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Amethi News: पूर्व प्रधान के अवैध मकान पर चला बुलडोजर
Tue, 21 Jan 2025 12:21 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 21 Jan 2025 12:21 AM IST
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गौरीगंज के सकरावां गांव में गिराया गया मकान। -संवाद
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अमेठी सिटी। पूर्व प्रधान हरिराम चौहान को ग्राम सभा की भूमि पर आलीशान मकान बनवाना भारी पड़ गया। बेदखली का आदेश व नोटिस जारी करने के बाद सोमवार को प्रशासन ने जेसीबी से अवैध मकान को ध्वस्त करवा दिया।
सोमवार सुबह गौरीगंज तहसील क्षेत्र के सकरावा गांव पहुंची जेसीबी व फोर्स संग राजस्व कर्मियों को देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। टीम ने पूर्व प्रधान को बुलाकर मकान से सामान निकालने के बात कही तो वह अनुनय-विनय करने लगा, लेकिन नायब तहसीलदार अनुश्री ने जब कहा कि मकान तो ध्वस्त होगा तो परिजन सकते में आ गए।
आनन-फानन मकान से सामान निकाल कर बाहर करने लगे। सामान बाहर होने के बाद प्रशासन ने जेसीबी की मदद से पूर्व प्रधान के अवैध मकान को ध्वस्त कर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से एसएचओ श्याम नारायण पांडेय संग पीएसी व थाने की फोर्स मौजूद रही।
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यह है पूरा मामला
गांव निवासी एक ग्रामीण ने पूर्व ग्राम प्रधान पर ग्रामसभा की जमीन पर मकान बनवाने का आरोप लगाते हुए शिकायत प्रशासन से की थी। शिकायत पर तत्कालीन लेखपाल की रिपोर्ट पर 16 दिसंबर 2022 को बेदखली प्रकरण से जुड़ा वाद भी तहसीलदार कोर्ट में योजित हुआ। वाद की सुनवाई व दोबारा टीम से पैमाइश करवाने के बाद पूर्व प्रधान को सुनवाई का अवसर दिया गया था। सुनवाई पूरी करने के बाद तत्कालीन तहसीलदार ने 27 अगस्त 2024 को पूर्व ग्राम प्रधान पर जुर्माना लगाते हुए स्वयं से ग्राम सभा भूमि से अतिक्रमण हटवाने का आदेश दिया था। तहसीलदार के आदेश के खिलाफ पूर्व प्रधान ने डीएम कोर्ट में अपील की, लेकिन यहां भी पूर्व प्रधान को राहत नहीं मिली। 20 दिसंबर को डीएम ने पूर्व प्रधान की अपील खारिज करते हुए तहसीलदार का आदेश प्रभावी कर दिया। 15 जनवरी को प्रशासन की ओर से पूर्व प्रधान को नोटिस जारी कर स्वत: कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया, लेकिन पूर्व प्रधान ने कब्जा नहीं हटाया।
नियमानुसार हुई है कार्रवाई
तहसीलदार नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सकरावां गांव में ग्राम सभा की भूमि पर बने मकान को ध्वस्त करवाने से पहले परिवार को पूरा समय दिया गया, लेकिन जब कब्जाधारक ने स्वत: सुरक्षित भूमि में बने मकान से कब्जा नहीं हटवाया तो नोटिस जारी हुआ। नोटिस की समय सीमा बीत जाने के बाद सोमवार को कार्रवाई हुई।
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सोमवार सुबह गौरीगंज तहसील क्षेत्र के सकरावा गांव पहुंची जेसीबी व फोर्स संग राजस्व कर्मियों को देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। टीम ने पूर्व प्रधान को बुलाकर मकान से सामान निकालने के बात कही तो वह अनुनय-विनय करने लगा, लेकिन नायब तहसीलदार अनुश्री ने जब कहा कि मकान तो ध्वस्त होगा तो परिजन सकते में आ गए।
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आनन-फानन मकान से सामान निकाल कर बाहर करने लगे। सामान बाहर होने के बाद प्रशासन ने जेसीबी की मदद से पूर्व प्रधान के अवैध मकान को ध्वस्त कर दिया। सुरक्षा की दृष्टि से एसएचओ श्याम नारायण पांडेय संग पीएसी व थाने की फोर्स मौजूद रही।
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यह है पूरा मामला
गांव निवासी एक ग्रामीण ने पूर्व ग्राम प्रधान पर ग्रामसभा की जमीन पर मकान बनवाने का आरोप लगाते हुए शिकायत प्रशासन से की थी। शिकायत पर तत्कालीन लेखपाल की रिपोर्ट पर 16 दिसंबर 2022 को बेदखली प्रकरण से जुड़ा वाद भी तहसीलदार कोर्ट में योजित हुआ। वाद की सुनवाई व दोबारा टीम से पैमाइश करवाने के बाद पूर्व प्रधान को सुनवाई का अवसर दिया गया था। सुनवाई पूरी करने के बाद तत्कालीन तहसीलदार ने 27 अगस्त 2024 को पूर्व ग्राम प्रधान पर जुर्माना लगाते हुए स्वयं से ग्राम सभा भूमि से अतिक्रमण हटवाने का आदेश दिया था। तहसीलदार के आदेश के खिलाफ पूर्व प्रधान ने डीएम कोर्ट में अपील की, लेकिन यहां भी पूर्व प्रधान को राहत नहीं मिली। 20 दिसंबर को डीएम ने पूर्व प्रधान की अपील खारिज करते हुए तहसीलदार का आदेश प्रभावी कर दिया। 15 जनवरी को प्रशासन की ओर से पूर्व प्रधान को नोटिस जारी कर स्वत: कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया, लेकिन पूर्व प्रधान ने कब्जा नहीं हटाया।
नियमानुसार हुई है कार्रवाई
तहसीलदार नरेंद्र कुमार यादव ने बताया कि सकरावां गांव में ग्राम सभा की भूमि पर बने मकान को ध्वस्त करवाने से पहले परिवार को पूरा समय दिया गया, लेकिन जब कब्जाधारक ने स्वत: सुरक्षित भूमि में बने मकान से कब्जा नहीं हटवाया तो नोटिस जारी हुआ। नोटिस की समय सीमा बीत जाने के बाद सोमवार को कार्रवाई हुई।