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895 छात्रों को नहीं मिले किताब व युनिफॉर्म के पैसे

Mon, 04 Jul 2022 10:24 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 04 Jul 2022 10:24 PM IST
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895 students did not get money for books and uniforms
गौरीगंज (अमेठी)। पिछले तीन शैक्षिक सत्र में कॉन्वेंट स्कूलों में प्रवेश पाने वाले दुर्बल वर्ग के 895 छात्रों को पाठ्य पुस्तक व यूनिफॉर्म के लिए मिलने वाली राशि अब तक नहीं मिल सकी है। इसके चलते बच्चे व उनके अभिभावक परेशान हैं। इससे उनकी पढ़ाई में भी बाधा उत्पन्न हो रही है। विभागीय अधिकारी ने शासन को कई बार पत्र लिखकर धनराशि की मांग भी की बावजूद इसके अभी तक राशि आवंटित नहीं हुई।
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अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के अभिभावकों का सपना होता है कि वह अपने बच्चों को सर्वोत्तम शिक्षा दिलाए। लेकिन ज्यादातर अभिभावक आर्थिक तंगी के चलते बच्चों का दाखिला अच्छे स्कूलों में कराने में असमर्थ रहते हैं। इसी सपने को साकार करने के लिए निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम लागू किया।
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अधिनियम के तहत कॉन्वेंट स्कूलों में कक्षा एक या इससे पूर्व की प्राथमिक कक्षा में निशुल्क प्रवेश दिलाए जाने की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक कॉन्वेंट स्कूल में अध्ययनरत छात्रों की संख्या के सापेक्ष 25 प्रतिशत सीट अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित की गई हैं। जिससे अलाभित एवं दुर्बल वर्ग के बच्चे भी कॉन्वेंट में पढ़ाई कर सकें।
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अधिनियम के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों की 11 माह की फीस संबंधित कॉन्वेंट स्कूल को भेजने के साथ ही किताब, कॉपी, ड्रेस व जूता-मोजा के लिए 5000 रुपये प्रोत्साहन राशि छात्रों के अभिभावकों के बैंक खाते में भेजने की जिम्मेदारी विभाग को दी गई है। अधिनियम के तहत जिले में 2017-18 शैक्षिक सत्र से वर्तमान समय तक 1881 छात्रों का दाखिला कॉन्वेंट स्कूलों में कराया गया है।
जिनमें से 2018 तक अधिनियम के तहत दाखिला लेने वाले छात्रों को उस वर्ष की फीस व प्रोत्साहन धनराशि जारी की गई। शैक्षिक सत्र 2019-20 से 2021-22 तक दाखिला लेने वाले 895 छात्रों (इस शैक्षिक सत्र को छोड़कर) की फीस व अभिभावकों को मिलने वाली प्रोत्साहन राशि नहीं मिली है। जिससे अभिभावकों के सामने बच्चों को पढ़ाने के लिए समस्या खड़ी हो गई है।
शैक्षिक वर्ष वार दाखिला
वर्ष - दाखिला
2017-18 - 25
2018-19 - 50
2019-20 - 202
2020-21 - 346
2021-22 - 347
2022-23 - 911
कोविड के चलते नहीं मिली धनराशि
विभागीय लोगों के अनुसार तो 2020 मार्च में कोविड का संक्रमण पूरे देश में तेजी से फैल गया था। जिसके चलते सरकार ने लॉकडाउन लगा दिया था। लगातार स्कूल बंद होने के चलते अलाभित समूह एवं दुर्बल वर्ग के छात्रों के लिए बजट आवंटित नहीं हो सका।

मांगा गया बजट : बीएसए
बीएसए डॉ. अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि अलाभित समूह व दुर्बल वर्ग के तहत बजट की मांग की गई है। बजट आने के बाद छात्रों के अभिभावकों व स्कूलों को धनराशि भेजी जाएगी।
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