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तमसा नदी का बढ़ा जलस्तर, 100 घरों में घुसा पानी
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अंबेडकरनगर के शहजादपुर रेलवे स्टेशन मार्ग पर इस तरह से पानी भर जाने से आवागमन को मजबूर लोग।
- फोटो : AMBEDKAR NAGAR
अंबेडकरनगर। झमाझम बारिश के कहर के बाद अब तमसा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। इससे अकबरपुर नगर के तमसा मार्ग, मुरादाबाद, शहजहांपुर मठिया मंदिर क्षेत्र में बाढ़ का पानी भर गया है। क्षेत्र में लगभग 100 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। पानी भरने से ज्यादातर नागरिक जहां निचली मंजिल छोड़ घर की ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट हो गए हैं, तो वहीं कुछ ऐसे भी नागरिक हैं, जिनके घर में नदी का पानी भर जाने से सुरक्षित स्थान पर परिवार व जरूरी सामान के साथ चले गए हैं। नई सड़क, अकबरपुर तमसा मार्ग होते हुए पहितीपुर मार्ग व शहजादपुर अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर नदी का पानी पहुंच जाने से नागरिकों को आवागमन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। मोहल्ले के अंदर तक पानी पहुंच जाने से मुरादाबाद मोहल्ले की विद्युत आपूर्ति भी ठप कर दी गई है। इससे लगभग 700 घरों की बिजली बाधित है।
बीते दिनों तेज बारिश ने जिले में जमकर कहर बरपाया था। इसका दौर थमा, तो अब तमसा नदी के जलस्तर में अचानक तेजी से वृद्धि होने लगी है। तमसा नदी के बढ़े जलस्तर ने अब जिला मुख्यालय पर ही कहर बरपाना शुरू कर दिया है। आलम यह है कि तमसा मार्ग, मुरादाबाद, शहजहांपुर मठिया मंदिर मोहल्ले में करीब 100 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं अकबरपुर तमसा मार्ग होते हुए पहितीपुर, नई सड़क व शहजादपुर अकबरपुर रेलवे स्टेशन मार्ग पर घुटने तक पानी भर गया है। इससे नागरिकों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। घर में नदी का पानी घुस जाने से कुछ नागरिक जहां परिवार के साथ सुरक्षित स्थान की तरफ पलायन कर गए हैं, तो वहीं ज्यादातर नागरिक घर की ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट हो गए हैं। रविवार को अमर उजाला टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया, तो नागरिकों की समस्या सामने आई।
परिवारीजनों के साथ खुले में रहने को मजबूर
तमसा मार्ग निवासी पिंटू गौड़ के घर में नदी का पानी भर गया है। वह चाय की दुकान भी चलाता है। यह दुकान में भी पानी भर गया है। नतीजा यह है कि पिंटू परिवार के सदस्यों के साथ इसी मार्ग पर उस स्थान पर रात गुजारने को मजबूर है, जहां पानी नहीं पहुंचा है। पिंटू ने कहा कि जलस्तर बढ़ने से उसके घर व दुकान में पानी घुस गया है। उसके पास इतनी राशि नहीं है कि वह किराए के भवन में रहे। ऐसे में उसे परिवार के साथ सड़क के किनारे खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है।
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घर में घुसा पानी, सुरक्षित स्थान पर किया पलायन
तमसा मार्ग निवासी रमाशंकर के घर में भी पानी भर गया है। जब अमर उजाला टीम वहां पहुंची तो मौके पर मिले रमाशंकर ने कहा कि घर में पानी घुस जाने के चलते वहां रहना संभव नहीं है। ऐसे में वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो गया है। अब जब पानी हट जाएगा, तो साफ सफाई कराने के बाद फिर से रहने लगेंगे। घर में नदी का पानी भर जाने से विभिन्न प्रकार के जहरीले कीड़ों के भी घर में पहुंच जाने की आशंका है।
48 वर्ष बाद बढ़ा नदी का जलस्तर
तमसा मार्ग निवासी सूबेदार सिंह व बिंदू सिंह के घर का निचला भाग पूरी तरह से जलमग्र हो गया। नतीजा यह है कि परिवार के सदस्यों को ऊपरी मंजिल पर सामान के साथ शिफ्ट होने को मजबूर होना पड़ा। बिंदू सिंह ने कहा कि शनिवार देर शाम ही नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ने के चलते पानी घर के निचले हिस्से में घुस गया। सूबेदार सिंह ने बताया कि लगभग 48 वर्ष बाद तमसा नदी में इस प्रकार से जलस्तर में वृद्धि हुई है। कहा कि घर में नदी का पानी भर जाने से सामान को भी नुकसान हुआ है।
