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तेज हवा के साथ हुई बारिश से जलभराव
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अंबेडकरनगर। उमड़ते-घुमड़ते बादल गुरुवार दोपहर बरस पड़े। मूसलधार बारिश से जिले में आम जनजीवन पूरी तरह अस्तव्यस्त हो गया। तेज हवा के साथ हुई बारिश के चलते आधा दर्जन टीन शेड उड़ गए तो कई क्षेत्रों में पेड़ भी धराशायी हो गए। यह संयोग ही रहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ।
मूसलधार बारिश के चलते जिला मुख्यालय से लेकर जिले के कई अन्य क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव हो गया जिससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस बीच बारिश ने मेंथा की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचाया। खेतों में पानी भर जाने के चलते न सिर्फ कटाई बल्कि पेराई का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। इससे संबंधित किसानों की चिंता बढ़ गई है।
बताते चलें कि कई दिनों से मानसूनी बारिश हो रही है। गुरुवार को भी यह सिलसिला जारी रहा। दोपहर तक तो मौसम साफ रहा लेकिन उसके बाद काले बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे और कुछ ही देर में बरस पड़े। जिला मुख्यालय से लेकर जिले के कई अन्य क्षेत्रों में मूसलधार बारिश शुरू हो गई। हवा के साथ हुई बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया।
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तेज हवा के साथ हुई बारिश के चलते अशरफाबाद व धौरहरा गांव में आधा दर्जन टीन शेड जहां उड़ गए, वहीं तीन पेड़ भी धराशायी हो गए। यह संयोग ही रहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि टीन शेड व पेड़ की चपेट में आने से तीन ग्रामीणों को मामूली चोटें आईं। इसके अलावा भी जिले के कई अन्य क्षेत्रों में हवा के साथ हुई बारिश के चलते पेड़ धराशायी हो गए।
मूसलधार बारिश के चलते इस बीच जिला मुख्यालय के अलावा जिले के कई अन्य क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। नाले व नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने लगा। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ीं।
उधर लगातार हो रही बारिश ने मेंथा किसानों को तगड़ा झटका दिया है। खेतों में पानी भर जाने के चलते मेंथा की फसल काली पड़ गई है। किसानों का कहना है कि वैसे तो अब लागत निकलना भी मुश्किल है लेकिन यदि शीघ्र ही बारिश का दौर नहीं थमा और तेज धूप नहीं निकली तो खेतों में खड़ी फसल सड़ जाएगी जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा।
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मूसलधार बारिश के चलते जिला मुख्यालय से लेकर जिले के कई अन्य क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव हो गया जिससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलों का सामना करना पड़ा। इस बीच बारिश ने मेंथा की फसल को व्यापक नुकसान पहुंचाया। खेतों में पानी भर जाने के चलते न सिर्फ कटाई बल्कि पेराई का कार्य पूरी तरह से ठप हो गया है। इससे संबंधित किसानों की चिंता बढ़ गई है।
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बताते चलें कि कई दिनों से मानसूनी बारिश हो रही है। गुरुवार को भी यह सिलसिला जारी रहा। दोपहर तक तो मौसम साफ रहा लेकिन उसके बाद काले बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे और कुछ ही देर में बरस पड़े। जिला मुख्यालय से लेकर जिले के कई अन्य क्षेत्रों में मूसलधार बारिश शुरू हो गई। हवा के साथ हुई बारिश से आम जनजीवन पूरी तरह से अस्तव्यस्त हो गया।
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तेज हवा के साथ हुई बारिश के चलते अशरफाबाद व धौरहरा गांव में आधा दर्जन टीन शेड जहां उड़ गए, वहीं तीन पेड़ भी धराशायी हो गए। यह संयोग ही रहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। हालांकि टीन शेड व पेड़ की चपेट में आने से तीन ग्रामीणों को मामूली चोटें आईं। इसके अलावा भी जिले के कई अन्य क्षेत्रों में हवा के साथ हुई बारिश के चलते पेड़ धराशायी हो गए।
मूसलधार बारिश के चलते इस बीच जिला मुख्यालय के अलावा जिले के कई अन्य क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। नाले व नालियों का गंदा पानी सड़क पर बहने लगा। इससे लोगों को आवागमन में व्यापक मुश्किलें उठानी पड़ीं।
उधर लगातार हो रही बारिश ने मेंथा किसानों को तगड़ा झटका दिया है। खेतों में पानी भर जाने के चलते मेंथा की फसल काली पड़ गई है। किसानों का कहना है कि वैसे तो अब लागत निकलना भी मुश्किल है लेकिन यदि शीघ्र ही बारिश का दौर नहीं थमा और तेज धूप नहीं निकली तो खेतों में खड़ी फसल सड़ जाएगी जिससे भारी आर्थिक नुकसान होगा।