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Ambedkar Nagar News: वित्तीय सत्र खत्म होने में सिर्फ 12 दिन बाकी, विभागों का करोड़ों रुपये डंप

Tue, 18 Mar 2025 11:08 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर Updated Tue, 18 Mar 2025 11:08 PM IST
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Wind blows along with strong sunshine, wheat and mustard crops are falling
कलेक्ट्रेट के कोषागार कार्यालय में बिल जमा करते वि​भिन्न विभागों के कर्मचारी। 
अंबेडकरनगर। विकास, स्वास्थ्य व नागरिक सुविधाएं बेहतर करने के उद्देश्य से शासन हर साल हजारों करोड़ रुपये का बजट अलग-अलग विभागों को भेजता है, ताकि समय-समय पर काम कराए जा सकें। इसके बावजूद 11 माह की जगह वित्तीय वर्ष के आखिरी माह में ही सबसे ज्यादा बजट खपाया जाता है। इस वित्तीय वर्ष के समाप्त होने में अब सिर्फ 12 दिन बाकी हैं, लेकिन विभागों के पास करोड़ों रुपये डंप पड़े हैं। इनको खपाने की कवायद तो चल रही है, लेकिन समय रहते बिल कोषागार नहीं भेज पाए तो सारी रकम शासन को वापस चली जाएगी।
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मार्च शुरू होने के बाद से ही कई विभागों में भुगतान के लिए मारामारी चल रही है। लोक निर्माण विभाग के विभिन्न पटलों पर सुबह से शाम तक कार्यदायी संस्थाओं का हुजूम लगा रहता है। किसी को सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस लेने की चिंता है तो कोई भुगतान कराने के प्रयास में है। लोक निर्माण विभाग के पास अभी करीब 269 करोड़ रुपये का बजट उपलब्ध है। इसी तरह विकास विभाग को अलग-अलग मदों में इस वित्तीय वर्ष में करीब 536 करोड़ रुपये का बजट मिला, लेकिन इसमें से 154 करोड़ रुपये ही खर्च हो पाए हैं।
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शेष बजट खर्च करने के लिए संबंधित विभागों के अफसर लगातार बिल व प्रस्ताव तैयार करने में जुटे हैं। स्वास्थ्य महकमे की गिनती सर्वाधिक बजट वाले विभागों में होती है, क्योंकि जिले की करीब 30 लाख आबादी की सेहत का जिम्मा है। इसके बाद भी इनके पास 300 करोड़ से ज्यादा का बजट उपलब्ध है। फिलहाल ई ऑफिस के चलते जिला कोषागार में अभी सन्नाटा है, लेकिन आखिरी सप्ताह में भीड़ बढ़ने की संभावना है। (संवाद)
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कलेक्ट्रेट, पंचायती राज, डीआईओएस व बीएसए खर्च में आगे
जिलाधिकारी के मद में कलेक्ट्रेट को करीब 142 करोड़ रुपये मिले, जिसमें से 123 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं। पंचायती राज विभाग के पास सिर्फ दो करोड़ रुपये, बेसिक शिक्षा के पास भी दो करोड़ रुपये ही बाकी हैं। माध्यमिक शिक्षा के पास अभी छह करोड़ रुपये हैं।

प्रमुख विभाग, आवंटित, खर्च व शेष रकम पुलिस विभाग- 63.48 करोड़- 39.75 करोड़- 23.73 करोड़
राजकीय मेडिकल कॉलेज-163.78 करोड़- 154.14 करोड़- 9.64 करोड़
जिला अस्पताल - 87.62 करोड़- 51.62 करोड़- 36 करोड़
सीएमओ- 707.75 करोड़- 430 करोड़- 333 करोड़
लोक निर्माण विभाग - 410 करोड़- 141 करोड़- 269 करोड़
कलेक्ट्रेट- 142 करोड़- 123 करोड़- 19 करोड़
विकास विभाग- 536 करोड़- 154 करोड़- 382 करोड़
पंचायती राज- 212 करोड़- 210 करोड़- दो करोड़
माध्यमिक शिक्षा- 242 करोड़- 236 करोड़- छह करोड़
बेसिक शिक्षा 672 करोड़- 670 करोड़- दो करोड़
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