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Amethi News: डीएसी नियम बना मुसीबत
Tue, 14 Apr 2026 12:43 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 14 Apr 2026 12:43 AM IST
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संग्रामपुर में सिलिंडर लेने के इंतजार में बैठे उपभोक्ता। -संवाद
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संग्रामपुर। गैस सिलिंडर की किल्लत से जूझ रहे उपभोक्ताओं की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहीं। अमेठी कस्बे की प्रकाश गैस एजेंसी सीज होने के बाद बनाई गई अस्थायी व्यवस्था राहत देने के बजाय नई परेशानी बन गई है।
पुराने डीएसी कोड पर सिलिंडर नहीं मिलने से लोगों की दिक्कत और बढ़ गई है। सोमवार को अमेठी-संग्रामपुर मार्ग स्थित मां कालिका मैरिज लॉन पर सुबह छह बजे से ही सिलिंडर लेने वालों की लंबी कतार लग गई। समय के साथ भीड़ बढ़ती गई और तेज धूप के बीच लोग घंटों तक लाइन में खड़े रहे।
कई उपभोक्ताओं को चार से पांच घंटे इंतजार के बाद ही सिलिंडर मिल सका। डीएसी कोड की अनिवार्यता ने परेशानी और बढ़ा दी। एजेंसी कर्मियों ने छह अप्रैल के बाद जारी कोड को ही मान्य बताया, जिससे पुराने कोड लेकर पहुंचे कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। 11 बजे वितरण शुरू हुआ, लेकिन पहले चरण में पिकअप से आए 70 सिलिंडर एक घंटे में ही खत्म हो गए।
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दोपहर 12:15 बजे सिलिंडर लेकर ट्रक पहुंचने के बाद ही दोबारा शुरू हो सका। धनापुर निवासी महेश सुबह आठ बजे लाइन में लगे थे, लेकिन उन्हें साढ़े चार घंटे बाद सिलिंडर मिल सका। अमेठी की बुजुर्ग जुबैदा सुबह से पासबुक जमा कर इंतजार करती रहीं, फिर भी उन्हें देर तक सिलिंडर नहीं मिला।
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पुराने डीएसी कोड पर सिलिंडर नहीं मिलने से लोगों की दिक्कत और बढ़ गई है। सोमवार को अमेठी-संग्रामपुर मार्ग स्थित मां कालिका मैरिज लॉन पर सुबह छह बजे से ही सिलिंडर लेने वालों की लंबी कतार लग गई। समय के साथ भीड़ बढ़ती गई और तेज धूप के बीच लोग घंटों तक लाइन में खड़े रहे।
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कई उपभोक्ताओं को चार से पांच घंटे इंतजार के बाद ही सिलिंडर मिल सका। डीएसी कोड की अनिवार्यता ने परेशानी और बढ़ा दी। एजेंसी कर्मियों ने छह अप्रैल के बाद जारी कोड को ही मान्य बताया, जिससे पुराने कोड लेकर पहुंचे कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ा। 11 बजे वितरण शुरू हुआ, लेकिन पहले चरण में पिकअप से आए 70 सिलिंडर एक घंटे में ही खत्म हो गए।
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दोपहर 12:15 बजे सिलिंडर लेकर ट्रक पहुंचने के बाद ही दोबारा शुरू हो सका। धनापुर निवासी महेश सुबह आठ बजे लाइन में लगे थे, लेकिन उन्हें साढ़े चार घंटे बाद सिलिंडर मिल सका। अमेठी की बुजुर्ग जुबैदा सुबह से पासबुक जमा कर इंतजार करती रहीं, फिर भी उन्हें देर तक सिलिंडर नहीं मिला।