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रिटायर्ड दरोगा के बेटे से 1.9 लाख की ठगी

Sun, 04 Apr 2021 09:16 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sun, 04 Apr 2021 09:16 PM IST
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1.9 lakh stolen from account
गौरीगंज (अमेठी)। साइबर ठगों ने संग्रामपुर थाना क्षेत्र के अमटाही गांव निवासी रिटायर्ड दरोगा के पुत्र से नए तरीके से 1.9 लाख रुपये की ठगी की। ठगों ने सुधीर का खाता हैक कर पहले शून्य बैलेंस का मैसेज भेजा इसके बाद फोन कर पैसा वापस करने के नाम पर ओटीपी पूछ खाते में जमा सारी रकम उड़ा दी।
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अमटाही के पूरे जमादर निवासी हौसिला प्रसाद मिश्र रिटायर्ड दरोगा हैं। हौसिला के पुत्र सुधीर का टीकरमाफी स्थित एसबीआई में अकाउंट है। 28 मार्च रविवार की सुबह सुधीर के मोबाइल पर एक अंजान नंबर से फोन आया।
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फोन करने वाले ने सुधीर को बताया कि वह ठग है और उसने उनके बैंक खाते को हैक कर उसमें जमा पूरा 1.9 लाख रुपये निकाल लिया है। यह सुनते ही सुधीर ने फोन काटकर मेसेज बॉक्स चेक किया तो इनबॉक्स में उनके खाते का बैलेंस शून्य होने का मेसेज आया था।
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इसी बीच साइबर ठग ने दोबारा उन्हें फोन किया। सुधीर ने उससे पैसा वापस करने को कहा तो उसने ढिठाई से कहा कि वह पूरा पैसा नहीं वापस करेगा। बड़े अनुरोध पर वह आधा पैसा वापस करने को तैयार हुआ।
इसके बाद उसने सुधीर से पैसा वापस करने के नाम पर ओटीपी पूछकर पूरा पैसा अपने खाते में ट्रांसफर कर लिया। सुधीर ने मामले की शिकायत संग्रामपुर थाना, साइबर सेल लखनऊ व बैंक से की है।
यह है ठगी का नया तरीका
मार्च माह में शुरू हुई ठगी का नया तरीका थोड़ा अलग है। इस तरीके में ठग पहले आपके खाते को हैक कर संपूर्ण जमा राशि की शॉर्ट टर्म एफडी (24 घंटे के लिए) बना देते हैं। इसके बाद खाताधारक को फोन कर सीधे अपने को ठग बताते हुए पूरा पैसा निकाल लेने की जानकारी देते हैं।
पुष्टि के लिए खाताधारक को मोबाइल पर शून्य बैलेंस का मेसेज देखने को कहते हैं। इसके बाद ठगों का असली खेल शुरू होता है। ठग कुछ रुपये वापस करने के नाम पर ओटीपी बताने को कहते हैं और ओटीपी मिलते ही एफडी को तोड़कर रकम अपने खाते में ट्रांसफर कर लेते हैं।

किसी भी दशा में न बताएं ओटीपी
एसबीआई टीकरमाफी के शाखा प्रबंधक बृजेश कुमार ने कहा कि बैंक कभी किसी ग्राहक से उसका ओटीपी नहीं पूछता। ऐसे में किसी को भी अपने अकाउंट से जुड़ी डिटेल या ओटीपी नहीं बताएं। ओटीपी जाने बिना कोई आपके खाते में जमा रकम निकाल नहीं सकता।
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