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महिला दरोगा को खुदकुशी के लिए उकसाने वाला डायट टीचर गिरफ्तार
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15 : तिलोई : पुलिस की गिरफ्त में महिला दरोगा को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोपी। -संवाद
- फोटो : AMETHI
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गौरीगंज (अमेठी)। महिला दरोगा की मौत के चौथे दिन पुलिस ने पिता की तहरीर पर दरोगा के प्रेमी के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी शिक्षक (प्रेमी) पर दरोगा को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज किया गया है। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी शिक्षक का चालान जिला एवं सत्र न्यायालय रायबरेली भेजा जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के मलौली गांव निवासी एडवोकेट मुन्नालाल यादव की पुत्री रश्मि यादव जिले के मोहनगंज थाने में उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत थीं। 22 अप्रैल को रश्मि थाने से सटे फायर विभाग के भवन स्थित अपने आवास में पंखे के सहारे फांसी के फंदे से लटकी मिलीं थीं। पुलिस कर्मी उन्हें तत्काल नीचे उतार कर अस्पताल ले गए।
अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मौत की सूचना पर आए परिवारीजन पहले तो आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या की बात कह रहे थे लेकिन अचानक उन्होंने आरोप लगाना बंद कर दिया और पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव लेकर अपने पैतृक गांव मलौली चले गए। 24 अप्रैल को मामले ने तब तूल पकड़ा जब सपा मुखिया अखिलेश यादव रश्मि के घर मलौली पहुंच गए और सरकार पर आरोप मढ़ना शुरू कर दिया। इस बीच पुलिस रश्मि के पिता मुन्नालाल के संपर्क में थी। सोमवार दोपहर बाद रश्मि के पिता ने पुलिस को नामजद तहरीर दे दी।
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तहरीर में पिता ने कहा है कि पुलिस में नौकरी पाने से पहले उनकी पुत्री रश्मि बहराइच जिले के एक प्राइमरी स्कूल में अध्यापिका थी। स्कूल में तैनाती के दौरान ही उसकी जान पहचान बहराइच डायट में तैनात अलीगढ़ निवासी शिक्षक सुरेंद्र सिंह उर्फ रिशू से हो गई थी। कहा कि उन्हीं संबंधों की वजह से दामाद राजेश यादव से बेटी का तलाक हो गया।
आरोप है कि सुरेंद्र आए दिन उनकी बेटी को फोन पर वार्ता के दौरान व सामने मिलकर तरह-तरह के आरोप लगाता रहता था। यही नहीं वह अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए परेशान करता था। जिससे क्षुब्ध होकर उनकी बेटी ने 22 अप्रैल को करीब साढ़े तीन बजे अपने सरकारी आवास में दुपट्टे के सहारे पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली। दाह संस्कार करने के बाद बेटी के मोबाइल में सुरेंद्र के बातचीत की रिकार्डिंग सुनकर विश्वास हो गया कि सुरेंद्र सिंह द्वारा लगातार अपमानित करने की वजह से ही उनकी पुत्री ने आत्महत्या कर ली।
पिता की तहरीर मिलते ही मोहनगंज एसएचओ अमर सिंह ने सुरेंद्र सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने तथा अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया। केस दर्ज करने के बाद मोहनगंज पुलिस ने सुरेंद्र को मंगलवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का चालान न्यायालय भेज दिया। न्यायालय में सुनवाई करते हुए जज ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
समाप्त हुआ शासन का प्रेशर
मृतक महिला दरोगा रश्मि यादव के मलौली स्थित मकान पर सांत्वना देने पहुंचे सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला था। अखिलेश के बयान के बाद से शासन सक्रिय हो गया था। सूत्रों के अनुसार अमेठी पुलिस पर लगातार केस दर्ज करने का प्रेशर था।
उधर मृतक दरोगा के पिता तहरीर नहीं दे रहे थे। शासन का प्रेशर बढ़ने के बाद कुछ पुलिस अफसरों को पिता को समझा बुझाकर तहरीर देने के लिए लगाया गया। हालांकि अमेठी पुलिस की मेहनत रंग लाई और सोमवार को दरोगा के पिता ने तहरीर दे दी। तहरीर मिलते ही मोहनगंज पुलिस ने न सिर्फ तत्काल केस दर्ज कर लिया बल्कि अगले दिन मंगलवार दोपहर तक आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार भी कर लिया। केस दर्ज करने तथा गिरफ्तारी के बाद पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली।
फोन कॉल की रिकार्डिंग से मिला सुराग