घर में कमर तक पानी, किया पलायन
तमसा मार्ग मोहल्ले में नदी का पानी पहुंच जाने से यहां के निवासी पन्नालाल के घर में पानी भर गया। घर में कमर तक पानी घुस जाने के चलते पन्नालाल को परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर पलायन करने को मजबूर होना पड़ा। मौके पर मिले पन्नालाल ने कहा कि शनिवार तक तो वे सब किसी प्रकार से घर में रहे। उस समय तक पानी कम पहुंचा था। रविवार को नदी के जलस्तर में अचानक तेजी आने से घर में कमर तक पानी घुस गया। ऐसे में परिवार के साथ पलायन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जिम्मेदारों ने नहीं ली सुध
तमसा नदी का पानी मुरादाबाद मोहल्ले में भी पहुंच गया। मोहल्ले के बाहर स्थित चाय की दुकान पर मिले मोहल्ला निवासी राघवेंद्र तिवारी, त्रिभुवन व फतेह मोहम्मद ने बताया कि लंबे समय बाद तमसा नदी के जलस्तर में इस प्रकार की वृद्धि हुई है। ऐसा दृश्य उन्होंने अब तक नहीं देखा। नदी के जलस्तर में इतनी तेजी से वृद्धि हुई कि उनके घरों में कमर तक पानी घुस गया है। ऐसे में उन्हें परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने को मजबूर होना पड़ा है। नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कोई भी जिम्मेदार उनकी सुध लेने तक नहीं पहुंच सका है।
घर में पानी घुसने से बढ़ीं मुश्किलें
शहजहांपुर मठिया मंदिर निवासी रेखा, मोहम्मद सुल्तान, दानिश, मोहम्मद नईम ने कहा कि नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से उनके घर में पानी घुस गया है। घर में कमर तक पानी घुस जाने से विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या इस बात की है कि बाढ़ का पानी घर में घुसने से जहरीले कीड़ों के पहुंचने का भय हो गया है। यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो सोमवार को उन्हें भी सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर होना पड़ेगा।
वैकल्पिक नाव से परिवार को घर से निकाला
मुरादाबाद निवासी मोहम्मद जमील के घर में पानी घुस गया। चारों तरफ पानी से घर घिर जाने के चलते उसका परिवार घर में फंस गया। अमर उजाला टीम जब मौके पर पहुंची, तो देखा कि जमील हाथों में एक वैकल्पिक नाव लेकर घर की तरफ जा रहा था। पूछने पर बताया कि इस नाव के जरिए वह परिवार के एक-एक सदस्य को बाहर निकालेगा। इसके बाद सभी को लेकर किसी सुरक्षित स्थान पर पलायन कर जाएगा। कहा कि उनकी परेशानियों की किसी को सुध नहीं है। कोई भी उनकी समस्या को दूर करने के लिए यहां नहीं पहुंच सका है।
प्रमुख मार्गों पर भर गया पानी
तमसा नदी के बढ़े जलस्तर से कई प्रमुख मार्ग भी पूरी तरह से जलमग्र हो गए। अकबरपुर से तमसा मार्ग होते हुए पहितीपुर व शहजादपुर से अकबरपुर रेलवे स्टेशन जाने वाला मार्ग शनिवार शाम ही पूरी तरह से जलमग्र हो गया था। इन मार्गों पर रविवार को कमर तक पानी भर गया। इसके अलावा नई सड़क पर रविवार दोपहर पानी पहुंच गया। इस मार्ग पर स्थित एक दर्जन से अधिक दुकानों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया। नतीजा यह रहा कि इन मार्गों से होकर आवागमन करने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
पानी भरने से बिजली आपूर्ति ठप
मुरादाबाद मोहल्ला में लगा ट्रांसफार्मर रविवार सुबह चारों तरफ से पानी से घिर गया। किसी प्रकार की अनहोनी रोकने के लिए इस ट्रांसफार्मर से होने वाली विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप कर दी गई। नतीजा यह हुआ कि लगभग 700 घरों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। स्थानीय नागरिकों ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली गुल हो जाने से और भी मुश्किल हो रही है। एक तरफ बाढ़ का पानी घरों में घुस रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली ठप हो जाने से और भी परेशानी हो रही है। जिम्मेदारों को मोबाइल ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कर आपूर्ति बहाल की जानी चाहिए।
