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Ambedkar Nagar News: धान की बिक्री का इंतजार, 230 ट्रॉलियों की लगी कतार
Fri, 22 Dec 2023 12:23 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
Updated Fri, 22 Dec 2023 12:23 AM IST
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नवीन मंडी परिसर में तौल के लिए खड़ी धान लदी ट्रालियां।
अंबेडकरनगर। धान बिक्री के लिए किसानों को कई दिनों तक अपनी बारी आने का इंतजार करना पड़ रहा है। सबसे ज्यादा मारामारी नवीन सब्जी मंडी सिझौली परिसर की है। यहां बिक्री के इंतजार में धान लदी 230 ट्राॅलियां कतार में खड़ी हैं। परिसर में अलग-अलग संस्थाओं के 14 क्रय केंद्र हैं।
धान की बिक्री के लिए यूं तो जिले के कई क्षेत्रों में किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन सबसे ज्यादा मारामारी जिला मुख्यालय स्थित नवीन मंडी समिति परिसर में है। यहां पांच एजेंसियों के 14 केंद्र धान खरीद के लिए खोले गए हैं। यहां यह सुविधा है कि जिले के किसी भी क्षेत्र के किसान धान को लाकर तौल करा सकते हैं। इसके चलते ही यहां प्रत्येक वर्ष धान की तौल को लेकर आपाधापी की स्थिति रहती है। इस बार भी यही हालात हैं। तौल कराने के लिए यहां किसानों की धान लदी ट्रैक्टर-ट्राॅलियां कई दिनों से खड़ी हैं।
किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आने वाले किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें किराए का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। उधर जिन किसानों की अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियां हैं उन्हें गन्ने की तौल समेत अन्य कार्यों में व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को 230 ट्रालियां धान लेकर नवीन मंडी परिसर में खड़ी रहीं। इनमें कई तो चार से पांच दिन से खड़ी थीं।
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5720 आवेदनों का नहीं हो पा रहा सत्यापन
खाद्य एवं रसद विभाग की बेवसाइट पर सभी पांच तहसील अकबरपुर, जलालपुर, भीटी, टांडा व आलापुर के 30 हजार 247 किसानों ने अब तक धान की बिक्री के लिए आवेदन किया है। इसमें से 24 हजार 527 किसानों का सत्यापन तो हो गया है, लेकिन 5 हजार 720 किसानों का आवेदन लंबित पड़ा है। इसमें 106 आवेदन एडीएम स्तर पर व पांच हजार 614 आवेदन सभी एसडीएम के स्तर पर लंबित हैं। अकबरपुर में सबसे अधिक 2,023, टांडा में कुल 1,586, आलापुर में 727, जलालपुर में 743 व भीटी में 641 आवेदन एसडीएम के स्तर पर लंबित चल रहे हैं। इसके चलते संबंधित किसान धान की बिक्री नहीं कर पा रहे हैं।
47,793 एमटी हुई धान की खरीद
जिला खाद्य एवं विपणन कार्यालय के अनुसार 20 दिसंबर तक 87 क्रय केंद्रों के माध्यम से नौ हजार 969 किसानों से 47 हजार 793 मीट्रिक धन धान की खरीद की गई है। खाद्य विभाग ने चार हजार 659 किसानों से 22 हजार 661 एमटी, पीसीएफ ने तीन हजार 766 किसानों से 17 हजार 588 एमटी, यूपीएसएस ने 544 किसानों से 2880 एमटी, पीसीयू ने 499 किसानों से दो हजार 438, मंडी समिति ने 299 किसानों से 1292 एमटी व भारतीय खाद्य निगम ने 202 किसानों से 931 एमटी धान की खरीद की है।
धान लदी ट्रैक्टर ट्राॅलियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। ट्राॅलियों पर धान लेकर आने के बाद टोकन मिलने की व्यवस्था की प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया है। अब किसानों को सिर्फ प्रपत्र लेकर आने पर तौल के लिए टोकन मिल जाएगा। इसके बाद वे संबंधित दिवस को आकर धान की तौल करा सकेंगे। डीएम अविनाश सिंह ने यह निर्णय लेते हुए निर्देश दिया है।
निर्देश में कहा गया है कि आवेदन की प्रति लेकर आने पर किसानों को मंडी परिसर में बने कार्यालय से टोकन जारी कर दिया जाए। इसके बाद संबंधित तिथि को आकर ही किसान अपने धान की तौल कराएं। इस निर्देश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है।