एसपी दिनेश सिंह ने कहा कि मृतक महिला दरोगा के मोबाइल फोन में सभी कॉल की रिकार्डिंग होती थी। कहा कि मौत के बाद उनके मोबाइल फोन को चेक किया गया तो मरने से पहले अथवा मोबाइल द्वारा अंतिम फोन कॉल को खंगालना शुरू किया गया। अंतिम फोन कॉल की रिकार्डिंग सुनने के बाद उसी दिन स्पष्ट हो गया था कि रश्मि को आत्महत्या के लिए प्रेरित किया गया है। बेटी की मौत से सदमे के चलते परिवारीजनों ने तत्काल तहरीर नहीं दी थी। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। कहा कि जल्द ही विवेचना पूर्ण कर चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी जाएगी।
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लखनऊ के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के मलौली गांव निवासी एडवोकेट मुन्नालाल यादव की पुत्री रश्मि यादव जिले के मोहनगंज थाने में उपनिरीक्षक के पद पर कार्यरत थीं। 22 अप्रैल को रश्मि थाने से सटे फायर विभाग के भवन स्थित अपने आवास में पंखे के सहारे फांसी के फंदे से लटकी मिलीं थीं। पुलिस कर्मी उन्हें तत्काल नीचे उतार कर अस्पताल ले गए।
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अस्पताल में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था। मौत की सूचना पर आए परिवारीजन पहले तो आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या की बात कह रहे थे लेकिन अचानक उन्होंने आरोप लगाना बंद कर दिया और पोस्टमॉर्टम होने के बाद शव लेकर अपने पैतृक गांव मलौली चले गए। 24 अप्रैल को मामले ने तब तूल पकड़ा जब सपा मुखिया अखिलेश यादव रश्मि के घर मलौली पहुंच गए और सरकार पर आरोप मढ़ना शुरू कर दिया। इस बीच पुलिस रश्मि के पिता मुन्नालाल के संपर्क में थी। सोमवार दोपहर बाद रश्मि के पिता ने पुलिस को नामजद तहरीर दे दी।
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तहरीर में पिता ने कहा है कि पुलिस में नौकरी पाने से पहले उनकी पुत्री रश्मि बहराइच जिले के एक प्राइमरी स्कूल में अध्यापिका थी। स्कूल में तैनाती के दौरान ही उसकी जान पहचान बहराइच डायट में तैनात अलीगढ़ निवासी शिक्षक सुरेंद्र सिंह उर्फ रिशू से हो गई थी। कहा कि उन्हीं संबंधों की वजह से दामाद राजेश यादव से बेटी का तलाक हो गया।
आरोप है कि सुरेंद्र आए दिन उनकी बेटी को फोन पर वार्ता के दौरान व सामने मिलकर तरह-तरह के आरोप लगाता रहता था। यही नहीं वह अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करते हुए परेशान करता था। जिससे क्षुब्ध होकर उनकी बेटी ने 22 अप्रैल को करीब साढ़े तीन बजे अपने सरकारी आवास में दुपट्टे के सहारे पंखे से लटक कर आत्महत्या कर ली। दाह संस्कार करने के बाद बेटी के मोबाइल में सुरेंद्र के बातचीत की रिकार्डिंग सुनकर विश्वास हो गया कि सुरेंद्र सिंह द्वारा लगातार अपमानित करने की वजह से ही उनकी पुत्री ने आत्महत्या कर ली।
पिता की तहरीर मिलते ही मोहनगंज एसएचओ अमर सिंह ने सुरेंद्र सिंह के खिलाफ आत्महत्या के लिए उत्प्रेरित करने तथा अपमानजनक शब्दों का प्रयोग करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया। केस दर्ज करने के बाद मोहनगंज पुलिस ने सुरेंद्र को मंगलवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का चालान न्यायालय भेज दिया। न्यायालय में सुनवाई करते हुए जज ने उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
समाप्त हुआ शासन का प्रेशर
मृतक महिला दरोगा रश्मि यादव के मलौली स्थित मकान पर सांत्वना देने पहुंचे सपा मुखिया अखिलेश यादव ने प्रदेश की योगी सरकार पर जमकर हमला बोला था। अखिलेश के बयान के बाद से शासन सक्रिय हो गया था। सूत्रों के अनुसार अमेठी पुलिस पर लगातार केस दर्ज करने का प्रेशर था।
उधर मृतक दरोगा के पिता तहरीर नहीं दे रहे थे। शासन का प्रेशर बढ़ने के बाद कुछ पुलिस अफसरों को पिता को समझा बुझाकर तहरीर देने के लिए लगाया गया। हालांकि अमेठी पुलिस की मेहनत रंग लाई और सोमवार को दरोगा के पिता ने तहरीर दे दी। तहरीर मिलते ही मोहनगंज पुलिस ने न सिर्फ तत्काल केस दर्ज कर लिया बल्कि अगले दिन मंगलवार दोपहर तक आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार भी कर लिया। केस दर्ज करने तथा गिरफ्तारी के बाद पुलिस अफसरों ने राहत की सांस ली।
फोन कॉल की रिकार्डिंग से मिला सुराग
एसपी दिनेश सिंह ने कहा कि मृतक महिला दरोगा के मोबाइल फोन में सभी कॉल की रिकार्डिंग होती थी। कहा कि मौत के बाद उनके मोबाइल फोन को चेक किया गया तो मरने से पहले अथवा मोबाइल द्वारा अंतिम फोन कॉल को खंगालना शुरू किया गया। अंतिम फोन कॉल की रिकार्डिंग सुनने के बाद उसी दिन स्पष्ट हो गया था कि रश्मि को आत्महत्या के लिए प्रेरित किया गया है। बेटी की मौत से सदमे के चलते परिवारीजनों ने तत्काल तहरीर नहीं दी थी। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। कहा कि जल्द ही विवेचना पूर्ण कर चार्जशीट न्यायालय में प्रस्तुत कर दी जाएगी।