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Amethi News: मीटर रीडर को छह हजार न देने पर बनाया 21 हजार का बिल
Sat, 19 Jul 2025 01:13 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Sat, 19 Jul 2025 01:13 AM IST
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गौरीगंज उपखंड कार्यालय पर आयोजित मेगा कैंप में उपभोक्ताओं की समस्या सुनते अधिकारी। संवाद
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अमेठी सिटी। गौरीगंज उपखंड कार्यालय पर शुक्रवार को आयोजित मेगा शिविर में ऊर्जा निगम के कर्मियों, अफसरों व मीटर रीडरों की कार्यशैली को लेकर उपभोक्ताओं में गहरी नाराजगी दिखी। इस दौरान मीटर रीडर नहीं आने, मनमाना बिजली बिल भेजने की शिकायतों की भरमार रही। एक उपभोक्ता ने बताया कि मीटर रीडर ने छह हजार रुपये मांगे थे। मना करने पर महीने भर का 21 हजार रुपये का बिल बना दिया।
पूरे केशरी निवासी हिमांशू तिवारी ने बताया कि चार जुलाई को उनका बिजली बिल 272 रुपये आया था, जिसे उन्होंने जमा कर दिया था। 14 जुलाई को फिर उनके मोबाइल पर 3,500 रुपये बिजली बिल का मैसेज आ गया। दो दिन बाद फिर 16 जुलाई को 5,272 रुपये बिजली बिल का मैसेज आया। उन्होंने बिल सही करने के लिए शिकायती पत्र दिया। गौरीपुर आनापुर निवासी नागेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मई में मीटर रीडर उनके घर रीडिंग लेने आया था। इस दौरान उसने छह हजार रुपये मांगे। कहा कि इससे उनका बिजली बिल कम आएगा। बात न मानने पर जून में उनके घर 21,791 रुपये का बिल भेज दिया गया। जबकि मई में उनका बिल सात हजार रुपये आया था।
मेदन मवई निवासी राम बहादुर और राम सिंह ने बताया कि साल भर हो जाता है, कोई भी मीटर रीडर रीडिंग लेने नहीं जाता है। शिकायत करने पर बताया जाता है कि मीटर रीडर आएंगे, तभी बिजली बिल निकलेगा। शुकुलडीह के बुजुर्ग शीतला प्रसाद यादव ने बताया कि नया मीटर लगा तो 10 माह का बिजली का बिल 54 हजार रुपये आया है।
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जांच कराकर होगी कार्रवाई
गौरीगंज विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने कहा कि उपभोक्ताओं के गलत बिलों का संशोधन करने के साथ उनकी समस्याओं का निस्तारण किया जा रहा है। बताया कि मीटर रीडर के घूस मांगने आदि की जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पूरे केशरी निवासी हिमांशू तिवारी ने बताया कि चार जुलाई को उनका बिजली बिल 272 रुपये आया था, जिसे उन्होंने जमा कर दिया था। 14 जुलाई को फिर उनके मोबाइल पर 3,500 रुपये बिजली बिल का मैसेज आ गया। दो दिन बाद फिर 16 जुलाई को 5,272 रुपये बिजली बिल का मैसेज आया। उन्होंने बिल सही करने के लिए शिकायती पत्र दिया। गौरीपुर आनापुर निवासी नागेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि मई में मीटर रीडर उनके घर रीडिंग लेने आया था। इस दौरान उसने छह हजार रुपये मांगे। कहा कि इससे उनका बिजली बिल कम आएगा। बात न मानने पर जून में उनके घर 21,791 रुपये का बिल भेज दिया गया। जबकि मई में उनका बिल सात हजार रुपये आया था।
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मेदन मवई निवासी राम बहादुर और राम सिंह ने बताया कि साल भर हो जाता है, कोई भी मीटर रीडर रीडिंग लेने नहीं जाता है। शिकायत करने पर बताया जाता है कि मीटर रीडर आएंगे, तभी बिजली बिल निकलेगा। शुकुलडीह के बुजुर्ग शीतला प्रसाद यादव ने बताया कि नया मीटर लगा तो 10 माह का बिजली का बिल 54 हजार रुपये आया है।
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जांच कराकर होगी कार्रवाई
गौरीगंज विद्युत वितरण खंड के अधिशासी अभियंता अभिषेक कुमार ने कहा कि उपभोक्ताओं के गलत बिलों का संशोधन करने के साथ उनकी समस्याओं का निस्तारण किया जा रहा है। बताया कि मीटर रीडर के घूस मांगने आदि की जांच कराकर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।