{"_id":"632b58eaf8002b0ebf7369ea","slug":"cancer-and-liver-related-samples-checked-in-hospital-from-december-amethi-news-lko6494573160","type":"story","status":"publish","title_hn":"जिला अस्पताल में होंगी कैंसर, किडनी, लिवर जांचें, नहीं करनी पड़ेगी लखनऊ तक की दौड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जिला अस्पताल में होंगी कैंसर, किडनी, लिवर जांचें, नहीं करनी पड़ेगी लखनऊ तक की दौड़
विज्ञापन
गौरीगंज (अमेठी)। जिला अस्पताल की पैथालॉजी जल्द ही आधुनिक संसाधनों से लैस की जाएगी। यहां अब सामान्य जांच के साथ ही कैंसर समेत गंभीर प्रकार की वे सभी जांचें होंगी, जो वर्तमान में सिर्फ लखनऊ समेत प्रदेश के कई बड़े शहरों में ही होती हैं। इस आधुनिक पैथालॉजी को जिला अस्पताल में 400 स्क्वायर फिट की एरिया में स्थापित कराया जाएगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जिला अस्पताल में संचालित पैथालॉजी को आधुनिक संसाधनों से लैस करने का काम शुरू कर दिया है। एनएचएम की ओर से समेकित जिला स्तरीय पब्लिक हेल्प पैथालॉजी केंद्र का संचालन किया जाएगा। व्यवस्था लागू होने के बाद जिलावासियों को पूरे सप्ताह तीन चक्र में 24 घंटे जांच की सुविधा मिलेगी। अब तक जिला अस्पताल की पैथालॉजी में सामान्य पैथालॉजी जाचें ही हो रही हैं।
सेंट्रलाइज पैथालॉजी शुरू होने के बाद जिलेवासियों को जिला अस्पताल की समेकित पैथालॉजी में हीमेटोलॉजी (सीबीसी, प्लेटलेट्स काउंट, हीमोग्लोबिन आदि), बायो कैमेस्ट्री (एलएफटी, केएफटी व लिपिड प्रोफाइल आदि), सीरोलॉजी (एचआईवी, हेपेटाइटिस व यौन संबंधी रोग आदि) की जांच हो सकेगी।
विज्ञापन
इसी तरह मॉलीकुलर बायोलॉजी द्वारा (एचआईवी संक्रमण के स्तर व पीसीआर के तहत किसी भी प्रकार के संक्रमण की पुष्टि), माइक्रो वैक्टीरियोलॉजी (सभी प्रकार के कल्चर व टीवी), क्लीनिकल पैथालॉजी (यूरिन, स्टूल व सीमेन) तथा एफएनएसी (शरीर में किसी भी प्रकार की गांठ की जांच कर कैंसर संक्रमण होने की पुष्टि) की भी जांच की जाएगी।
एनएचएम के नोडल डॉ. नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि मांगी गई सूचना को मिशन निदेशक के पास भेज दिया गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद उपकरणों की खरीद कर दिसंबर माह तक संचालन शुरू कराने की योजना है।
पैथालॉजिस्ट डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि जिला अस्पताल की पैथालॉजी में उनके साथ सिर्फ एक लैब टेक्निीशियन की तैनाती है। कहा कि एनएचएम की ओर से प्रस्तावित पैथालॉजी संचालित कराने के लिए एक शिफ्ट में करीब 10 लैब टेक्निीशियन, पांच सहायक व चार स्वीपर की जरूरत होगी। इसके अलावा हीमेटोलॉजी, बायो कैमेस्ट्री व सीरोलॉजी के लिए एक चिकित्सक, एफएनएसी व माइक्रो वैक्टीरियोलॉजी के लिए अलग-अलग चिकित्सक की जरूरत होगी। मॉलीकुलर जांच के लिए एक वैज्ञानिक की भी जरूरत होगी।
विज्ञापन
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जिला अस्पताल में संचालित पैथालॉजी को आधुनिक संसाधनों से लैस करने का काम शुरू कर दिया है। एनएचएम की ओर से समेकित जिला स्तरीय पब्लिक हेल्प पैथालॉजी केंद्र का संचालन किया जाएगा। व्यवस्था लागू होने के बाद जिलावासियों को पूरे सप्ताह तीन चक्र में 24 घंटे जांच की सुविधा मिलेगी। अब तक जिला अस्पताल की पैथालॉजी में सामान्य पैथालॉजी जाचें ही हो रही हैं।
विज्ञापन
सेंट्रलाइज पैथालॉजी शुरू होने के बाद जिलेवासियों को जिला अस्पताल की समेकित पैथालॉजी में हीमेटोलॉजी (सीबीसी, प्लेटलेट्स काउंट, हीमोग्लोबिन आदि), बायो कैमेस्ट्री (एलएफटी, केएफटी व लिपिड प्रोफाइल आदि), सीरोलॉजी (एचआईवी, हेपेटाइटिस व यौन संबंधी रोग आदि) की जांच हो सकेगी।
विज्ञापन
इसी तरह मॉलीकुलर बायोलॉजी द्वारा (एचआईवी संक्रमण के स्तर व पीसीआर के तहत किसी भी प्रकार के संक्रमण की पुष्टि), माइक्रो वैक्टीरियोलॉजी (सभी प्रकार के कल्चर व टीवी), क्लीनिकल पैथालॉजी (यूरिन, स्टूल व सीमेन) तथा एफएनएसी (शरीर में किसी भी प्रकार की गांठ की जांच कर कैंसर संक्रमण होने की पुष्टि) की भी जांच की जाएगी।
एनएचएम के नोडल डॉ. नवीन कुमार मिश्र ने बताया कि मांगी गई सूचना को मिशन निदेशक के पास भेज दिया गया है। वहां से स्वीकृति मिलने के बाद उपकरणों की खरीद कर दिसंबर माह तक संचालन शुरू कराने की योजना है।
पैथालॉजिस्ट डॉ. विवेक चौधरी ने बताया कि जिला अस्पताल की पैथालॉजी में उनके साथ सिर्फ एक लैब टेक्निीशियन की तैनाती है। कहा कि एनएचएम की ओर से प्रस्तावित पैथालॉजी संचालित कराने के लिए एक शिफ्ट में करीब 10 लैब टेक्निीशियन, पांच सहायक व चार स्वीपर की जरूरत होगी। इसके अलावा हीमेटोलॉजी, बायो कैमेस्ट्री व सीरोलॉजी के लिए एक चिकित्सक, एफएनएसी व माइक्रो वैक्टीरियोलॉजी के लिए अलग-अलग चिकित्सक की जरूरत होगी। मॉलीकुलर जांच के लिए एक वैज्ञानिक की भी जरूरत होगी।