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बैँक शाखाएं बंद, कैशलेस हो गए एटीएम
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गौरीगंज (अमेठी)। बैंकों के निजीकरण क विरोध समेत कर्मियों की अन्य मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के आह्वान पर दूसरे दिन मंगलवार को भी बैंक कर्मियों की हड़ताल जारी रही। कर्मियों की हड़ताल से जहां करीब 15 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ वहीं खाताधारकों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
जिले में संचालित राष्ट्रीयकृत बैंकों की 160 शाखाओं में कार्यरत कर्मी निजीकरण व अन्य मांगों को लेकर सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दूसरे दिन प्राइवेट बैंक की 28 शाखाओं को छोड़ सभी बैंकों में तालाबंदी रही।
लगातार चार दिन बैंक बंद होने से उपभोक्ताओं को धन निकासी व जमा करने में असुविधा का सामना करना पड़ा तो जिले के लगभग सभी एटीएम कैश विहीन हो गए। बैंक ऑफ बड़ौदा व बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के कर्मियों ने क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार पर हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए निजीकरण का विरोध किया।
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कर्मियों ने बैंकों के निजीकरण आदेश को वापस लेने, 11वां वेतन समझौता व पदोन्नति नीति लागू करने, दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को नियमित करने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। कर्मियों ने मांगेें पूरी नहीं होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी। बैंकों की हड़ताल से दूसरे दिन भी करीब 15 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। हड़ताल में नलेश यादव, धर्मेंद्र सिंह, राजकरन, अशोक मौर्य व अरविंद कुमार समेत बड़ी संख्या में बैंक कर्मी मौजूद रहे।
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जिले में संचालित राष्ट्रीयकृत बैंकों की 160 शाखाओं में कार्यरत कर्मी निजीकरण व अन्य मांगों को लेकर सोमवार से दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। हड़ताल के दूसरे दिन प्राइवेट बैंक की 28 शाखाओं को छोड़ सभी बैंकों में तालाबंदी रही।
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लगातार चार दिन बैंक बंद होने से उपभोक्ताओं को धन निकासी व जमा करने में असुविधा का सामना करना पड़ा तो जिले के लगभग सभी एटीएम कैश विहीन हो गए। बैंक ऑफ बड़ौदा व बड़ौदा पूर्वी उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के कर्मियों ने क्षेत्रीय कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार पर हितों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए निजीकरण का विरोध किया।
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कर्मियों ने बैंकों के निजीकरण आदेश को वापस लेने, 11वां वेतन समझौता व पदोन्नति नीति लागू करने, दैनिक वेतन भोगी कर्मियों को नियमित करने तथा पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग की। कर्मियों ने मांगेें पूरी नहीं होने पर वृहद आंदोलन की चेतावनी दी। बैंकों की हड़ताल से दूसरे दिन भी करीब 15 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित हुआ। हड़ताल में नलेश यादव, धर्मेंद्र सिंह, राजकरन, अशोक मौर्य व अरविंद कुमार समेत बड़ी संख्या में बैंक कर्मी मौजूद रहे।