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Amethi News: सड़क हादसे में अमेठी निवासी दंपती की मौत, बेटे-बहू की हालत गंभीर
Tue, 29 Apr 2025 12:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
Updated Tue, 29 Apr 2025 12:02 AM IST
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जयसिंहपुर गांव में रोते बिलखते मृतक के परिजन। संवाद।
बाराबंकी/अमेठी सिटी। अमेठी से लखनऊ जा रही तेज रफ्तार कार सोमवार सुबह बाराबंकी के हैदरगढ़ कोतवाली क्षेत्र में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर अनियंत्रित होकर खड्ड में जा गिरी। हादसे में अमेठी के गौरीगंज स्थित बरनाटीकर वार्ड निवासी जितेंद्र सिंह (50) व पत्नी अंजू सिंह (48) की मौत हो गई। उनके बेटे आयुष (28) व बहू श्वेता (25) गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को केजीएमयू में भर्ती कराया गया है।
कोतवाल अजय प्रकाश त्रिपाठी के अनुसार जितेंद्र सिंह सहारा बैंक गौरीगंज में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। कुछ दिन पहले कमरौली के बीएचईएल टाउनशिप में मकान बनाकर परिजनों संग रह रहे थे। जितेंद्र सिंह हार्ट के मरीज थे। परिजन सोमवार को उन्हें लखनऊ दिखाने जा रहे थे। दोपहर में हादसे की सूचना पर परिजन अमेठी से बाराबंकी के लिए रवाना हुए। जितेंद्र सिंह व अंजू सिंह की मौत की सूचना के बाद भाई भूपेंद्र सिंह, पूर्व सभासद भतीजा अजय सिंह उर्फ गुड्डू सिंह, भाभी सविता सिंह, भतीजे प्रकाश सिंह, चाची सुशीला सिंह, भतीजी सूची सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।
बेटे की शादी का सपना रह गया अधूरा
जितेंद्र सिंह और अंजू सिंह अपने जीवन के आखिरी वर्षों में बहुत खुश थे। उनका सपना था कि वे छोटे बेटे रुद्र की शादी करके नाती के साथ घूमने जाएं। उनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य अपने बच्चों को खुश देखना था।
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सास-ससुर की सेवा का सपना रह गया अधूरा
नौकरी और घर की जिम्मेदारियों के साथ श्वेता सास-ससुर का भी पूरा ध्यान रखतीं थीं। शादी को महज दो महीने ही हुए हैं। सोमवार को वह ससुर जितेंद्र और सास अंजू को लखनऊ ले जा रही थीं, ताकि उनका बेहतर इलाज कराया जा सके, लेकिन हादसे ने सोच पर पानी फेर दिया।
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कोतवाल अजय प्रकाश त्रिपाठी के अनुसार जितेंद्र सिंह सहारा बैंक गौरीगंज में मैनेजर के पद पर कार्यरत थे। कुछ दिन पहले कमरौली के बीएचईएल टाउनशिप में मकान बनाकर परिजनों संग रह रहे थे। जितेंद्र सिंह हार्ट के मरीज थे। परिजन सोमवार को उन्हें लखनऊ दिखाने जा रहे थे। दोपहर में हादसे की सूचना पर परिजन अमेठी से बाराबंकी के लिए रवाना हुए। जितेंद्र सिंह व अंजू सिंह की मौत की सूचना के बाद भाई भूपेंद्र सिंह, पूर्व सभासद भतीजा अजय सिंह उर्फ गुड्डू सिंह, भाभी सविता सिंह, भतीजे प्रकाश सिंह, चाची सुशीला सिंह, भतीजी सूची सिंह का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बेटे की शादी का सपना रह गया अधूरा
जितेंद्र सिंह और अंजू सिंह अपने जीवन के आखिरी वर्षों में बहुत खुश थे। उनका सपना था कि वे छोटे बेटे रुद्र की शादी करके नाती के साथ घूमने जाएं। उनके जीवन का एकमात्र उद्देश्य अपने बच्चों को खुश देखना था।
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सास-ससुर की सेवा का सपना रह गया अधूरा
नौकरी और घर की जिम्मेदारियों के साथ श्वेता सास-ससुर का भी पूरा ध्यान रखतीं थीं। शादी को महज दो महीने ही हुए हैं। सोमवार को वह ससुर जितेंद्र और सास अंजू को लखनऊ ले जा रही थीं, ताकि उनका बेहतर इलाज कराया जा सके, लेकिन हादसे ने सोच पर पानी फेर दिया।