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Amethi News: स्टेशन मास्टर की नौकरी दिलाने के नाम पर 6.5 लाख की ठगी
Thu, 06 Apr 2023 12:31 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Thu, 06 Apr 2023 12:31 AM IST
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संवाद न्यूज
एजेंसी गौरीगंज (अमेठी)। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम तीन ठगों ने कूट रचित दस्तावेज देकर 6.50 लाख रुपये ठग लिए। अब पीड़ित अपना पैसा वापस पाने के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहा है।
मुसाफिरखाना के तेजगढ़ शमशेरिया गांव निवासी राघवेंद्र सिंह के रिश्तेदार अयोध्या निवासी सुधीर सिंह ने सिंतबर 2019 में रेलवे में नौकरी दिलाने की बात कहते हुए सुल्तानपुर निवासी अभिषेक से संपर्क कराया।
अभिषेक राघवेंद्र को लेकर लखनऊ गए। जहां बड़ी पकडिया खदरा अलीगंज निवासी मो. तालिब ने 6.5 लाख रुपए में रेलवे में स्टेशन मास्टर की नौकरी दिलाने की बात कही। नवंबर 2019 में फर्जी नियुक्ति पत्र देते हुए प्रशिक्षण के नाम पर लखनऊ बुलाया।
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यहां पर पहले दो माह होटल में रखा। फिर एक हॉस्टल में रखते हुए आज-कल प्रशिक्षण शुरू होने की बात कहते हुए गुमराह करने लगे। राघवेंद्र ने रेलवे विभाग से मिले नियुक्ति पत्र को लेकर संपर्क किया तो पता चला कि वह फर्जी है। इसी बीच मार्च 2020 में कोविड का लॉकडाउन लगा तो वह घर लौट आया।
फिर तीनों से संपर्क कर पैसा वापस करने की बात कही। पैसा वापस नहीं मिलने पर राघवेंद्र ने मुसाफिरखाना थाने में शिकायत की। उप निरीक्षक संतोष मिश्र कार्रवाई के बजाय समझौते का दबाव बनाने लगे। बुधवार को पीड़ित ने डीएम राकेश कुमार मिश्र से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित की शिकायत पर डीएम राकेश कुमार मिश्र ने थाना प्रभारी को जांच कर कार्रवाई करते हुए अवगत कराने का निर्देश दिया है।
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एजेंसी गौरीगंज (अमेठी)। रेलवे में नौकरी दिलाने के नाम तीन ठगों ने कूट रचित दस्तावेज देकर 6.50 लाख रुपये ठग लिए। अब पीड़ित अपना पैसा वापस पाने के लिए अफसरों के चक्कर लगा रहा है।
मुसाफिरखाना के तेजगढ़ शमशेरिया गांव निवासी राघवेंद्र सिंह के रिश्तेदार अयोध्या निवासी सुधीर सिंह ने सिंतबर 2019 में रेलवे में नौकरी दिलाने की बात कहते हुए सुल्तानपुर निवासी अभिषेक से संपर्क कराया।
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अभिषेक राघवेंद्र को लेकर लखनऊ गए। जहां बड़ी पकडिया खदरा अलीगंज निवासी मो. तालिब ने 6.5 लाख रुपए में रेलवे में स्टेशन मास्टर की नौकरी दिलाने की बात कही। नवंबर 2019 में फर्जी नियुक्ति पत्र देते हुए प्रशिक्षण के नाम पर लखनऊ बुलाया।
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यहां पर पहले दो माह होटल में रखा। फिर एक हॉस्टल में रखते हुए आज-कल प्रशिक्षण शुरू होने की बात कहते हुए गुमराह करने लगे। राघवेंद्र ने रेलवे विभाग से मिले नियुक्ति पत्र को लेकर संपर्क किया तो पता चला कि वह फर्जी है। इसी बीच मार्च 2020 में कोविड का लॉकडाउन लगा तो वह घर लौट आया।
फिर तीनों से संपर्क कर पैसा वापस करने की बात कही। पैसा वापस नहीं मिलने पर राघवेंद्र ने मुसाफिरखाना थाने में शिकायत की। उप निरीक्षक संतोष मिश्र कार्रवाई के बजाय समझौते का दबाव बनाने लगे। बुधवार को पीड़ित ने डीएम राकेश कुमार मिश्र से मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की। पीड़ित की शिकायत पर डीएम राकेश कुमार मिश्र ने थाना प्रभारी को जांच कर कार्रवाई करते हुए अवगत कराने का निर्देश दिया है।