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ट्रेनी विमान में आई खराबी, तेंदुआ गांव में हुई इमरजेंसी लैंडिंग
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25 : फुरसतगंज : तेदुआ गांव में क्षतिग्रस्त पड़ा ट्रेनी विमान व मौजूद भीड़। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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फुरसतगंज (अमेठी)। फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के एक ट्रेनी विमान की सोमवार सुबह तकनीकी खराबी के चलते इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। अकादमी से तीन किलोमीटर दूर हुई इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान विमान का अगला क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस दौरान प्रशिक्षु पायलट बाल-बाल बच गया।
ट्रेेनी विमान के इमरजेंसी लैंडिंग की सूचना सार्वजनिक होते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। इग्रुवा के अलावा प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। इग्रुवा के अफसरों ने कहा कि किस तकनीकी कमी के बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी उसकी जांच डीजीसीए करेगा।
गुजरात के रहने वाला अभय कुमार पटेल फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुवा) में प्रशिक्षु पायलट हैं। जुलाई 2021 में इस संस्थान में पायलट का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए प्रवेश लेने वाले अभय सोमवार को सोलो उड़ान पर थे। सोलो उड़ान प्रशिक्षण के तीसरे चरण के पहले राउंड पर सोमवार सुबह 10:15 बजे अभय ने ट्रेनी विमान डायमंड डीए-40 को लेकर उड़ान भरी। अभय विमान को लेकर निकला ही था कि विमान के इंजन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई।
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तकनीकी खराबी आने व उसका सिग्नल मिलने के बाद प्रशिक्षु पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल को देते हुए विमान की इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश शुरू की। प्रशिक्षु पायलट की कोशिश कामयाब रही। पायलट नेे विमान को अकादमी से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित पूरे काले मजरे तेंदुआ गांव के पास लैंड कराया। हालांकि इस दौरान पेड़ों की डालों से टकराने व कच्ची जमीन पर उतरने से विमान का एक पहिया बाहर निकल गया और अगला हिस्सा काफी क्षतिग्रस्त हो गया।
विमान के लैंड होते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीण मुश्ताक ने पायलट को सीट बेल्ट खोलकर बाहर निकाला। तकनीकी खराबी के बाद ट्रेनी विमान की सुरक्षित लैंडिंग की सूचना मिलते ही इग्रुवा के अलावा तहसील स्तरीय अफसर मौके पर पहुंचे। पायलट से पूरे प्रकरण की जानकारी लेने के बाद उसे मेडिकल चेकअप के लिए सीएचसी भेजा गया। इग्रुवा के डायरेक्टर कृष्णेंद्रु गुप्ता ने बताया कि विमान में आई तकनीकी खराबी व इमरजेंसी लैंडिंग की जांच डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन की टीम करेगी।
सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
संस्थान में पायलट की पूरी ट्रेनिंग के दौरान उसे अलग-अलग चरण में 200 घंटे विमान उड़ाने का मौका दिया जाता है। 200 घंटे की उड़ान को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले पायलट को उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार की ओर से कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस दिया जाता है। प्रशिक्षु पायलट अभय पहले 26 घंटे की उड़ान कर चुके हैं। सोमवार को वह 27वें घंटे की सोलो उड़ान पर थे। इसी दौरान विमान में आई तकनीकी खराबी के बाद उसे इमरजेंसी लैंडिंग जैसा बड़ा निर्णय लेना पड़ा। पायलट अभय ने अपनी सूझबूझ से बड़े हादसे को टाल दिया।
क्या है सोलो उड़ान
