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Amethi News: जन्म-मृत्यु पंजीकरण में देरी पड़ेगी भारी
Mon, 28 Sep 2026 01:12 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:12 AM IST
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अमेठी सिटी। जन्म या मृत्यु का पंजीकरण समय पर नहीं कराया तो अब जेब पर अधिक बोझ पड़ेगा। नई व्यवस्था में 21 दिन के भीतर प्रमाणपत्र निशुल्क जारी होगा। इसके बाद देरी बढ़ने के साथ शुल्क भी बढ़ता जाएगा। दो साल से अधिक पुरानी घटना के पंजीकरण के लिए प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का आदेश लेना होगा। समय पर पंजीकरण नहीं कराने वालों को अतिरिक्त शुल्क के साथ लंबी प्रक्रिया से भी गुजरना पड़ेगा।
नई व्यवस्था में 21 दिन के बाद 30 दिन के भीतर पंजीकरण कराने पर 20 रुपये शुल्क देना होगा। पहले यह शुल्क दो रुपये था। 30 दिन से एक साल के भीतर पंजीकरण कराने पर शुल्क पांच रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। एक से दो साल तक पंजीकरण के लिए 150 रुपये शुल्क निर्धारित है।
दो साल से अधिक पुरानी जन्म या मृत्यु की घटना के पंजीकरण के लिए आवेदक को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन करना होगा। मामले की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद मजिस्ट्रेट आदेश जारी करेंगे। इसके बाद संबंधित निकाय में पंजीकरण और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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डीपीआरओ मनोज त्यागी ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य जन्म-मृत्यु की घटनाओं का समय से सही पंजीकरण सुनिश्चित करना है। इससे फर्जी प्रमाणपत्र जारी होने की आशंका पर भी अंकुश लगेगा। लोगों को निर्धारित समय सीमा में पंजीकरण करा लेना चाहिए, जिससे अतिरिक्त शुल्क और लंबी प्रक्रिया से बचा जा सके।
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नई व्यवस्था में 21 दिन के बाद 30 दिन के भीतर पंजीकरण कराने पर 20 रुपये शुल्क देना होगा। पहले यह शुल्क दो रुपये था। 30 दिन से एक साल के भीतर पंजीकरण कराने पर शुल्क पांच रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये कर दिया गया है। एक से दो साल तक पंजीकरण के लिए 150 रुपये शुल्क निर्धारित है।
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दो साल से अधिक पुरानी जन्म या मृत्यु की घटना के पंजीकरण के लिए आवेदक को प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष आवेदन करना होगा। मामले की जांच और तथ्यों की पुष्टि के बाद मजिस्ट्रेट आदेश जारी करेंगे। इसके बाद संबंधित निकाय में पंजीकरण और प्रमाणपत्र जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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डीपीआरओ मनोज त्यागी ने बताया कि नई व्यवस्था का उद्देश्य जन्म-मृत्यु की घटनाओं का समय से सही पंजीकरण सुनिश्चित करना है। इससे फर्जी प्रमाणपत्र जारी होने की आशंका पर भी अंकुश लगेगा। लोगों को निर्धारित समय सीमा में पंजीकरण करा लेना चाहिए, जिससे अतिरिक्त शुल्क और लंबी प्रक्रिया से बचा जा सके।