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मुसाफिरखाना में लोकतंत्र सेनानी के निधन पर शोक
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मुसाफिरखाना (अमेठी)। क्षेत्र के कंजास गांव निवासी 65 वर्षीय लोकतंत्र सेनानी हुबलाल पासी की बुधवार देर शाम मौत हो गई। लोकतंत्र सेनानी के निधन की सूचना पर एनके घर पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने शोक संवेदना व्यक्त की। गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया।
मुसाफिरखाना ब्लॉक के ग्राम पूरे बरजोर मजरे कंजास गांव निवासी हुबलाल पासी 1975 में आपातकाल के दौरान उसकी मुखालफत करने वालों में शामिल रहे। करीब 20 वर्ष की उम्र में तत्कालीन सरकार द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। लंबे समय तक जेल में बंद रहे हुबलाल 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद जेल से छूटे।
बुधवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे लोकतंत्र सेनानी के आकस्मिक निधन की सूचना पर एसडीएम सुनील त्रिवेदी, सीओ मनोज कुमार यादव, तहसीलदार श्रद्धा सिंह, सपा जिलाध्यक्ष छोटेलाल यादव समेत अन्य गणमान्य लोगों ने उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
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गुरुवार दोपहर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के समय उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया। इस मौके पर वारिसगंज चौकी इंचार्ज उमेश मिश्र, प्रधान रमेश ओझा, बृजेश यादव व विजय कुमार यादव समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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मुसाफिरखाना ब्लॉक के ग्राम पूरे बरजोर मजरे कंजास गांव निवासी हुबलाल पासी 1975 में आपातकाल के दौरान उसकी मुखालफत करने वालों में शामिल रहे। करीब 20 वर्ष की उम्र में तत्कालीन सरकार द्वारा उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। लंबे समय तक जेल में बंद रहे हुबलाल 1977 में जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद जेल से छूटे।
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बुधवार की शाम करीब साढ़े पांच बजे लोकतंत्र सेनानी के आकस्मिक निधन की सूचना पर एसडीएम सुनील त्रिवेदी, सीओ मनोज कुमार यादव, तहसीलदार श्रद्धा सिंह, सपा जिलाध्यक्ष छोटेलाल यादव समेत अन्य गणमान्य लोगों ने उनके घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की।
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गुरुवार दोपहर राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के समय उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर से नवाजा गया। इस मौके पर वारिसगंज चौकी इंचार्ज उमेश मिश्र, प्रधान रमेश ओझा, बृजेश यादव व विजय कुमार यादव समेत बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।