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Amethi News: सड़क हादसे में बाइकसवार युवक की मौत
Mon, 07 Apr 2025 12:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 07 Apr 2025 12:50 AM IST
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जगदीशपुर (अमेठी)। कमरौली थाना क्षेत्र के कोयलारा गांव निवासी राजकरन (43) की शनिवार देर रात सड़क हादसे में मौत हो गई। घर लौटते समय लखनऊ-वाराणसी हाईवे पर स्थित कोयलारा रेलवे क्रॉसिंग के पास राजकरन एक अज्ञात वाहन की चपेट में आ गए। हादसे के बाद चालक वाहन समेत मौके से भाग निकला।
शिव प्रसाद ने बताया कि राजकरन घर का सामान लेने जगदीशपुर गए थे। लौटते समय तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों ने उन्हें घायल अवस्था में पास के निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर बताकर डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर जगदीशपुर ट्रामा सेंटर पहुंचे, लेकिन वहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
गहरे सदमे में डूबे परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से इंकार कर दिया और रविवार को गांव में ही गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। थाना प्रभारी अभिनेष कुमार ने बताया कि पंचायतनामा भरने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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छिन गया बुढ़ापे का सहारा
राजकरन की मौत ने उनके परिवार को झकझोर दिया है। खेती-किसानी कर परिवार का पेट पालने वाले राजकरन, छह साल पहले पिता की मौत के बाद दादा-दादी और मां का एकमात्र सहारा थे। उनकी पत्नी सावित्री बेसुध हैं, जबकि बेटे रवि कुमार और शनि कुमार के सिर से पिता का साया उठ गया। गांव के लोगों और रिश्तेदारों में भी शोक की लहर है।
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शिव प्रसाद ने बताया कि राजकरन घर का सामान लेने जगदीशपुर गए थे। लौटते समय तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों ने उन्हें घायल अवस्था में पास के निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां से हालत गंभीर बताकर डॉक्टरों ने रेफर कर दिया। परिजन उन्हें लेकर जगदीशपुर ट्रामा सेंटर पहुंचे, लेकिन वहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
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गहरे सदमे में डूबे परिजनों ने पोस्टमॉर्टम से इंकार कर दिया और रविवार को गांव में ही गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया। थाना प्रभारी अभिनेष कुमार ने बताया कि पंचायतनामा भरने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
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छिन गया बुढ़ापे का सहारा
राजकरन की मौत ने उनके परिवार को झकझोर दिया है। खेती-किसानी कर परिवार का पेट पालने वाले राजकरन, छह साल पहले पिता की मौत के बाद दादा-दादी और मां का एकमात्र सहारा थे। उनकी पत्नी सावित्री बेसुध हैं, जबकि बेटे रवि कुमार और शनि कुमार के सिर से पिता का साया उठ गया। गांव के लोगों और रिश्तेदारों में भी शोक की लहर है।