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1.37 लाख नौनिहाल कर रहे परिवर्तन लागत का इंतजार
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गौरीगंज (अमेठी)। कोविड संक्रमण कॉल में स्कूल बंद होने पर प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत नौनिहालों को राशन व परिवर्तन लागत भुगतान जिले में परवान नहीं चढ़ सकी है। आलम यह है कि जिले में संचालित स्कूलों में पंजीकृत 1.82 लाख विद्यार्थियों में से 1.72 लाख के अभिभावकों को कोटेदार के माध्यम से राशन तो 44,826 के खाते में डीबीटी के माध्यम से परिवर्तन लागत अंतरित हुई है।
बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित 1,139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2022-23 में पंजीकृत एक लाख 822 हजार 484 विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री पोषण (मध्यान्ह भोजन) योजना से लाभांवित किया जाना था। कोविड संक्रमण काल में सभी स्कूल बंद होने पर प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत 1,31,851 विद्यार्थियों को प्रतिदिन 4.97 रुपये की दर से परिवर्तन लागत व 100 ग्राम राशन तथा उच्च प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत 50,733 विद्यार्थियों को प्रतिदिन 7.45 रुपये परिवर्तन लागत तो 150 ग्राम राशन देने का निर्णय हुआ था। निर्णय के बाद प्राथमिक स्कूल के बच्चों को 94 दिन का राशन नौ किलो चार सौ ग्राम तो उच्च प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थियों को 87 दिन का 13 किलो 50 ग्राम राशन देने के लिए प्राधिकार पत्र वितरित कर कोटेदार से राशन प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी।
लगातार निगरानी के बावजूद अब तक सिर्फ 1,72,128 विद्यार्थियों को ही राशन मिल सका है। इसी तरह प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत प्रति विद्यार्थी को 128 दिन की परिवर्तन लागत 636 रुपये तो उच्च प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत विद्यार्थियों को 901 रुपये की दर से परिवर्तन लागत अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित करने की व्यवस्था बनाई गई थी। बावजूद इसके अब तक महज 44,826 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में परिवर्तन लागत अंतरित की जा सकी है। राशन से वंचित 10,456 को कोटेदार के माध्यम से राशन दिलाने तो 1,37,758 बच्चों के अभिभावकों के खाते में निर्धारित परिवर्तन लागत अंतरित करने की कोशिश में बेसिक शिक्षा विभाग जुटा है।
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वितरण की होगी जांच
निदेशक विजय किरन आनंद ने खाद्य सुरक्षा भत्ता के तहत कोविड संक्रमण कॉल में वितरित किए गए राशन व परिवर्तन लागत वितरण में अनियमितता को रोकने व वितरण के जांच कराने की योजना बनाई है। निदेशक ने बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र जारी कर चार अक्तूूबर 2021 व 25 फरवरी 2022 के क्रम में प्राधिकार पत्र के आधार पर वितरित राशन व कंवर्जन कास्ट की स्थलीय जांच कराने को कहा है। जांच में नामित अफसर प्रपत्र पर अलग-अलग छात्र व अभिभावकों के बयान दर्ज कर हस्ताक्षर कराएंगे। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता परिलक्षित होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट 10 सितंबर तक निदेशक कार्यालय भेजने को कहा गया है।
बीईओ व जिला समंवयक करेंगे जांच
निदेशक का पत्र मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी बीईओ व जिला समंवयक को जांच की जिम्मेदारी दी है। सभी को रैंडम के आधार पर अगल-अलग स्कूलों के साथ अलग-अलग विद्यार्थियों व अभिभावकों से योजना से जुड़ी जानकारी लेते हुए रिपोर्ट देने को कहा गया है।
चल रही धनराशि अंतरण की कवायद
जिला समन्वयक मध्यान्ह भोजन अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राशन से वंचित 10,456 विद्यार्थियों को राशन दिलाने के साथ 1,37,758 के अभिभावकों के खाते में निर्धारित परिवर्तन लागत अंतरित करने की कोशिश चल रही है। पीएफएमएस पोर्टल पर अभिभावकों का बैंक डिटेल सत्यापित होने के बाद जल्द ही परिवर्तन लागत खाते अंतरित की जाएगी।
वंचित नहीं होगा कोई विद्यार्थी
बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत शतप्रतिशत विद्यार्थियों को राशन व परिवर्तन लागत से नियमानुसार लाभांवित किया जाएगा। पूरे कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है। निदेशक के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई है। योजना में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तो योजना से कोई भी विद्यार्थी किसी भी दशा में वंचित नहीं होगा।
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बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित 1,139 प्राथमिक, 234 उच्च प्राथमिक व 197 कंपोजिट स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2022-23 में पंजीकृत एक लाख 822 हजार 484 विद्यार्थियों को प्रधानमंत्री पोषण (मध्यान्ह भोजन) योजना से लाभांवित किया जाना था। कोविड संक्रमण काल में सभी स्कूल बंद होने पर प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत 1,31,851 विद्यार्थियों को प्रतिदिन 4.97 रुपये की दर से परिवर्तन लागत व 100 ग्राम राशन तथा उच्च प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत 50,733 विद्यार्थियों को प्रतिदिन 7.45 रुपये परिवर्तन लागत तो 150 ग्राम राशन देने का निर्णय हुआ था। निर्णय के बाद प्राथमिक स्कूल के बच्चों को 94 दिन का राशन नौ किलो चार सौ ग्राम तो उच्च प्राथमिक स्कूल के विद्यार्थियों को 87 दिन का 13 किलो 50 ग्राम राशन देने के लिए प्राधिकार पत्र वितरित कर कोटेदार से राशन प्राप्त करने की व्यवस्था बनाई गई थी।
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लगातार निगरानी के बावजूद अब तक सिर्फ 1,72,128 विद्यार्थियों को ही राशन मिल सका है। इसी तरह प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत प्रति विद्यार्थी को 128 दिन की परिवर्तन लागत 636 रुपये तो उच्च प्राथमिक स्कूल में पंजीकृत विद्यार्थियों को 901 रुपये की दर से परिवर्तन लागत अभिभावकों के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से अंतरित करने की व्यवस्था बनाई गई थी। बावजूद इसके अब तक महज 44,826 विद्यार्थियों के अभिभावकों के खाते में परिवर्तन लागत अंतरित की जा सकी है। राशन से वंचित 10,456 को कोटेदार के माध्यम से राशन दिलाने तो 1,37,758 बच्चों के अभिभावकों के खाते में निर्धारित परिवर्तन लागत अंतरित करने की कोशिश में बेसिक शिक्षा विभाग जुटा है।
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वितरण की होगी जांच
निदेशक विजय किरन आनंद ने खाद्य सुरक्षा भत्ता के तहत कोविड संक्रमण कॉल में वितरित किए गए राशन व परिवर्तन लागत वितरण में अनियमितता को रोकने व वितरण के जांच कराने की योजना बनाई है। निदेशक ने बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र जारी कर चार अक्तूूबर 2021 व 25 फरवरी 2022 के क्रम में प्राधिकार पत्र के आधार पर वितरित राशन व कंवर्जन कास्ट की स्थलीय जांच कराने को कहा है। जांच में नामित अफसर प्रपत्र पर अलग-अलग छात्र व अभिभावकों के बयान दर्ज कर हस्ताक्षर कराएंगे। जांच के दौरान किसी भी प्रकार की अनियमितता परिलक्षित होने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति कर रिपोर्ट 10 सितंबर तक निदेशक कार्यालय भेजने को कहा गया है।
बीईओ व जिला समंवयक करेंगे जांच
निदेशक का पत्र मिलने के बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी बीईओ व जिला समंवयक को जांच की जिम्मेदारी दी है। सभी को रैंडम के आधार पर अगल-अलग स्कूलों के साथ अलग-अलग विद्यार्थियों व अभिभावकों से योजना से जुड़ी जानकारी लेते हुए रिपोर्ट देने को कहा गया है।
चल रही धनराशि अंतरण की कवायद
जिला समन्वयक मध्यान्ह भोजन अरुण कुमार त्रिपाठी ने बताया कि राशन से वंचित 10,456 विद्यार्थियों को राशन दिलाने के साथ 1,37,758 के अभिभावकों के खाते में निर्धारित परिवर्तन लागत अंतरित करने की कोशिश चल रही है। पीएफएमएस पोर्टल पर अभिभावकों का बैंक डिटेल सत्यापित होने के बाद जल्द ही परिवर्तन लागत खाते अंतरित की जाएगी।
वंचित नहीं होगा कोई विद्यार्थी
बीएसए संगीता सिंह ने बताया कि खाद्य सुरक्षा योजना के तहत शतप्रतिशत विद्यार्थियों को राशन व परिवर्तन लागत से नियमानुसार लाभांवित किया जाएगा। पूरे कार्य की नियमित निगरानी की जा रही है। निदेशक के निर्देश पर जांच टीम गठित की गई है। योजना में अनियमितता मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तो योजना से कोई भी विद्यार्थी किसी भी दशा में वंचित नहीं होगा।