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Amethi News: आई फ्लू का वार, आईड्रॉप का कारोबार, रोज दो लाख के पार
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गौरीगंज (अमेठी)। आई फ्लू का वार बढ़ता जा रहा है। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक इसकी चपेट में आ रहे हैं। सोमवार को अकेले जिला अस्पताल की ओपीडी में आई फ्लू के 91 मरीज पहुंचे। इसके अतिरिक्त अन्य सीएचसी पर भी 50 से अधिक आई फ्लू के मरीजों का इलाज किया गया। आई फ्लू के कारण आईड्रॉप का कारोबार प्रतिदिन दो लाख रुपये तक पहुंच गया है। वहीं ब्रांडेड कंपनियों की आईड्राॅप की किल्लत होने लगी है। इससे मरीजों की मुश्किल बढ़ गई है।
असैदापुर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगी रही। ओपीडी में आई फ्लू के 91 मरीज उपचार कराने अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में कई मरीज इलाज कराने पहुंचे। नेत्र सर्जन डॉ. कुमुद सिंह ने आई फ्लू के मरीजों को इलाज के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लापरवाही से संक्रमण फैल रहा है, इस ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। आंख को ठंडे पानी से समय-समय पर धुलते रहें। संक्रमण का असर तीन से चार दिन तक ज्यादा रहता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल का कहना है कि मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
लक्षण पहचानें, ऐसे करें बचाव
एसीएमओ व नेत्र सर्जन डाॅ. संजय शर्मा ने कहा कि इस बीमारी को आई फ्लू नाम दिया जा रहा है। यह वायरल कंजक्टिव वाइटिस है। लेकिन इसका विस्तार बहुत तेजी से हो रहा है। इसके साथ में बैक्टिरियल इन्फेक्शन भी हो रहा है। वर्तमान परिस्थिति में जलवायु परिवर्तन के कारण आई फ्लू के मरीज अधिक आ रहे हैं। बताया कि आंखों के सफेद भाग का गुलाबी अथवा लाल हो जाना, आंखों में दर्द के साथ स्राव, सफेद झिल्ली में सूजन होना, आंख में जलन और पानी आना इसका प्रमुख लक्षण है। बीमारी से बचाव के लिए हाथों को बार-बार साबुन तथा पानी से साफ करें। आंखों तथा चेहरे को साफ करने के लिए साफ तौलिया या टिशू पेपर का प्रयोग करें। मरीज को आइसोलेट रखा जाए। तीन दिन में बीमारी फैलती है, इसलिए जिसको हो जाय वे कम से कम अन्य लोगों से पृथक रखें।
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आईड्राॅप की बढ़ी मांग
केमिस्ट एंड ड्रगस्टि फेडरेशन के अध्यक्ष अनुज तिवारी ने कहा कि आई फ्लू के मरीज बढ़ने के कारण आईड्रॉप की मांग बढ़ गई है। इसके कारण कई कंपनियों के आईड्रॉप की बाजार में शार्टेज हो गई है। प्रतिदिन करीब 20 से 25 हजार आई ड्राॅप करीब दो लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बिक रही है।
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असैदापुर स्थित संयुक्त जिला अस्पताल में सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगी रही। ओपीडी में आई फ्लू के 91 मरीज उपचार कराने अस्पताल पहुंचे। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में कई मरीज इलाज कराने पहुंचे। नेत्र सर्जन डॉ. कुमुद सिंह ने आई फ्लू के मरीजों को इलाज के साथ सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि लापरवाही से संक्रमण फैल रहा है, इस ज्यादा लोग संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं। आंख को ठंडे पानी से समय-समय पर धुलते रहें। संक्रमण का असर तीन से चार दिन तक ज्यादा रहता है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीपी अग्रवाल का कहना है कि मरीजों को कोई परेशानी न हो, इसके लिए प्रयास किया जा रहा है।
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लक्षण पहचानें, ऐसे करें बचाव
एसीएमओ व नेत्र सर्जन डाॅ. संजय शर्मा ने कहा कि इस बीमारी को आई फ्लू नाम दिया जा रहा है। यह वायरल कंजक्टिव वाइटिस है। लेकिन इसका विस्तार बहुत तेजी से हो रहा है। इसके साथ में बैक्टिरियल इन्फेक्शन भी हो रहा है। वर्तमान परिस्थिति में जलवायु परिवर्तन के कारण आई फ्लू के मरीज अधिक आ रहे हैं। बताया कि आंखों के सफेद भाग का गुलाबी अथवा लाल हो जाना, आंखों में दर्द के साथ स्राव, सफेद झिल्ली में सूजन होना, आंख में जलन और पानी आना इसका प्रमुख लक्षण है। बीमारी से बचाव के लिए हाथों को बार-बार साबुन तथा पानी से साफ करें। आंखों तथा चेहरे को साफ करने के लिए साफ तौलिया या टिशू पेपर का प्रयोग करें। मरीज को आइसोलेट रखा जाए। तीन दिन में बीमारी फैलती है, इसलिए जिसको हो जाय वे कम से कम अन्य लोगों से पृथक रखें।
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आईड्राॅप की बढ़ी मांग
केमिस्ट एंड ड्रगस्टि फेडरेशन के अध्यक्ष अनुज तिवारी ने कहा कि आई फ्लू के मरीज बढ़ने के कारण आईड्रॉप की मांग बढ़ गई है। इसके कारण कई कंपनियों के आईड्रॉप की बाजार में शार्टेज हो गई है। प्रतिदिन करीब 20 से 25 हजार आई ड्राॅप करीब दो लाख रुपये प्रतिदिन के हिसाब से बिक रही है।