पायलट की ट्रेनिंग लेने वाले प्रत्येक प्रशिक्षु को प्रशिक्षक के साथ शुरुआती विमान उड़ाने की ट्रेनिंग के बाद अकेले (सोलो) उड़ान की अनुमति दी जाती है। यह ट्रेनिंग तीन चरण में होती है। पहले चरण में प्रशिक्षु पायलट को 15 मिनट के कई राउंड, दूसरे चरण में 30 मिनट के कई राउंड व तीसरे चरण में 45 मिनट के कई राउंड विमान उड़ाने का मौका मिलता है। सोमवार को अभय तीसरे चरण के पहले सोलो राउंड पर निकले ही थे कि विमान में तकनीकी खराबी आ गई।
फोटो खींचने में जुटे रहे ग्रामीण
विमान की इमरजेंसी लैंडिंग होते ही पूरे काले व आसपास के गांव के लोग मौके पर पहुंचे गए। एकत्र ग्रामीण प्लेन के साथ सेल्फी लेने के साथ फोटो खींचने व खिंचाने में जुट गए। ग्रामीण तब तक विमान के पास डटे रहे जब तक मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें नहीं हटाया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अफसर
ट्रेनी विमान की इमरजेंसी लैंडिंग होते हपी इग्रुवा के प्रशासनिक अफसर संदीप पुरी, सहायक प्रशासनिक अफसर गोपा कुमार, उड़ान सुरक्षा अधिकारी सीवीएन यादव, वित्त अधिकारी अरुण टंडन व इंजीनियर अरुण कुमार व निरंजन कुमार मौके पर पहुंचे। इसके अलावा सीओ तिलोई डॉ. अजय कुमार सिंह, तहसीलदार पवन कुमार शर्मा और एसएचओ फुरसतगंज मनोज सोनकर भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
की जाएगी जांच
मौके पर पहुंचे उड़ान अकादमी के सुरक्षा मैनेजर नरेंद्र यादव ने कहा कि प्रशिक्षु पायलट अभय कुमार पटेल प्लेन लेकर 10:15 बजे ट्रेनिंग पर निकले थे। कुछ मिनट बाद ही प्लेन की गांव के बाहर लैंडिंग करानी पड़ी। खेत में लगे पेड़ से टकराने की वजह से प्लेन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग क्यों करानी पड़ी इसकी जांच की जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान पायलट को प्रशिक्षित किया जाता है कि जब इंजन कंट्रोल से बाहर हो जाए तो ओपन फील्ड चुनकर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग की जाए। जिससे जनहानि न हो सके।
अभय का प्रयास सराहनीय
संस्थान के मीडिया प्रभारी राम किशोर द्विवेदी ने कहा कि प्रशिक्षु पायलट अभय कुमार पटेल ने कुशलता पूर्वक अपनी व स्थानीय ग्रामीणों की जानमाल की रक्षा करते हुए विमान को उतारा। यह बहुत ही सराहनीय है। इससे यह साबित होता है कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी का प्रशिक्षण कितना कुशल व कारगर है।
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ट्रेेनी विमान के इमरजेंसी लैंडिंग की सूचना सार्वजनिक होते ही प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। इग्रुवा के अलावा प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे। इग्रुवा के अफसरों ने कहा कि किस तकनीकी कमी के बाद विमान की इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी उसकी जांच डीजीसीए करेगा।
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गुजरात के रहने वाला अभय कुमार पटेल फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान अकादमी (इग्रुवा) में प्रशिक्षु पायलट हैं। जुलाई 2021 में इस संस्थान में पायलट का प्रशिक्षण हासिल करने के लिए प्रवेश लेने वाले अभय सोमवार को सोलो उड़ान पर थे। सोलो उड़ान प्रशिक्षण के तीसरे चरण के पहले राउंड पर सोमवार सुबह 10:15 बजे अभय ने ट्रेनी विमान डायमंड डीए-40 को लेकर उड़ान भरी। अभय विमान को लेकर निकला ही था कि विमान के इंजन में कुछ तकनीकी खराबी आ गई।
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तकनीकी खराबी आने व उसका सिग्नल मिलने के बाद प्रशिक्षु पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल को देते हुए विमान की इमरजेंसी लैंडिंग की कोशिश शुरू की। प्रशिक्षु पायलट की कोशिश कामयाब रही। पायलट नेे विमान को अकादमी से महज तीन किलोमीटर दूर स्थित पूरे काले मजरे तेंदुआ गांव के पास लैंड कराया। हालांकि इस दौरान पेड़ों की डालों से टकराने व कच्ची जमीन पर उतरने से विमान का एक पहिया बाहर निकल गया और अगला हिस्सा काफी क्षतिग्रस्त हो गया।
