ
प्रभारी निरीक्षक श्याम सुंदर ने बताया कि अब तक तहरीर नहीं मिली है। वंश बहादुर सिंह और दिलीप सिंह के परिवार के बीच जमीनी विवाद व पुरानी रंजिश है। जानकारी में आया है कि दोनों परिवारों के बीच आए दिन घटनाएं होती रहती हैं। बताया कि गांव में हलका सिपाही को लगाया गया है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।

13 : अमेठी : थौरा गांव में हुई पिटाई के बाद एंबुलेंस से सीएचसी लाए गए घायल। -संवाद- फोटो : AMETHI