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संविदा कर्मियों के खाते में नहीं जमा हो रही ईपीएफ राशि

Mon, 23 May 2022 11:06 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 23 May 2022 11:06 PM IST
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EPF fund is not send to accounts of contractual workers
गौरीगंज (अमेठी)। जिले के स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत संविदा व आउट सोर्सिंग स्वास्थ्य कर्मियों के खाते में ईपीएफ राशि प्रत्येक माह नहीं जमा की जा रही है। जबकि हर माह मानदेय से ईपीएफ राशि की कटौती कर ली जा रही है। ऐसे में कम मानदेय पाने वाले कर्मी विभागीय अत्याचार से परेशान हैं।
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स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते कार्यरत संविदा व आउट सोर्सिंग कर्मी हैरान हैं। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि इन कर्मचारियों को प्रति माह दिए जा रहे मानदेय से ईपीएफ राशि की कटौती तो कर ली जाती है लेकिन उक्त राशि उनके ईपीएफ खाते में जमा नहीं की जा रही है। ऐसे में कटौती के बाद भी उनके खाते में राशि जमा नहीं होने से कम मानदेय पर काम करने वाले कर्मियों का बड़े पैमाने पर नुकसान किया जा रहा है।
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प्रतिमाह कटौती के साथ उनके खाते में राशि जमा कर दी जाए तो उन्हें बैंक से उसका ब्याज भी मिल सके। संविदा व आउट सोर्सिंग के जरिए नौकरी करने की वजह से यह कर्मचारी खुलकर कुछ बोल भी नहीं पाते हैं। जिम्मेदार हैं कि उनकी कमाई की ही राशि डकारने में जुटे हैं।
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कर्मचारियों को तो यह भी नहीं पता है कि उनके मानदेय से कटौती करने के बाद राशि कब जमा होगी। जमा ही होगी या नहीं इसकी भी जानकारी नहीं है। वैसे पिछले दिनों प्रदेश के कई जिलों में ईपीएफ राशि में घोटाला की भी सूचनाएं हुई हैं। बावजूद इसके जिले में स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों के मानदेय से कटौती करने के बाद भी उनके खाते में ईपीएफ की राशि नहीं जमा की जा रही है। राशि नहीं जमा होने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
इन माह की नहीं जमा हुई राशि
जिले के स्वास्थ्य महकमे में 480 संविदा तो 50 आउट सोर्सिंग के जरिए स्वास्थ्य कर्मी कार्यरत हैं। शासनादेश के अनुसार 15 हजार व उससे कम मानदेय पाने वालों का प्रत्येक माह 12 फीसदी ईपीएफ काटा जाता है। कई कर्मचारियों ने बताया कि उनके मानदेय से प्रत्येक माह 12 फीसदी ईपीएफ की कटौती तो कर ली जाती है लेकिन उसे उनके खाते में नियमित रूप से जमा नहीं किया जाता।
कहा कि वित्तीय वर्ष 2021 में मई, जुलाई, अगस्त व अक्तूबर माह तो वित्तीय वर्ष 2022 में फरवरी माह से अब तक ईपीएफ राशि उनके खाते में नहीं जमा हुई है। इनका कहना है यदि कटौती के साथ उक्त राशि उनके खाते में जमा करा दी जाए तो उन्हें बैंक से उसका ब्याज मिलेगा। कटौती के बाद भी जमा नहीं करने से उनका नुकसान हो रहा है।

होगी कार्रवाई
एसीएमओ डॉ. राम प्रसाद ने बताया कि जब कटौती हो रही है तो उसकी समय उक्त राशि कर्मचारी के खाते में जमा करने का प्रावधान है। कहा यदि कटौती के बाद भी राशि कर्मचारियों के खाते में नहीं जमा हो रही हैं तो गंभीर मामला है। पूरे प्रकरण की जांच कराते हुए अविलंब सभी कर्मचारियों के खाते में ईपीएफ राशि जमा कराई जाएगी। दोषी कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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