विमान के लैंड होते ही मौके पर पहुंचे ग्रामीण मुश्ताक ने पायलट को सीट बेल्ट खोलकर बाहर निकाला। तकनीकी खराबी के बाद ट्रेनी विमान की सुरक्षित लैंडिंग की सूचना मिलते ही इग्रुवा के अलावा तहसील स्तरीय अफसर मौके पर पहुंचे। पायलट से पूरे प्रकरण की जानकारी लेने के बाद उसे मेडिकल चेकअप के लिए सीएचसी भेजा गया। इग्रुवा के डायरेक्टर कृष्णेंद्रु गुप्ता ने बताया कि विमान में आई तकनीकी खराबी व इमरजेंसी लैंडिंग की जांच डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन की टीम करेगी।
सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
संस्थान में पायलट की पूरी ट्रेनिंग के दौरान उसे अलग-अलग चरण में 200 घंटे विमान उड़ाने का मौका दिया जाता है। 200 घंटे की उड़ान को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले पायलट को उड्डयन मंत्रालय भारत सरकार की ओर से कॉमर्शियल पायलट लाइसेंस दिया जाता है। प्रशिक्षु पायलट अभय पहले 26 घंटे की उड़ान कर चुके हैं। सोमवार को वह 27वें घंटे की सोलो उड़ान पर थे। इसी दौरान विमान में आई तकनीकी खराबी के बाद उसे इमरजेंसी लैंडिंग जैसा बड़ा निर्णय लेना पड़ा। पायलट अभय ने अपनी सूझबूझ से बड़े हादसे को टाल दिया।
क्या है सोलो उड़ान
पायलट की ट्रेनिंग लेने वाले प्रत्येक प्रशिक्षु को प्रशिक्षक के साथ शुरुआती विमान उड़ाने की ट्रेनिंग के बाद अकेले (सोलो) उड़ान की अनुमति दी जाती है। यह ट्रेनिंग तीन चरण में होती है। पहले चरण में प्रशिक्षु पायलट को 15 मिनट के कई राउंड, दूसरे चरण में 30 मिनट के कई राउंड व तीसरे चरण में 45 मिनट के कई राउंड विमान उड़ाने का मौका मिलता है। सोमवार को अभय तीसरे चरण के पहले सोलो राउंड पर निकले ही थे कि विमान में तकनीकी खराबी आ गई।
फोटो खींचने में जुटे रहे ग्रामीण
विमान की इमरजेंसी लैंडिंग होते ही पूरे काले व आसपास के गांव के लोग मौके पर पहुंचे गए। एकत्र ग्रामीण प्लेन के साथ सेल्फी लेने के साथ फोटो खींचने व खिंचाने में जुट गए। ग्रामीण तब तक विमान के पास डटे रहे जब तक मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें नहीं हटाया।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे अफसर
ट्रेनी विमान की इमरजेंसी लैंडिंग होते हपी इग्रुवा के प्रशासनिक अफसर संदीप पुरी, सहायक प्रशासनिक अफसर गोपा कुमार, उड़ान सुरक्षा अधिकारी सीवीएन यादव, वित्त अधिकारी अरुण टंडन व इंजीनियर अरुण कुमार व निरंजन कुमार मौके पर पहुंचे। इसके अलावा सीओ तिलोई डॉ. अजय कुमार सिंह, तहसीलदार पवन कुमार शर्मा और एसएचओ फुरसतगंज मनोज सोनकर भी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
की जाएगी जांच
मौके पर पहुंचे उड़ान अकादमी के सुरक्षा मैनेजर नरेंद्र यादव ने कहा कि प्रशिक्षु पायलट अभय कुमार पटेल प्लेन लेकर 10:15 बजे ट्रेनिंग पर निकले थे। कुछ मिनट बाद ही प्लेन की गांव के बाहर लैंडिंग करानी पड़ी। खेत में लगे पेड़ से टकराने की वजह से प्लेन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग क्यों करानी पड़ी इसकी जांच की जाएगी। ट्रेनिंग के दौरान पायलट को प्रशिक्षित किया जाता है कि जब इंजन कंट्रोल से बाहर हो जाए तो ओपन फील्ड चुनकर प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग की जाए। जिससे जनहानि न हो सके।
अभय का प्रयास सराहनीय
संस्थान के मीडिया प्रभारी राम किशोर द्विवेदी ने कहा कि प्रशिक्षु पायलट अभय कुमार पटेल ने कुशलता पूर्वक अपनी व स्थानीय ग्रामीणों की जानमाल की रक्षा करते हुए विमान को उतारा। यह बहुत ही सराहनीय है। इससे यह साबित होता है कि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी का प्रशिक्षण कितना कुशल व कारगर है।

26 : फुरसतगंज : तेदुआ गांव में क्षतिग्रस्त ट्रेनी विमान को देखते अफसर। -संवाद- फोटो : AMETHI