किसानों को नहीं होगी मुश्किल
मंडी समिति परिसर में नए प्रबंध लागू किए गए हैं। किसानों को कोई मुश्किल नहीं होने दी जाएगी। उनके धान की खरीद सुचारू ढंग से कराई जाएगी।
- डॉ. सदानंद गुप्त एडीएम
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धान की बिक्री के लिए यूं तो जिले के कई क्षेत्रों में किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन सबसे ज्यादा मारामारी जिला मुख्यालय स्थित नवीन मंडी समिति परिसर में है। यहां पांच एजेंसियों के 14 केंद्र धान खरीद के लिए खोले गए हैं। यहां यह सुविधा है कि जिले के किसी भी क्षेत्र के किसान धान को लाकर तौल करा सकते हैं। इसके चलते ही यहां प्रत्येक वर्ष धान की तौल को लेकर आपाधापी की स्थिति रहती है। इस बार भी यही हालात हैं। तौल कराने के लिए यहां किसानों की धान लदी ट्रैक्टर-ट्राॅलियां कई दिनों से खड़ी हैं।
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किराए पर ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर आने वाले किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें किराए का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है। उधर जिन किसानों की अपनी ट्रैक्टर-ट्रालियां हैं उन्हें गन्ने की तौल समेत अन्य कार्यों में व्यवधान का सामना करना पड़ रहा है। बृहस्पतिवार को 230 ट्रालियां धान लेकर नवीन मंडी परिसर में खड़ी रहीं। इनमें कई तो चार से पांच दिन से खड़ी थीं।
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5720 आवेदनों का नहीं हो पा रहा सत्यापन
खाद्य एवं रसद विभाग की बेवसाइट पर सभी पांच तहसील अकबरपुर, जलालपुर, भीटी, टांडा व आलापुर के 30 हजार 247 किसानों ने अब तक धान की बिक्री के लिए आवेदन किया है। इसमें से 24 हजार 527 किसानों का सत्यापन तो हो गया है, लेकिन 5 हजार 720 किसानों का आवेदन लंबित पड़ा है। इसमें 106 आवेदन एडीएम स्तर पर व पांच हजार 614 आवेदन सभी एसडीएम के स्तर पर लंबित हैं। अकबरपुर में सबसे अधिक 2,023, टांडा में कुल 1,586, आलापुर में 727, जलालपुर में 743 व भीटी में 641 आवेदन एसडीएम के स्तर पर लंबित चल रहे हैं। इसके चलते संबंधित किसान धान की बिक्री नहीं कर पा रहे हैं।
47,793 एमटी हुई धान की खरीद
जिला खाद्य एवं विपणन कार्यालय के अनुसार 20 दिसंबर तक 87 क्रय केंद्रों के माध्यम से नौ हजार 969 किसानों से 47 हजार 793 मीट्रिक धन धान की खरीद की गई है। खाद्य विभाग ने चार हजार 659 किसानों से 22 हजार 661 एमटी, पीसीएफ ने तीन हजार 766 किसानों से 17 हजार 588 एमटी, यूपीएसएस ने 544 किसानों से 2880 एमटी, पीसीयू ने 499 किसानों से दो हजार 438, मंडी समिति ने 299 किसानों से 1292 एमटी व भारतीय खाद्य निगम ने 202 किसानों से 931 एमटी धान की खरीद की है।
धान लदी ट्रैक्टर ट्राॅलियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने बड़ी राहत देने का निर्णय लिया है। ट्राॅलियों पर धान लेकर आने के बाद टोकन मिलने की व्यवस्था की प्रक्रिया को खत्म कर दिया गया है। अब किसानों को सिर्फ प्रपत्र लेकर आने पर तौल के लिए टोकन मिल जाएगा। इसके बाद वे संबंधित दिवस को आकर धान की तौल करा सकेंगे। डीएम अविनाश सिंह ने यह निर्णय लेते हुए निर्देश दिया है।
निर्देश में कहा गया है कि आवेदन की प्रति लेकर आने पर किसानों को मंडी परिसर में बने कार्यालय से टोकन जारी कर दिया जाए। इसके बाद संबंधित तिथि को आकर ही किसान अपने धान की तौल कराएं। इस निर्देश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली है।
किसानों को नहीं होगी मुश्किल
मंडी समिति परिसर में नए प्रबंध लागू किए गए हैं। किसानों को कोई मुश्किल नहीं होने दी जाएगी। उनके धान की खरीद सुचारू ढंग से कराई जाएगी।
- डॉ. सदानंद गुप्त एडीएम