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केस दर्ज कर रिकवरी करना भूल गया शिक्षा विभाग
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गौरीगंज (अमेठी)। फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी पाने के बाद बर्खास्त होने वाले 22 शिक्षकों से बेसिक शिक्षा विभाग आज तक आहरित वेतन की रिकवरी नहीं कर सका है। बर्खास्त शिक्षकों पर केस भी दर्ज कराया गया है। हाल यह है कि अरसा पूर्व बर्खास्त इन शिक्षकों में से 14 पर अभी रिकवरी राशि का निर्धारण तक नहीं हुआ है।
16,648 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में जिले में संचालित 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट परिषदीय स्कूल में रिक्त सहायक अध्यापक पद पर जिले में 508 शिक्षकों की नियुक्ति सितंबर 2016 में हुई थी। नियुक्ति के बाद काउंसिलिंग के माध्यम से शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराते हुए शिक्षण कार्य कराया जा रहा था। इसी बीच इन सभी पर फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी हासिल करने की शिकायत की गई।
विभाग ने शिक्षकों के अभिलेखों की जांच कराई तो कई के शैक्षिक अभिलेख फर्जी मिले। बाद में कई चरणों में 22 शिक्षकों को अलग-अलग तिथियों में बर्खास्त कर दिया गया। 16 शिक्षकों को तत्कालीन बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने बर्खास्त करते हुए केस दर्ज कराने के बाद आहरित वेतन का आगणन तैयार कर रिकवरी का निर्देश दिया था। विनोद मिश्र के निर्देश पर आठ शिक्षकों से रिकवरी राशि निर्धारित कर संबंधित शिक्षकों के गृह जिले व तहसील को आरसी भेज कर मौन धारण कर लिया गया।
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इसके बाद इसी भर्ती प्रक्रिया में छह शिक्षकों के फर्जी पते व अभिलेख पर नौकरी हासिल करने की जांच बीएसए विनोद कुमार मिश्र के कार्यकाल से शुरू होकर बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक के कार्यकाल तक हुई। जांच के बाद मई 2022 में बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने सभी को बर्खास्त करते हुए केस दर्ज कराने के बाद रिकवरी की संस्तुति लेखा विभाग से की जो आज तक लंबित पड़ी है। ऐसे में निर्धारित 39,46,956 रुपये के साथ अन्य शिक्षकों के आहरित वेतन का निर्धारण नहीं होना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। (संवाद)
इन शिक्षकों की हुई बर्खास्तगी
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार बर्खास्त शिक्षक अखिलेश कुमार कुमार सिंह ने 1,94,945, सुरेंद्र कुमार ने 6,21,216, अशोक कुमार ने 4,68,890, प्रशांत शेखर नेे 6,35,178, शैलेंद्र कुमार ने 4,20,914, मुकेश कुमार ने 6,52,401, विनय कुमार त्रिपाठी ने 4,42,058, धर्मेंद्र सिंह नेे 5,11,354 वेतन आहरित किया है। जबकि इन्हीं के साथ बर्खास्त नयन कुमार, सरोज कुमार भारती, अखिलेश कुमार यादव, सोनू कुमार, योगेंद्र कुमार, रामदेव, शिवचरन व सबीना खातून से रिकवरी राशि का निर्धारण नहीं हुआ है। इसके बाद मई 2022 में कौशलेंद्र सिंह यादव, भारतेंदु, सत्येंद्र कुमार, श्याम राठौर, अनुज कुमार व अनुपम सिंह से भी लेखा विभाग आहरित वेतन राशि का आगणन तैयार कर रिकवरी की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर सका है।
सात साल में बर्खास्त हुए 28 शिक्षक
सुल्तानपुर जिले की अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना तथा रायबरेली जिले की तिलोई तहसील को काटकर अमेठी जिले का गठन हुए महज 12 साल हुए हैं। इस कम अवधि के अंदर जिले में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी हथियाने व लंबे समय तक नौकरी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। आलम यह है कि पिछले सात सालों में जिले में फर्जी अभिलेख के आधार पर नौकरी करने की पुष्टि होने के बाद 28 शिक्षक सेवा से बर्खास्त किए जा चुके हैं। फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों की सर्वाधिक बर्खास्तगी बीएसए विनोद कुमार मिश्र के समय में हुई। उन्होंने एक साथ 16 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया था। बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक भी अब तक सात शिक्षकों को बर्खास्त कर चुके हैं। इनके अलावा बीएसए आनंद पांडेय ने एक व राजकुमार पंडित ने चार फर्जी शिक्षकों को विभाग से बाहर का रास्ता दिखाते हुए केस दर्ज कराया था।
कराई जाएगी नियमानुसार रिकवरी
बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि बर्खास्त शिक्षकों से रिकवरी के लिए उनके गृह जनपद के जिला व तहसील प्रशासन से पत्राचार किया गया है। सभी के खिलाफ आरसी जारी हो चुकी है। जिन बर्खास्त शिक्षकों के आहरित वेतन की रिकवरी राशि का निर्धारण लेखा विभाग की ओर से नहीं किया गया है उनका भी जल्द निर्धारण कराते हुए नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
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16,648 सहायक अध्यापक भर्ती प्रक्रिया में जिले में संचालित 1139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट परिषदीय स्कूल में रिक्त सहायक अध्यापक पद पर जिले में 508 शिक्षकों की नियुक्ति सितंबर 2016 में हुई थी। नियुक्ति के बाद काउंसिलिंग के माध्यम से शिक्षकों को कार्यभार ग्रहण कराते हुए शिक्षण कार्य कराया जा रहा था। इसी बीच इन सभी पर फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी हासिल करने की शिकायत की गई।
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विभाग ने शिक्षकों के अभिलेखों की जांच कराई तो कई के शैक्षिक अभिलेख फर्जी मिले। बाद में कई चरणों में 22 शिक्षकों को अलग-अलग तिथियों में बर्खास्त कर दिया गया। 16 शिक्षकों को तत्कालीन बीएसए विनोद कुमार मिश्र ने बर्खास्त करते हुए केस दर्ज कराने के बाद आहरित वेतन का आगणन तैयार कर रिकवरी का निर्देश दिया था। विनोद मिश्र के निर्देश पर आठ शिक्षकों से रिकवरी राशि निर्धारित कर संबंधित शिक्षकों के गृह जिले व तहसील को आरसी भेज कर मौन धारण कर लिया गया।
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इसके बाद इसी भर्ती प्रक्रिया में छह शिक्षकों के फर्जी पते व अभिलेख पर नौकरी हासिल करने की जांच बीएसए विनोद कुमार मिश्र के कार्यकाल से शुरू होकर बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक के कार्यकाल तक हुई। जांच के बाद मई 2022 में बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने सभी को बर्खास्त करते हुए केस दर्ज कराने के बाद रिकवरी की संस्तुति लेखा विभाग से की जो आज तक लंबित पड़ी है। ऐसे में निर्धारित 39,46,956 रुपये के साथ अन्य शिक्षकों के आहरित वेतन का निर्धारण नहीं होना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। (संवाद)
इन शिक्षकों की हुई बर्खास्तगी
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़ों के अनुसार बर्खास्त शिक्षक अखिलेश कुमार कुमार सिंह ने 1,94,945, सुरेंद्र कुमार ने 6,21,216, अशोक कुमार ने 4,68,890, प्रशांत शेखर नेे 6,35,178, शैलेंद्र कुमार ने 4,20,914, मुकेश कुमार ने 6,52,401, विनय कुमार त्रिपाठी ने 4,42,058, धर्मेंद्र सिंह नेे 5,11,354 वेतन आहरित किया है। जबकि इन्हीं के साथ बर्खास्त नयन कुमार, सरोज कुमार भारती, अखिलेश कुमार यादव, सोनू कुमार, योगेंद्र कुमार, रामदेव, शिवचरन व सबीना खातून से रिकवरी राशि का निर्धारण नहीं हुआ है। इसके बाद मई 2022 में कौशलेंद्र सिंह यादव, भारतेंदु, सत्येंद्र कुमार, श्याम राठौर, अनुज कुमार व अनुपम सिंह से भी लेखा विभाग आहरित वेतन राशि का आगणन तैयार कर रिकवरी की दिशा में कोई कार्रवाई नहीं कर सका है।
सात साल में बर्खास्त हुए 28 शिक्षक
सुल्तानपुर जिले की अमेठी, गौरीगंज व मुसाफिरखाना तथा रायबरेली जिले की तिलोई तहसील को काटकर अमेठी जिले का गठन हुए महज 12 साल हुए हैं। इस कम अवधि के अंदर जिले में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी हथियाने व लंबे समय तक नौकरी करने के कई मामले सामने आ चुके हैं। आलम यह है कि पिछले सात सालों में जिले में फर्जी अभिलेख के आधार पर नौकरी करने की पुष्टि होने के बाद 28 शिक्षक सेवा से बर्खास्त किए जा चुके हैं। फर्जी अभिलेखों के आधार पर नौकरी करने वाले शिक्षकों की सर्वाधिक बर्खास्तगी बीएसए विनोद कुमार मिश्र के समय में हुई। उन्होंने एक साथ 16 शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त किया था। बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक भी अब तक सात शिक्षकों को बर्खास्त कर चुके हैं। इनके अलावा बीएसए आनंद पांडेय ने एक व राजकुमार पंडित ने चार फर्जी शिक्षकों को विभाग से बाहर का रास्ता दिखाते हुए केस दर्ज कराया था।
कराई जाएगी नियमानुसार रिकवरी
बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि बर्खास्त शिक्षकों से रिकवरी के लिए उनके गृह जनपद के जिला व तहसील प्रशासन से पत्राचार किया गया है। सभी के खिलाफ आरसी जारी हो चुकी है। जिन बर्खास्त शिक्षकों के आहरित वेतन की रिकवरी राशि का निर्धारण लेखा विभाग की ओर से नहीं किया गया है उनका भी जल्द निर्धारण कराते हुए नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।