फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   Do not hide mental distress.

Amethi News: मानसिक परेशानी छिपाएं नहीं

Sun, 11 Oct 2026 12:39 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी Updated Sun, 11 Oct 2026 12:39 AM IST
विज्ञापन
Do not hide mental distress.
 जिला अस्पताल के ओपीडी कक्ष में मरीज का इलाज करते डॉक्टर। -संवाद
अमेठी सिटी। पढ़ाई, रोजगार और पारिवारिक जिम्मेदारियों का दबाव लोगों की मानसिक सेहत पर असर डाल रहा है। कई लोग अपनों के बीच भी अकेलापन महसूस करते हैं। शनिवार को विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर विशेषज्ञों ने मन की परेशानी साझा करने और जरूरत पड़ने पर मदद लेने की अपील की।
विज्ञापन


जिला अस्पताल के मनोरोग विभाग में हर साल करीब 1200 से 1500 मरीज मानसिक समस्याओं और एंजाइटी की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। विभाग के अनुसार, इनमें करीब 80 फीसदी मरीज इलाज और काउंसिलिंग से स्वस्थ हो जाते हैं। गंभीर मरीजों को हायर सेंटर भेजा जाता है।
विज्ञापन


एक जनवरी से 10 अक्तूबर 2026 तक आत्महत्या से जुड़ी घटनाओं में 12 लोगों की जान गई है। जायस क्षेत्र में सोशल मीडिया पर आत्महत्या से संबंधित वीडियो पोस्ट करने वाले 19 वर्षीय युवक को मेटा से अलर्ट मिलने पर पुलिस ने आठ मिनट में पहुंचकर सुरक्षित बचाया और अस्पताल पहुंचाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


अपनों का सहयोग देता है हिम्मत
प्रतापगढ़ के अठेहा निवासी अंकित यादव ने बताया कि वह डिप्रेशन से परेशान थे। छह महीने के इलाज और काउंसिलिंग के बाद अब स्वस्थ हैं। प्राची यादव भी चार महीने के उपचार के बाद स्वस्थ होकर पढ़ाई कर रही हैं। 40 वर्षीय भानुमति ने बताया कि ओसीडी के इलाज और काउंसिलिंग से सात महीने में उनकी स्थिति में सुधार हुआ। राजेश के अनुसार, किसी अपने से बात करने पर मन हल्का होता है। स्वाति ने कहा कि पढ़ाई और भविष्य की चिंता से जूझ रहे युवाओं को परिवार का सहयोग मिलना चाहिए। धर्मेंद्र के मुताबिक, परेशान व्यक्ति की बात ध्यान से सुनना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की मदद लेना जरूरी है।


शुरुआती संकेतों को न करें नजरअंदाज
लगातार उदासी, चिड़चिड़ापन, घबराहट, नींद में बदलाव और किसी काम में मन न लगना मानसिक परेशानी के संकेत हो सकते हैं। लक्षण लंबे समय तक बने रहें या रोजमर्रा के काम प्रभावित हों तो विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए। मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. वीर विक्रम सिंह ने कहा कि मानसिक परेशानी कमजोरी नहीं है। इसे छिपाने के बजाय विशेषज्ञ से परामर्श लेना चाहिए। सीएमएस डॉ. बद्री प्रसाद अग्रवाल ने मानसिक स्वास्थ्य को शारीरिक स्वास्थ्य जितनी अहमियत देने की सलाह दी। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी सहायता के लिए टेली-मानस सेवा के नंबर 14416 और 1800-89-14416 पर संपर्क किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed