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Amethi News: दरबार सजे, आज घर-घर विराजेंगी मां दुर्गा
Sun, 11 Oct 2026 12:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sun, 11 Oct 2026 12:42 AM IST
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नवरात्र की पूर्व संध्या पर सजा संग्रामपुर स्थित कालिकन धाम मंदिर। -संवाद
अमेठी सिटी। शारदीय नवरात्र की शुरुआत आज से होगी। मां दुर्गा के स्वागत के लिए जिले में देवी मंदिरों से लेकर घरों तक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मंदिरों को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। घरों में पूजा स्थल तैयार कर लिए गए हैं।
रविवार को कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की आराधना शुरू होगी। गौरीगंज के दुर्गा भवानी मंदिर, शमशेरियन भवानी, मवई धाम, हिंगलाज मंदिर, अहोरवा भवानी धाम और मां कालिकन धाम समेत प्रमुख देवी मंदिरों में सफाई और सजावट पूरी कर ली गई है। श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन की तैयारियां भी की गई हैं।
घरों में पूजा की चौकी सजाने, व्रत रखने और अनुष्ठान की तैयारी का सिलसिला पूरा हो चुका है। नवरात्र के दौरान मंदिरों में सुबह-शाम आरती और भजन-कीर्तन होंगे। अष्टमी और नवमी पर विशेष पूजन, हवन और कन्या पूजन की तैयारियां भी की जा रही हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना गया है। इसे सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का प्रतीक माना जाता है।
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ऐसे करें कलश स्थापना, जानें पूजन विधि
गौरीपुर गांव के पंडित कपिल देव मिश्र ने बताया कि पूजा स्थल की सफाई कर चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर मिट्टी के पात्र में जौ बोएं। कलश में जल भरकर आम के पत्ते और नारियल रखें। मां को रोली, अक्षत, फूल, फल और नैवेद्य अर्पित कर दीपक जलाएं। इसके बाद आरती और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। आचार्य हेमंत पांडेय ने बताया कि कलश स्थापना के लिए श्रद्धालु स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त तय करें। पूजा के लिए कलश, जल, जौ, मिट्टी, आम के पत्ते, नारियल, लाल कपड़ा, मौली, रोली, अक्षत, सुपारी, फूल, फल, धूप, दीपक, घी, कपूर और प्रसाद की व्यवस्था पहले से कर लें।
कलश व नारियल की खरीदारी को जुटे लोग
नवरात्र से एक दिन पहले शनिवार को बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने कलश, नारियल, चुनरी, फूल, फल, रोली, दीपक और व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री खरीदी। दुकानों पर सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। कई परिवारों ने जौ बोने के लिए मिट्टी और पात्र भी खरीदे। घरों में पूजा स्थल सजाने और नवरात्र की तैयारियों को अंतिम रूप देने का सिलसिला चलता रहा।
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रविवार को कलश स्थापना के साथ मां शैलपुत्री की आराधना शुरू होगी। गौरीगंज के दुर्गा भवानी मंदिर, शमशेरियन भवानी, मवई धाम, हिंगलाज मंदिर, अहोरवा भवानी धाम और मां कालिकन धाम समेत प्रमुख देवी मंदिरों में सफाई और सजावट पूरी कर ली गई है। श्रद्धालुओं के दर्शन-पूजन की तैयारियां भी की गई हैं।
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घरों में पूजा की चौकी सजाने, व्रत रखने और अनुष्ठान की तैयारी का सिलसिला पूरा हो चुका है। नवरात्र के दौरान मंदिरों में सुबह-शाम आरती और भजन-कीर्तन होंगे। अष्टमी और नवमी पर विशेष पूजन, हवन और कन्या पूजन की तैयारियां भी की जा रही हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस बार मां दुर्गा का आगमन हाथी पर माना गया है। इसे सुख-समृद्धि और अच्छी वर्षा का प्रतीक माना जाता है।
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ऐसे करें कलश स्थापना, जानें पूजन विधि
गौरीपुर गांव के पंडित कपिल देव मिश्र ने बताया कि पूजा स्थल की सफाई कर चौकी पर लाल वस्त्र बिछाएं। मां दुर्गा की प्रतिमा स्थापित कर मिट्टी के पात्र में जौ बोएं। कलश में जल भरकर आम के पत्ते और नारियल रखें। मां को रोली, अक्षत, फूल, फल और नैवेद्य अर्पित कर दीपक जलाएं। इसके बाद आरती और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें। आचार्य हेमंत पांडेय ने बताया कि कलश स्थापना के लिए श्रद्धालु स्थानीय पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त तय करें। पूजा के लिए कलश, जल, जौ, मिट्टी, आम के पत्ते, नारियल, लाल कपड़ा, मौली, रोली, अक्षत, सुपारी, फूल, फल, धूप, दीपक, घी, कपूर और प्रसाद की व्यवस्था पहले से कर लें।
कलश व नारियल की खरीदारी को जुटे लोग
नवरात्र से एक दिन पहले शनिवार को बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने कलश, नारियल, चुनरी, फूल, फल, रोली, दीपक और व्रत में इस्तेमाल होने वाली सामग्री खरीदी। दुकानों पर सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की आवाजाही बनी रही। कई परिवारों ने जौ बोने के लिए मिट्टी और पात्र भी खरीदे। घरों में पूजा स्थल सजाने और नवरात्र की तैयारियों को अंतिम रूप देने का सिलसिला चलता रहा।