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जिले को 2600 मीट्रिक टन डीएपी का आवंटन
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गौरीगंज (अमेठी)। रबी सीजन में डीएपी की अनुपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानी जल्दी समाप्त होगी। विभाग की मांग पर शासन ने जिले को 2600 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित की है। आवंटित इफ्को कंपनी की डीएपी पारादीप बंदरगाह से रेलवे के माध्यम से आज गौरीगंज स्टेशन पहुंचेगी। उर्वरक की रैक पहुंचने के बाद कृषि विभाग इफ्को के अलावा साधन सहकारी समिति के माध्यम से किसानों को निर्धारित रेट पर डीएपी मुहैया कराएगा।
धान कटाई के बाद किसान इन दिनों आलू, मटर, सरसों व गेहूं समेत रबी सीजन की फसलों की बोआई व तैयारी में जुटे हैं। रबी सीजन की फसलों की बोआई के समय फॉस्फेटिक उर्वरक, एनपीके एसएसपी व यूरिया की न्यूनतम मांग के साथ ही डीएपी उर्वरक की अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में रबी सीजन में डीएपी उर्वरक की एक तरफ जहां डिमांड बढ़ जाती है वहीं उर्वरकों की ओवररेटिंग व काला बाजारी के मामले बढ़ जाते हैं।
जिले में डीएपी की कमी दूर करने व किसानों को समय से डीएपी दिलाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कृषि विभाग ने शासन के माध्यम से इफ्को कंपनी से जिले के लिए डीएपी आवंटित करने की मांग की थी। कृषि विभाग की मांग पर इफ्को कंपनी ने जिले के लिए 2600 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित किया है। डीएपी आवंटित होने के बाद पारादीप बंदरगाह से मालगाड़ी से डीएपी उर्वरक गौरीगंज के लिए रवाना की गई है।
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पारादीप बंदरगाह से रवाना उर्वरक की रैक सोमवार शाम तक गौरीगंज रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। डीएपी की रैक पहुंचने के बाद कृषि विभाग जिले में संचालित इफ्को बिक्री केंद्र के साथ पीसीएफ की साधन सहकारी समिति के माध्यम से प्वाइंट ऑफ सेल मशीन से खतौनी व आधार बेस पर निर्धारित रेट पर बिक्री व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।
बिक्री केंद्रों से किसानों को निर्धारित दर पर डीएपी मुहैया कराते हुए जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने एडवाइजरी जारी कर किसानों को फसलवार उर्वरक उपयोग व मात्रा की जानकारी देते हुए निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक प्रयोग करने की सलाह दी है। कृषि विभाग ने किसानों से डीएपी की कमी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए बताया कि आवश्यक डीएपी उर्वरक किसानों को निर्धारित रेट पर मिलेगी।
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धान कटाई के बाद किसान इन दिनों आलू, मटर, सरसों व गेहूं समेत रबी सीजन की फसलों की बोआई व तैयारी में जुटे हैं। रबी सीजन की फसलों की बोआई के समय फॉस्फेटिक उर्वरक, एनपीके एसएसपी व यूरिया की न्यूनतम मांग के साथ ही डीएपी उर्वरक की अधिक आवश्यकता होती है। ऐसे में रबी सीजन में डीएपी उर्वरक की एक तरफ जहां डिमांड बढ़ जाती है वहीं उर्वरकों की ओवररेटिंग व काला बाजारी के मामले बढ़ जाते हैं।
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जिले में डीएपी की कमी दूर करने व किसानों को समय से डीएपी दिलाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। कृषि विभाग ने शासन के माध्यम से इफ्को कंपनी से जिले के लिए डीएपी आवंटित करने की मांग की थी। कृषि विभाग की मांग पर इफ्को कंपनी ने जिले के लिए 2600 मीट्रिक टन डीएपी आवंटित किया है। डीएपी आवंटित होने के बाद पारादीप बंदरगाह से मालगाड़ी से डीएपी उर्वरक गौरीगंज के लिए रवाना की गई है।
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पारादीप बंदरगाह से रवाना उर्वरक की रैक सोमवार शाम तक गौरीगंज रेलवे स्टेशन पहुंचेगी। डीएपी की रैक पहुंचने के बाद कृषि विभाग जिले में संचालित इफ्को बिक्री केंद्र के साथ पीसीएफ की साधन सहकारी समिति के माध्यम से प्वाइंट ऑफ सेल मशीन से खतौनी व आधार बेस पर निर्धारित रेट पर बिक्री व्यवस्था सुनिश्चित करेगी।
बिक्री केंद्रों से किसानों को निर्धारित दर पर डीएपी मुहैया कराते हुए जिला कृषि अधिकारी अखिलेश पांडेय ने एडवाइजरी जारी कर किसानों को फसलवार उर्वरक उपयोग व मात्रा की जानकारी देते हुए निर्धारित मात्रा में ही उर्वरक प्रयोग करने की सलाह दी है। कृषि विभाग ने किसानों से डीएपी की कमी से जुड़ी अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील करते हुए बताया कि आवश्यक डीएपी उर्वरक किसानों को निर्धारित रेट पर मिलेगी।