कीटनाशक दवाओं का कराया जा रहा छिड़काव
जिन क्षेत्रों में नदी का पानी पहुंचा है, वहां का मैंने रविवार को स्थलीय निरीक्षण किया। सफाई कर्मियों की टीम लगातार संबंधित क्षेत्र में जुटी हुई है। सफाई का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। संक्रामक रोगों के फैलने को देखते हुए लगातार संबंधित क्षेत्र में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। लगभग 15 वर्ष बाद इस प्रकार से नदी में उफान हुआ है। जलबहाव की समुचित व्यवस्था न होने से और भी मुश्किल हो रही है।
-बीना सिंह, अधिशाषी अधिकारी अकबरपुर नगर पालिका परिषद
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बीते दिनों तेज बारिश ने जिले में जमकर कहर बरपाया था। इसका दौर थमा, तो अब तमसा नदी के जलस्तर में अचानक तेजी से वृद्धि होने लगी है। तमसा नदी के बढ़े जलस्तर ने अब जिला मुख्यालय पर ही कहर बरपाना शुरू कर दिया है। आलम यह है कि तमसा मार्ग, मुरादाबाद, शहजहांपुर मठिया मंदिर मोहल्ले में करीब 100 घरों में बाढ़ का पानी घुस गया है। वहीं अकबरपुर तमसा मार्ग होते हुए पहितीपुर, नई सड़क व शहजादपुर अकबरपुर रेलवे स्टेशन मार्ग पर घुटने तक पानी भर गया है। इससे नागरिकों को आवागमन में दिक्कतें हो रही हैं। घर में नदी का पानी घुस जाने से कुछ नागरिक जहां परिवार के साथ सुरक्षित स्थान की तरफ पलायन कर गए हैं, तो वहीं ज्यादातर नागरिक घर की ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट हो गए हैं। रविवार को अमर उजाला टीम ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया, तो नागरिकों की समस्या सामने आई।
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परिवारीजनों के साथ खुले में रहने को मजबूर
तमसा मार्ग निवासी पिंटू गौड़ के घर में नदी का पानी भर गया है। वह चाय की दुकान भी चलाता है। यह दुकान में भी पानी भर गया है। नतीजा यह है कि पिंटू परिवार के सदस्यों के साथ इसी मार्ग पर उस स्थान पर रात गुजारने को मजबूर है, जहां पानी नहीं पहुंचा है। पिंटू ने कहा कि जलस्तर बढ़ने से उसके घर व दुकान में पानी घुस गया है। उसके पास इतनी राशि नहीं है कि वह किराए के भवन में रहे। ऐसे में उसे परिवार के साथ सड़क के किनारे खुले आसमान के नीचे रहना पड़ रहा है।
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घर में घुसा पानी, सुरक्षित स्थान पर किया पलायन
तमसा मार्ग निवासी रमाशंकर के घर में भी पानी भर गया है। जब अमर उजाला टीम वहां पहुंची तो मौके पर मिले रमाशंकर ने कहा कि घर में पानी घुस जाने के चलते वहां रहना संभव नहीं है। ऐसे में वह अपने परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट हो गया है। अब जब पानी हट जाएगा, तो साफ सफाई कराने के बाद फिर से रहने लगेंगे। घर में नदी का पानी भर जाने से विभिन्न प्रकार के जहरीले कीड़ों के भी घर में पहुंच जाने की आशंका है।
48 वर्ष बाद बढ़ा नदी का जलस्तर
तमसा मार्ग निवासी सूबेदार सिंह व बिंदू सिंह के घर का निचला भाग पूरी तरह से जलमग्र हो गया। नतीजा यह है कि परिवार के सदस्यों को ऊपरी मंजिल पर सामान के साथ शिफ्ट होने को मजबूर होना पड़ा। बिंदू सिंह ने कहा कि शनिवार देर शाम ही नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ने के चलते पानी घर के निचले हिस्से में घुस गया। सूबेदार सिंह ने बताया कि लगभग 48 वर्ष बाद तमसा नदी में इस प्रकार से जलस्तर में वृद्धि हुई है। कहा कि घर में नदी का पानी भर जाने से सामान को भी नुकसान हुआ है।
घर में कमर तक पानी, किया पलायन
तमसा मार्ग मोहल्ले में नदी का पानी पहुंच जाने से यहां के निवासी पन्नालाल के घर में पानी भर गया। घर में कमर तक पानी घुस जाने के चलते पन्नालाल को परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर पलायन करने को मजबूर होना पड़ा। मौके पर मिले पन्नालाल ने कहा कि शनिवार तक तो वे सब किसी प्रकार से घर में रहे। उस समय तक पानी कम पहुंचा था। रविवार को नदी के जलस्तर में अचानक तेजी आने से घर में कमर तक पानी घुस गया। ऐसे में परिवार के साथ पलायन करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
