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Amethi News: 20 घंटे बाद बहाल हुआ अमेठी-संग्रामपुर मार्ग
Mon, 23 Jun 2025 11:52 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Mon, 23 Jun 2025 11:52 PM IST
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संग्रामपुर (अमेठी)। अमेठी-संग्रामपुर मार्ग पर टिकरिया के पास मालती नदी पर बना वैकल्पिक रास्ता 20 घंटे बाद फिर से चालू हो गया है। रविवार सुबह तीन बजे पानी के तेज बहाव में यह रास्ता बह गया था। अमर उजाला ने सोमवार के अंक में इस समस्या को प्रमुखता से प्रकाशित किया, जिसके बाद लोक निर्माण विभाग हरकत में आया। विभाग की देखरेख में निर्माण एजेंसी ने रविवार रात 11 बजे तक रास्ता दुरुस्त कर दिया।
पुल निर्माण के दौरान ही पुल के बगल से मिट्टी डालकर अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था, जो नदी का जलस्तर बढ़ने पर बह गया था, जिससे करीब 90 पुरवों का जिला मुख्यालय और तहसील से संपर्क टूट गया था। साथ ही कालिकन धाम आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, राजगीरों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को दिक्कत हुई थी। समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने मालती नदी में तेज बहाव में बहा वैकल्पिक मार्ग और तीसरा वैकल्पिक मार्ग भी बहा शीर्षक से सोमवार को खबर प्रकाशित की थी।
खबर का असर तुरंत हुआ और पीडब्ल्यूडी ने सक्रियता दिखाते हुए मार्ग में एक मीटर चौड़ी सात लेयर की पुलिया और कंक्रीट डालकर रास्ता दुरुस्त कर दिया। राहगीर सत्यम ने बताया कि मैं प्रतिदिन इसी रास्ते से तहसील आता हूं। अमर उजाला ने समय रहते मुद्दा उठाया, जिससे 20 घंटे के भीतर रास्ता बहाल हो सका। लेकिन ऊंचाई के कारण जाम और दुर्घटना का खतरा है, इसलिए मिट्टी डालकर समतलीकरण कराया जाना चाहिए।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग को सुरक्षित रूप से चालू कर दिया गया है। एक तरफ ऊंचाई की समस्या सामने आई है, जिसे सुधारने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं। लोगों को सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था देना प्राथमिकता में शामिल है।
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पुल निर्माण के दौरान ही पुल के बगल से मिट्टी डालकर अस्थायी वैकल्पिक मार्ग तैयार किया गया था, जो नदी का जलस्तर बढ़ने पर बह गया था, जिससे करीब 90 पुरवों का जिला मुख्यालय और तहसील से संपर्क टूट गया था। साथ ही कालिकन धाम आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, राजगीरों, विद्यार्थियों और कर्मचारियों को दिक्कत हुई थी। समस्या को देखते हुए अमर उजाला ने मालती नदी में तेज बहाव में बहा वैकल्पिक मार्ग और तीसरा वैकल्पिक मार्ग भी बहा शीर्षक से सोमवार को खबर प्रकाशित की थी।
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खबर का असर तुरंत हुआ और पीडब्ल्यूडी ने सक्रियता दिखाते हुए मार्ग में एक मीटर चौड़ी सात लेयर की पुलिया और कंक्रीट डालकर रास्ता दुरुस्त कर दिया। राहगीर सत्यम ने बताया कि मैं प्रतिदिन इसी रास्ते से तहसील आता हूं। अमर उजाला ने समय रहते मुद्दा उठाया, जिससे 20 घंटे के भीतर रास्ता बहाल हो सका। लेकिन ऊंचाई के कारण जाम और दुर्घटना का खतरा है, इसलिए मिट्टी डालकर समतलीकरण कराया जाना चाहिए।
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लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता शैलेंद्र कुमार ने बताया कि वैकल्पिक मार्ग को सुरक्षित रूप से चालू कर दिया गया है। एक तरफ ऊंचाई की समस्या सामने आई है, जिसे सुधारने के लिए कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए गए हैं। लोगों को सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था देना प्राथमिकता में शामिल है।