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आधार कार्ड बनवाने को उमड़ रही भारी भीड़
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अमेठी। जरूरतमंदों को आधार कार्ड बनवाने के लिए इधर-उघर भटकना पड़ रहा है। नामित बैंक और पोस्ट ऑफिस के बाहर जरूरतमंद सुबह से ही लंबी कतार में लग जाते हैं। बावजूद इसके उन्हें नेट नहीं चलने समेत कई समस्या बताकर वापस कर दिया जाता है। आलम यह है कि सुबह से लाइन में लगे लोगों को शाम होने के बाद बैरंग लौटना पड़ता है।
सरकारी योजनाओं के साथ ही अब छात्रवृत्ति योजना में आधार बेस पेमेंट व्यवस्था शुरू होने के बाद कार्ड बनवाने के लिए भीड़ उमड़ रही है। शासन ने अब आधार व अभिलेखों की प्रविष्टि एक समान करने के साथ ही मोबाइल नंबर को बैंक खाते से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। बताते चलें कि आधार कार्ड पहले जन सुविधा केंद्रों व अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा सुगमता पूर्वक बनाया जा रहा था।
बाद में आए शासनादेश में कुछ बैंक व डाक घरों में आधार कार्ड बनाने के लिए नामित किया गया है। नामित बैंक व डाकघरों पर आधार कार्ड बनाने के लिए अलग से काउंटर बनाए गए हैं। जरूरतमंद अपना आधार कार्ड बनाने के लिए बैंकों और डाकघरों पर उनके खुलने के पूर्व ही सुबह से लाइन में लग जाते हैं।
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बैंकों और डाकघरों में आधार कार्ड बनाने के काउंटर पर तैनात कर्मी द्वारा सीमित फार्म ही वितरित किया जाता है। कतार में खड़े अन्य लोगों को फार्म नहीं पाने के बाद मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। कई दिनों तक इन शाखाओं का चक्कर लगाने के बाद उन्हें फार्म मिल पाता है। उनका नंबर आने तक शाम हो जाती है और नेट खराब होने की बात कहकर उन्हें वापस कर दिया जाता है। सबसे खराब स्थिति अमेठी के प्रधान डाकघर की है।
सूत्रों के अनुसार आधार कार्ड बनवाने के नाम पर जमकर वसूली हो रही है। सेटिंग होने के बाद जरूरतमंद को दो सौ से पांच सौ रुपए खर्च करना पड़ता है। किसान नेता हरीश सिंह, बच्चा शुक्ल, बृजेश मिश्र, लवकुश पांडेय, धर्मेंद्र शुक्ल आदि ने डीएम से आधार कार्ड के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने तथा आधार कार्ड सुगमता पूर्वक बन सके इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग उठाई है।
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सरकारी योजनाओं के साथ ही अब छात्रवृत्ति योजना में आधार बेस पेमेंट व्यवस्था शुरू होने के बाद कार्ड बनवाने के लिए भीड़ उमड़ रही है। शासन ने अब आधार व अभिलेखों की प्रविष्टि एक समान करने के साथ ही मोबाइल नंबर को बैंक खाते से लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। बताते चलें कि आधार कार्ड पहले जन सुविधा केंद्रों व अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा सुगमता पूर्वक बनाया जा रहा था।
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बाद में आए शासनादेश में कुछ बैंक व डाक घरों में आधार कार्ड बनाने के लिए नामित किया गया है। नामित बैंक व डाकघरों पर आधार कार्ड बनाने के लिए अलग से काउंटर बनाए गए हैं। जरूरतमंद अपना आधार कार्ड बनाने के लिए बैंकों और डाकघरों पर उनके खुलने के पूर्व ही सुबह से लाइन में लग जाते हैं।
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बैंकों और डाकघरों में आधार कार्ड बनाने के काउंटर पर तैनात कर्मी द्वारा सीमित फार्म ही वितरित किया जाता है। कतार में खड़े अन्य लोगों को फार्म नहीं पाने के बाद मायूस होकर वापस लौटना पड़ता है। कई दिनों तक इन शाखाओं का चक्कर लगाने के बाद उन्हें फार्म मिल पाता है। उनका नंबर आने तक शाम हो जाती है और नेट खराब होने की बात कहकर उन्हें वापस कर दिया जाता है। सबसे खराब स्थिति अमेठी के प्रधान डाकघर की है।
सूत्रों के अनुसार आधार कार्ड बनवाने के नाम पर जमकर वसूली हो रही है। सेटिंग होने के बाद जरूरतमंद को दो सौ से पांच सौ रुपए खर्च करना पड़ता है। किसान नेता हरीश सिंह, बच्चा शुक्ल, बृजेश मिश्र, लवकुश पांडेय, धर्मेंद्र शुक्ल आदि ने डीएम से आधार कार्ड के नाम पर हो रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगाने तथा आधार कार्ड सुगमता पूर्वक बन सके इसकी व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग उठाई है।