जिम्मेदारों ने नहीं ली सुध
तमसा नदी का पानी मुरादाबाद मोहल्ले में भी पहुंच गया। मोहल्ले के बाहर स्थित चाय की दुकान पर मिले मोहल्ला निवासी राघवेंद्र तिवारी, त्रिभुवन व फतेह मोहम्मद ने बताया कि लंबे समय बाद तमसा नदी के जलस्तर में इस प्रकार की वृद्धि हुई है। ऐसा दृश्य उन्होंने अब तक नहीं देखा। नदी के जलस्तर में इतनी तेजी से वृद्धि हुई कि उनके घरों में कमर तक पानी घुस गया है। ऐसे में उन्हें परिवार के साथ सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट होने को मजबूर होना पड़ा है। नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि कोई भी जिम्मेदार उनकी सुध लेने तक नहीं पहुंच सका है।
घर में पानी घुसने से बढ़ीं मुश्किलें
शहजहांपुर मठिया मंदिर निवासी रेखा, मोहम्मद सुल्तान, दानिश, मोहम्मद नईम ने कहा कि नदी के जलस्तर में वृद्धि होने से उनके घर में पानी घुस गया है। घर में कमर तक पानी घुस जाने से विभिन्न प्रकार की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक समस्या इस बात की है कि बाढ़ का पानी घर में घुसने से जहरीले कीड़ों के पहुंचने का भय हो गया है। यदि इसी प्रकार से जलस्तर में वृद्धि होती रही, तो सोमवार को उन्हें भी सुरक्षित स्थान पर जाने को मजबूर होना पड़ेगा।
वैकल्पिक नाव से परिवार को घर से निकाला
मुरादाबाद निवासी मोहम्मद जमील के घर में पानी घुस गया। चारों तरफ पानी से घर घिर जाने के चलते उसका परिवार घर में फंस गया। अमर उजाला टीम जब मौके पर पहुंची, तो देखा कि जमील हाथों में एक वैकल्पिक नाव लेकर घर की तरफ जा रहा था। पूछने पर बताया कि इस नाव के जरिए वह परिवार के एक-एक सदस्य को बाहर निकालेगा। इसके बाद सभी को लेकर किसी सुरक्षित स्थान पर पलायन कर जाएगा। कहा कि उनकी परेशानियों की किसी को सुध नहीं है। कोई भी उनकी समस्या को दूर करने के लिए यहां नहीं पहुंच सका है।
प्रमुख मार्गों पर भर गया पानी
तमसा नदी के बढ़े जलस्तर से कई प्रमुख मार्ग भी पूरी तरह से जलमग्र हो गए। अकबरपुर से तमसा मार्ग होते हुए पहितीपुर व शहजादपुर से अकबरपुर रेलवे स्टेशन जाने वाला मार्ग शनिवार शाम ही पूरी तरह से जलमग्र हो गया था। इन मार्गों पर रविवार को कमर तक पानी भर गया। इसके अलावा नई सड़क पर रविवार दोपहर पानी पहुंच गया। इस मार्ग पर स्थित एक दर्जन से अधिक दुकानों में भी बाढ़ का पानी पहुंच गया। नतीजा यह रहा कि इन मार्गों से होकर आवागमन करने वालों को मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
पानी भरने से बिजली आपूर्ति ठप
मुरादाबाद मोहल्ला में लगा ट्रांसफार्मर रविवार सुबह चारों तरफ से पानी से घिर गया। किसी प्रकार की अनहोनी रोकने के लिए इस ट्रांसफार्मर से होने वाली विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप कर दी गई। नतीजा यह हुआ कि लगभग 700 घरों की विद्युत आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। स्थानीय नागरिकों ने इस पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि बिजली गुल हो जाने से और भी मुश्किल हो रही है। एक तरफ बाढ़ का पानी घरों में घुस रहा है, तो दूसरी तरफ बिजली ठप हो जाने से और भी परेशानी हो रही है। जिम्मेदारों को मोबाइल ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कर आपूर्ति बहाल की जानी चाहिए।
कीटनाशक दवाओं का कराया जा रहा छिड़काव
जिन क्षेत्रों में नदी का पानी पहुंचा है, वहां का मैंने रविवार को स्थलीय निरीक्षण किया। सफाई कर्मियों की टीम लगातार संबंधित क्षेत्र में जुटी हुई है। सफाई का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। संक्रामक रोगों के फैलने को देखते हुए लगातार संबंधित क्षेत्र में कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया जा रहा है। लगभग 15 वर्ष बाद इस प्रकार से नदी में उफान हुआ है। जलबहाव की समुचित व्यवस्था न होने से और भी मुश्किल हो रही है।
-बीना सिंह, अधिशाषी अधिकारी अकबरपुर नगर पालिका परिषद