फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amethi News ›   crop loss in rain

प्रकृति के प्रकोप ने बर्बाद की हजारों हेक्टेयर फसल

Sat, 07 Mar 2020 12:00 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 07 Mar 2020 12:00 AM IST
विज्ञापन
crop loss in rain
गौरीगंज (अमेठी)। तेज आंधी के साथ बृहस्पतिवार शाम हुई बरसात व ओलावृष्टि ने जिले के कई हजार किसानों को खून के आंसू रोने पर विवश कर दिया है। प्रकृति के इस प्रकोप से जिले की चारों तहसीलों की करीब 50 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है। रवी सीजन की तैयार फसल खेतों मेें गिर गई है तो सब्जी की खेती को भी भारी नुकसान हुआ है।
विज्ञापन

20 लाख से अधिक की आबादी वाले जिले में बड़ी संख्या में किसान व उनके परिवार खेती पर आश्रित हैं। यहां किसान रवी व खरीफ की प्रमुख फसल धान व गेहूं के अलावा दलहनी व तिलहनी फसल तथा सब्जी, फल व फूल की खेती करते हैं। बृहस्पतिवार शाम तेज आंधी के साथ घंटों हुई बरसात व ओलावृष्टि ने जिले के हजारों किसानों को खून के आंसू रोने पर विवश कर दिया है।
विज्ञापन

उनकी हाड़ तोड़ मेहनत से तैयार रवी सीजन की प्रमुख फसल खेतों में गिर गई है तो ओले पड़ने से खेतों में खड़ी तिलहनी फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। फलफूल के साथ सब्जी की खेती भी पूरी तरह बर्बाद हो गई है। बृहस्पतिवार को प्रकृति के प्रकोप की चपेट में आने वाले हजारों किसान तो ऐसे हैं जिनके घर फाकाकशी की नौबत आ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन

जिले में इतने भूभाग पर हुई खेती
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार रवी की मौजूदा सीजन में जिले में 1.30 लाख हेक्टेयर में गेहूं, 12,200 हेक्टेयर में सरसों, 6,900 हेक्टेयर में मटर, 3,200 हेक्टेयर में चना व 1,500 हेक्टेयर में किसानों ने जौ की खेती की है।
जिले की सभी तहसील दायरे में
बृहस्पतिवार को हुई बरसात व ओलावृष्टि का दायरा तकरीबन पूरा जिला रहा। जिले की चारों तहसीलों (मुसाफिरखाना, अमेठी, गौरीगंज व तिलोई) की तकरीबन सभी ग्राम पंचायतों में इसका व्यापक असर है। किसानों को नहीं सूझ रहा कि वे क्या करें।
किसानों का दर्द भी सुनिए हाकिम
अमेठी तहसील के बील्हापुर मजरे घोरहा निवासी महेश पांडेय, वासुदेव मिश्र, त्रियुगी नारयण, राजेंद्र शुक्ल, अमरेश पांडेय आदि की मानें तो उनके गांव में गेहूं की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई है। ऐसा ही दर्द जगदीशपुर के खैरातपुर निवासी आबिद अली, मंगौली के रामप्रगट तिवारी, पूरे जेहली परवेजपुर निवासी आरिफ का भी है। थौरी निवासी उर्मिला व शिवकला बताती हैं कि उनके खेत में बोई गई सरसों की फली में आए दाने खेत में ही गिर गए।
सभी तरह की फसल को नुकसान
जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने स्वीकार किया कि पखवारा भर पूर्व हुई बरसात के बाद बृहस्पतिवार रात जहां बरसात व ओलावृष्टि हुई वहां फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पांडेय ने कहा कि सरसों व मटर की जो फसल काटी जा चुकी थी उसके अलावा सभी तरह की फसलें नुकसान के दायरे में हैं। एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में हुए नुकसान का सर्वे कराया जाएगा। शुरुआती आंकड़े जानने के लिए सभी एसडीएम से देर शाम तक रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट मिलते ही उसे राहत सचिव को भेजा जाएगा।
बीमा कंपनी से करें शिकायत
जिले में रवी सीजन की गेहूं की फसल प्रधानमंत्री बीमा योजना से जुड़ी है। जो किसान बीमित हैं वे ओलावृष्टि की स्थिति में हुए नुकसान की भरपाई के पात्र होते हैं। जिले में इसके लिए यूनिवर्सल जनरल सोमपो कंपनी लिमिटेड को जिम्मेदारी मिली है। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिन किसानों का नुकसान हुआ है वे बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर 1800 200 5142 या 1800 120 909090 पर सूचना दे सकते हैं।

इसके अलावा अमेठी तहसील के किसान मोबाइल नंबर 9598775858, गौरीगंज के किसान 9919600192,, मुसाफिरखाना के किसान 7651969781 व तिलोई के किसान 8369231469 पर तो जिले की किसी भी तहसील के किसान मोबाइल नंबर 9630462412 पर भी नुकसान की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed